महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण संगोष्ठी में चर्चित शब्द 'ब्लैक मास' किसे कहते हैं?
- A.कोयला धोने के बाद बची कोयले की धूल
- B.कच्चे तेल के शोधन का अवशेष
- C.नदी तल से निकाली गई गाद
- D.इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री
सही उत्तर
D. इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री
व्याख्या
सही उत्तर इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री है। जब पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों को इकट्ठा करके खोला और पीसा जाता है, तो एक गहरे रंग का चूर्ण बचता है, जिसे ब्लैक मास कहते हैं। इसमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज़ जैसी कीमती धातुएं तथा ग्रेफाइट होते हैं, जिन्हें आगे के प्रसंस्करण से निकाला जा सकता है। संगोष्ठी का एक तकनीकी सत्र लिथियम-आयन बैटरी से धातु पुनर्प्राप्ति और ब्लैक मास के निर्यात पर ही था।
बाकी विकल्प दूसरे उद्योगों से लिए गए भ्रम हैं। कोयले की धूल और रिफाइनरी का अवशेष महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण से जुड़े नहीं हैं, और नदी की गाद का इससे कोई संबंध नहीं। ब्लैक मास का मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि अगर इसे सीधे निर्यात कर दिया जाए तो कीमती धातुएं विदेश में निकाली जाती हैं; देश में ही इसका प्रसंस्करण इन खनिजों को घरेलू आपूर्ति शृंखला में रखता है, जो सर्कुलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है।
पूरा लेख पढ़ें: खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण पर अवधारणा पत्र जारी किया
अभ्यास प्रश्न
21 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम और सर्कुलर अर्थव्यवस्था पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में खान मंत्रालय ने क्या जारी किया?
- A.महत्वपूर्ण खनिजों का ट्रेडिंग एक्सचेंज
- B.महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र
- C.नए ई-कचरा (प्रबंधन) नियम
- D.नीलामी के लिए नए महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की सूची
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सही उत्तर: B. महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र
व्याख्या
सही उत्तर महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम पर अवधारणा पत्र है। नई दिल्ली में हुई संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्रियों ने यह पत्र जारी किया, जो भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को मज़बूत करने का रणनीतिक ढांचा प्रस्तुत करता है। इसका ज़ोर संसाधन दक्षता, ई-कचरे और जीवन-काल पूरा कर चुके उत्पादों जैसे द्वितीयक स्रोतों से खनिज निकालने, और सर्कुलर तथा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनाने पर है।
बाकी विकल्प विश्वसनीय लगते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में ऐसा कुछ नहीं हुआ। कोई ट्रेडिंग एक्सचेंज शुरू नहीं हुआ। ई-कचरा प्रबंधन नियम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय बनाता है, खान मंत्रालय नहीं। महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी खान मंत्रालय की अलग प्रक्रिया है और इस संगोष्ठी का हिस्सा नहीं थी। संगोष्ठी का उद्घाटन जी. किशन रेड्डी ने किया और इसका आयोजन मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ हुआ।
खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी किस संस्था के सहयोग से आयोजित की?
- A.फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
- B.मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- C.कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री
- D.भारतीय खान ब्यूरो
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सही उत्तर: B. मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया
व्याख्या
सही उत्तर मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया है। "भारत का महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण इकोसिस्टम और सर्कुलर अर्थव्यवस्था" पर दिन भर की राष्ट्रीय संगोष्ठी खान मंत्रालय ने पुनर्चक्रण उद्योग की संस्था एमआरएआई के सहयोग से आयोजित की। इसमें नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रमुख, पुनर्चक्रणकर्ता, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हुए।
फिक्की और सीआईआई व्यापक उद्योग संगठन हैं जो अक्सर मंत्रालयों के साथ कार्यक्रम करते हैं, इसलिए ये आकर्षक लगते हैं, लेकिन इस संगोष्ठी का आयोजन इन्होंने नहीं किया। भारतीय खान ब्यूरो खान मंत्रालय का अधीनस्थ कार्यालय है, जो खनिज संरक्षण और खनन के नियमन का काम करता है, इसलिए यह भी मज़बूत भ्रम है। इस खबर की जोड़ी याद रखें: खान मंत्रालय और एमआरएआई, जिसमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और सचिव केशव चंद्र ने संबोधित किया।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और सितंबर 2026 तक कितनी वाणिज्यिक इकाइयां चालू थीं?
- A.दस मंजूर, तीन चालू
- B.बारह मंजूर, पांच चालू
- C.पंद्रह मंजूर, छह चालू
- D.बीस मंजूर, आठ चालू
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सही उत्तर: B. बारह मंजूर, पांच चालू
व्याख्या
सही उत्तर बारह मंजूर और पांच चालू है। बैकग्राउंडर में कहा गया है कि सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत इतनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और उसी वर्ष सितंबर तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां परिचालन में आ चुकी थीं। पहला विकल्प दोनों ही गिनतियों में गलत है, यह मंजूरियों और चालू इकाइयों, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह मंजूरियों और इकाइयों, दोनों को बढ़ा देता है और ऐसा कोई हिसाब विज्ञप्ति में नहीं है। चौथा विकल्प इसी कारण गलत है और बताई गई स्थिति से सबसे दूर है। याद रखने लायक बात यह है कि मंजूरी मिलना और उत्पादन शुरू होना एक बात नहीं है, इसीलिए विज्ञप्ति में दोनों आंकड़े अलग-अलग दिए गए हैं। इसे पीएलआई योजनाओं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से भी जोड़कर याद रखें।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' पैनल चर्चा का संचालन किसने किया?
- A.नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
- B.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
- C.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
- D.इसरो के अध्यक्ष
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सही उत्तर: B. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
व्याख्या
सही उत्तर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा हैं। बैकग्राउंडर में उन्हीं को इस सत्र का संचालक बताया गया है, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधि यह चर्चा करने आए थे कि गहरा सहयोग देश की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं को कैसे तेज कर सकता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस सत्र से उस पद का कोई संबंध नहीं बताया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चर्चा मौद्रिक नीति की नहीं, विनिर्माण और उद्योग के आपसी तालमेल की थी। इसरो के अध्यक्ष वाला विकल्प भी इसी कारण गलत है। अभ्यर्थियों को नाम के साथ पद और मिशन का नाम भी याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्था पूछता है, नाम नहीं।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में कितने प्रदर्शकों ने भाग लिया?
- A.400 से अधिक
- B.600 से अधिक
- C.800 से अधिक
- D.1,000 से अधिक
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सही उत्तर: B. 600 से अधिक
व्याख्या
सही उत्तर 600 से अधिक है। बैकग्राउंडर के अनुसार आयोजन में इतने प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें लगभग तीन सौ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं, और इसी मिश्रण को भारत के सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का संकेत बताया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह बताई गई संख्या से कम है और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। तीसरा विकल्प उल्टे कारण से गलत है, यह संख्या को बढ़ा देता है और ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। चौथा विकल्प भी गलत है, क्योंकि चार अंकों वाला कोई दावा दस्तावेज में नहीं है। परीक्षा के लिए उपयोगी जोड़ी यह है कि कुल प्रदर्शक और उनमें अंतरराष्ट्रीय हिस्सेदारी, दोनों साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न एक देकर दूसरा पूछ सकता है।