भारतीय किसानों की रक्षा के लिए भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में निम्नलिखित में से किसे शुल्क रियायतों से बाहर रखा गया है?
- A.डेयरी उत्पाद
- B.लकड़ी के लट्ठे
- C.कोकिंग कोल
- D.धातु स्क्रैप
सही उत्तर
A. डेयरी उत्पाद
व्याख्या
सही उत्तर डेयरी उत्पाद है। किसानों की सुरक्षा के लिए भारत ने संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है: डेयरी, भेड़ के मांस को छोड़कर पशु मांस, प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल। यह इसलिए अहम है क्योंकि न्यूजीलैंड दुनिया के बड़े डेयरी निर्यातकों में है, और व्यापार वार्ताओं में डेयरी लंबे समय से भारत का सबसे संवेदनशील मुद्दा रहा है।
बाकी तीनों विकल्प उल्टी स्थिति के हैं। लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोल और धातु स्क्रैप ऐसे कच्चे माल हैं जिन्हें भारतीय निर्माता अब न्यूजीलैंड से बिना शुल्क आयात कर सकेंगे, जिससे उनकी लागत घटेगी और वे वैश्विक बाज़ारों में बेहतर मुकाबला कर पाएंगे। न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मनुका शहद को न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी अवधि वाले शुल्क दर कोटा के ज़रिए ही सीमित पहुंच मिलेगी, और साथ में भारतीय किसानों की मदद के लिए कृषि उत्पादकता साझेदारी होगी।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा
अभ्यास प्रश्न
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता किस तिथि से लागू होगा?
- A.27 अप्रैल 2026
- B.16 सितंबर 2026
- C.20 अक्टूबर 2026
- D.1 जनवरी 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 20 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 20 अक्टूबर 2026 है। 21 सितंबर 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने घोषणा की कि समझौता उसी दिन से लागू होगा, जो दशहरा-विजयादशमी का दिन है। गोयल ने कहा कि यह शुभ दिन सोच-समझकर चुना गया है।
बाकी तिथियां भी समझौते से जुड़ी हैं, इसीलिए भ्रमित करती हैं। 27 अप्रैल 2026 वह तिथि है जब नई दिल्ली के भारत मंडपम में एफटीए पर हस्ताक्षर हुए। 16 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड की संसद ने इसे लागू करने के लिए ज़रूरी कानून पारित किया। 1 जनवरी 2027 का समझौते से कोई संबंध नहीं है। तीनों तिथियों को क्रम से याद रखें: अप्रैल में हस्ताक्षर, सितंबर में न्यूजीलैंड की संसद से मंज़ूरी, और अक्टूबर से लागू।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है?
- A.10 अरब अमेरिकी डॉलर
- B.15 अरब अमेरिकी डॉलर
- C.20 अरब अमेरिकी डॉलर
- D.25 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 20 अरब अमेरिकी डॉलर
व्याख्या
सही उत्तर 20 अरब अमेरिकी डॉलर है। समझौते में न्यूजीलैंड की यह प्रतिबद्धता शामिल है कि वह भारत में इतने निवेश को सुगम बनाएगा, और वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इससे भारतीय कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्ट-अप्स को लाभ होगा।
बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। निवेश प्रतिबद्धता को व्यापार लक्ष्य से न मिलाएं: रणनीतिक साझेदारी के "रोडमैप टू 2030" के तहत दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर, यानी लगभग ₹35,000 करोड़, तक पहुंचाना है। 2025-26 में दोनों देशों का वस्तु व्यापार केवल लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो दिखाता है कि बढ़ने की कितनी गुंजाइश है। शुल्क कटौती के साथ ऐसी निवेश प्रतिबद्धताएं विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के हाल के व्यापार समझौतों की पहचान बन गई हैं।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए कुशल भारतीयों के लिए कितने अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का प्रावधान करता है?
- A.1,000
- B.3,000
- C.5,000
- D.10,000
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5,000
व्याख्या
सही उत्तर 5,000 है। समझौता कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का विशेष कोटा तय करता है, जिससे उन्हें न्यूजीलैंड में काम करने का स्पष्ट रास्ता मिलता है।
1,000 का आंकड़ा भी समझौते में है, लेकिन दूसरे वीज़ा के लिए: यह युवा भारतीयों को हर वर्ष मिलने वाले कार्य-अवकाश वीज़ा की संख्या है, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। 3,000 और 10,000 भ्रम के लिए हैं। सेवाओं के अध्याय में आईटी, पेशेवर सेवाएं, श्रव्य-दृश्य, निर्माण और पर्यटन समेत लगभग 118 क्षेत्र खुले हैं, और लगभग 139 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का दर्जा है। विद्यार्थियों पर कोई सीमा नहीं है, और पढ़ाई के बाद STEM स्नातकों को तीन वर्ष तथा डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम का अधिकार मिलता है।
ओपेक महासचिव हैथम अल ग़ैस के साथ ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता किसने की?
- A.पीयूष गोयल
- B.हरदीप सिंह पुरी
- C.निर्मला सीतारमण
- D.प्रह्लाद जोशी
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सही उत्तर: B. हरदीप सिंह पुरी
व्याख्या
सही उत्तर हरदीप सिंह पुरी है। विज्ञप्ति के अनुसार इस बैठक की सह-अध्यक्षता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ओपेक महासचिव ने संयुक्त रूप से की। यह संवाद तेल बाजार, ऊर्जा सुरक्षा और तेल उद्योग में निवेश से जुड़ा है, इसलिए भारत की ओर से इसकी अगुवाई पेट्रोलियम विभाग संभालने वाले मंत्री ही करते हैं; यही कड़ी याद रखने योग्य है। विकल्प पीयूष गोयल गलत है, क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय इस संवाद का नेतृत्व नहीं करता। विकल्प निर्मला सीतारमण भी गलत है, क्योंकि ऊर्जा कीमतों का अर्थव्यवस्था पर असर होने के बावजूद इस बैठक का नेतृत्व वित्त मंत्रालय ने नहीं किया। विकल्प प्रह्लाद जोशी इसलिए गलत है कि विज्ञप्ति में भारतीय सह-अध्यक्ष के रूप में केवल पेट्रोलियम मंत्री का नाम आया है।
ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की आठवीं उच्च स्तरीय बैठक किस शहर में होगी?
- A.नई दिल्ली
- B.रियाद
- C.वियना
- D.अबू धाबी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वियना
व्याख्या
सही उत्तर वियना है। विज्ञप्ति में दर्ज है कि दोनों पक्षों ने ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की आठवीं उच्च स्तरीय बैठक ऑस्ट्रिया के वियना में आपसी सहमति से तय तारीख पर आयोजित करने पर सहमति जताई। वियना में ही ओपेक का सचिवालय स्थित है, इसलिए यह तथ्य याद रखना आसान हो जाता है। विकल्प नई दिल्ली गलत है, क्योंकि नई दिल्ली में सातवीं बैठक हुई और यहीं इस संवाद की शुरुआत भी हुई थी, अगली बैठक यहां नहीं होगी। विकल्प रियाद गलत है, क्योंकि सऊदी अरब ओपेक का प्रमुख सदस्य होने के बावजूद अगली बैठक का स्थान नहीं है। विकल्प अबू धाबी भी इसी कारण गलत है। परीक्षा में दोनों शहरों को अलग-अलग याद रखें - अभी हुई बैठक के लिए नई दिल्ली और आगामी बैठक के लिए वियना।