Q21.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 2मध्यम
- A.संयुक्त देयता समूह (JLG)
- B.एमईडीपी (MEDP)
- C.एसजीएसवाई (SGSY)
- D.बीएलपी कार्यक्रम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संयुक्त देयता समूह (JLG)
व्याख्या
सही उत्तर है A, संयुक्त देयता समूह (JLG)। नाबार्ड ने 2004-05 में संयुक्त देयता समूह पर प्रायोगिक परियोजना शुरू की थी, ताकि छोटे, सीमांत और बटाईदार किसान बैंक से कर्ज ले सकें। ऐसे किसान अकसर उस जमीन पर खेती करते हैं जो उनके नाम नहीं होती, इसलिए बैंक जो कागज माँगता है, वे दे नहीं पाते। संयुक्त देयता समूह एक ही गाँव के करीब चार से दस किसानों का अनौपचारिक समूह होता है, जो मिलकर बैंक से कर्ज लेता है और एक-दूसरे की गारंटी देता है। इस तरह समूह का आपसी भरोसा ही जमानत का काम करता है। यह परियोजना कुछ राज्यों के चुने हुए बैंकों में चली, सफल रही और बाद में कृषि ऋण का नियमित माध्यम बन गई। B गलत है क्योंकि एमईडीपी परिपक्व स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए नाबार्ड का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है। C गलत है क्योंकि एसजीएसवाई ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्वरोजगार योजना थी। D गलत है क्योंकि एसएचजी बैंक लिंकेज कार्यक्रम 1992 में शुरू हुआ था। परीक्षा टिप: जेएलजी पायलट–2004-05, बिना जमानत सामूहिक गारंटी।
Q22.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 2आसान
- A.दंतिदुर्ग
- B.सिंहविष्णु
- C.उपेंद्रराय
- D.विजयालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. विजयालय
व्याख्या
सही उत्तर है D, विजयालय। विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में मुत्तरैयर सरदारों से तंजावुर छीनकर उस वंश की नींव रखी, जिसे इतिहास में साम्राज्यवादी चोल कहा जाता है। ये सरदार पल्लवों के अधीन सामंत थे। विजयालय ने जीते हुए नगर में निशुंभसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया और तंजावुर तब तक चोलों की राजधानी बना रहा, जब तक राजेंद्र प्रथम ने अपनी राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम नहीं बसाई। इस वंश का सबसे गौरवशाली दौर राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के समय आया। राजराज प्रथम ने तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जबकि राजेंद्र प्रथम ने श्रीलंका तथा समुद्र पार श्रीविजय तक चोल सेना पहुँचाई। A गलत है क्योंकि दंतिदुर्ग ने दक्कन के राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की थी। B गलत है क्योंकि सिंहविष्णु कांचीपुरम के आरंभिक पल्लव शासक थे। C गलत है क्योंकि उपेंद्रराय का चोल वंशावली में कोई स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: विजयालय–तंजावुर, राजराज प्रथम–बृहदेश्वर मंदिर, राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंडचोलपुरम।
Q23.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 4आसान
- A.चार्ल्स कॉर्नवालिस
- B.लॉर्ड विलियम बेंटिक
- C.लॉर्ड माउंटबेटन
- D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चार्ल्स कॉर्नवालिस
व्याख्या
सही उत्तर है A, चार्ल्स कॉर्नवालिस। कॉर्नवालिस 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहे और उन्होंने 1793 में बंगाल, बिहार तथा ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसकी अधिकांश तैयारी जॉन शोर ने की थी। इस व्यवस्था ने जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया और कंपनी को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया। इसका असर यह हुआ कि बाद में पैदावार बढ़ने पर जो लाभ हुआ, वह सरकार के बजाय जमींदार के पास गया। सूर्यास्त कानून के अनुसार तय दिन सूर्यास्त तक रकम जमा न करने वाले जमींदार की जागीर नीलाम हो जाती थी, जिससे कई पुराने घराने उजड़ गए और नए जमींदारों का वर्ग बना, जबकि किसान को जोत की कोई सुरक्षा नहीं मिली। B गलत है क्योंकि बेंटिक 1828 में आए और सती प्रथा की समाप्ति के लिए जाने जाते हैं। C गलत है क्योंकि माउंटबेटन 1947 के अंतिम वायसराय थे। D गलत है क्योंकि रिपन 1880 के दशक में स्थानीय स्वशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793–कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी–मुनरो, महालवाड़ी–होल्ट मैकेंजी।
Q24.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 2आसान
- A.बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
- B.भारतीय रिज़र्व बैंक
- C.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)
- D.नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)। सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है और निवेशकों के हितों की रक्षा करना उसके कानून में लिखा पहला काम है। इसकी स्थापना 1988 में हुई और सेबी अधिनियम, 1992 के जरिए इसे वैधानिक अधिकार मिले, क्योंकि उस दौर के प्रतिभूति घोटाले ने पुरानी व्यवस्था की कमजोरी उजागर कर दी थी। इसका मुख्यालय मुंबई में है। सेबी ब्रोकरों, मर्चेंट बैंकरों और म्यूचुअल फंडों का पंजीकरण करता है, सार्वजनिक निर्गम के नियम बनाता है, भेदिया कारोबार और भाव में हेराफेरी पर कार्रवाई करता है तथा छोटे निवेशकों की शिकायतों के लिए स्कोर्स नाम की ऑनलाइन व्यवस्था चलाता है। A गलत है क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज कारोबार का मंच है, नियामक नहीं। B गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक बैंकों, मुद्रा और ऋण को देखता है। D गलत है क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भी सेबी के नियमन में आता है। परीक्षा टिप: सेबी–1988 में गठन, 1992 में वैधानिक दर्जा, मुख्यालय मुंबई।
Q25.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 1मध्यम
- A.सिडबी (SIDBI)
- B.सेबी (SEBI)
- C.आईएफसीआई (IFCI)
- D.नाबार्ड (NABARD)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नाबार्ड (NABARD)
व्याख्या
सही उत्तर है D, नाबार्ड। ई-शक्ति परियोजना नाबार्ड ने 2015 में शुरू की थी, ताकि स्वयं सहायता समूहों के खाते और रिकॉर्ड डिजिटल मंच पर आ जाएँ। इससे पहले समूह अपनी बचत, कर्ज, उपस्थिति और किस्तों का हिसाब हाथ से लिखे रजिस्टरों में रखते थे, जिन्हें बैंक जल्दी जाँच नहीं पाता था। इस वजह से समूह की ग्रेडिंग और कर्ज मंजूर होने में लंबा समय लगता था। ई-शक्ति में यही रिकॉर्ड ऑनलाइन रहते हैं और कर्ज देने वाली शाखा उन्हें सीधे देख सकती है, जिससे अच्छा भुगतान करने वाले समूह को जल्दी वित्त मिल जाता है। इसकी शुरुआत झारखंड के रामगढ़ और महाराष्ट्र के धुले में प्रायोगिक रूप से हुई थी। A गलत है क्योंकि सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का शीर्ष बैंक है। B गलत है क्योंकि सेबी प्रतिभूति बाजार का नियामक है। C गलत है क्योंकि आईएफसीआई उद्योगों के लिए बना भारत का पहला विकास वित्त संस्थान है। परीक्षा टिप: नाबार्ड–एसएचजी बैंक लिंकेज 1992, जेएलजी पायलट 2004-05, ई-शक्ति 2015।
Q26.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 24 Jul 2023, Shift 4मध्यम
- A.अकबर द्वितीय
- B.शाह आलम द्वितीय
- C.बहादुर शाह प्रथम
- D.बहादुर शाह ज़फ़र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शाह आलम द्वितीय
व्याख्या
सही उत्तर B, शाह आलम द्वितीय है। पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 में अफगानिस्तान के अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुआ, जिसमें मराठे हार गए। उस समय मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय था, जिसने 1759 से 1806 तक शासन किया, हालाँकि उसके पास वास्तविक शक्ति नहीं थी और युद्ध के समय वह दिल्ली से बाहर था। विकल्प A गलत है क्योंकि अकबर द्वितीय ने 1806 से 1837 तक शासन किया, 1761 के बहुत बाद, और वह राम मोहन राय को राजा की उपाधि देने के लिए याद किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि औरंगजेब का पुत्र बहादुर शाह प्रथम 1707 से 1712 तक शासक रहा, युद्ध से आधी शताब्दी पहले। विकल्प D गलत है क्योंकि अंतिम सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र 1837 में गद्दी पर आया और 1857 के विद्रोह के बाद हटाया गया। तीनों पानीपत को 1526, 1556 और 1761 से जोड़कर याद रखिए।
Q27.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 05 Oct, 2023, Shift 3कठिन
- A.हुमायूँ शाह
- B.फिरोज शाह
- C.मुजाहिद शाह
- D.अहमद शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हुमायूँ शाह
व्याख्या
सही उत्तर A, हुमायूँ शाह है। हुमायूँ शाह बहमनी ने 1458 से 1461 तक शासन किया और दक्कन के इतिहासकारों ने उसके दंडों को इतना निर्मम बताया कि उसे ज़ालिम अर्थात अत्याचारी कहा जाने लगा। उसका छोटा शासनकाल मुख्यतः इसी उपाधि के लिए और इस तथ्य के लिए याद किया जाता है कि महमूद गवाँ उसके परामर्श मंडल में थे। विकल्प B गलत है क्योंकि फिरोज शाह बहमनी, जिन्होंने 1397 से 1422 तक शासन किया, इस वंश के सबसे विद्वान सुल्तान थे, जिन्होंने दौलताबाद में वेधशाला बनवाई और देवराय प्रथम की पुत्री से विवाह किया। विकल्प C गलत है क्योंकि मुजाहिद शाह, जिन्होंने 1375 से 1378 तक शासन किया, अपने विजयनगर अभियान और अपने चाचा द्वारा की गई हत्या के लिए जाने जाते हैं, क्रूरता के लिए नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अहमद शाह वली, जिन्होंने 1422 से 1436 तक शासन किया, राजधानी गुलबर्गा से बीदर ले जाने और अपनी संत जैसी छवि के लिए याद किए जाते हैं।
Q28.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 16 जून 2023, शिफ्ट 1आसान
- A.अनुच्छेद 224
- B.अनुच्छेद 226
- C.अनुच्छेद 220
- D.अनुच्छेद 222
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 226
व्याख्या
सही उत्तर अनुच्छेद 226 है। यह हर उच्च न्यायालय को अपने क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या प्राधिकारी को, मौलिक अधिकारों को लागू कराने "और किसी दूसरे प्रयोजन" के लिए, निर्देश, आदेश या रिट जारी करने की शक्ति देता है, जिनमें बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, अधिकार पृच्छा और उत्प्रेषण शामिल हैं। यही अंतिम शब्द उच्च न्यायालयों की रिट शक्ति को अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति से अधिक व्यापक बनाते हैं, जो केवल मौलिक अधिकारों तक सीमित है। दूसरी ओर, अनुच्छेद 32 खुद एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 नहीं, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकार की किसी सच्ची याचिका को केवल इसलिए सुनने से मना नहीं कर सकता कि उच्च न्यायालय में उपाय उपलब्ध है।
बाकी विकल्प उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से जुड़े पास के अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 220 सेवानिवृत्त स्थायी न्यायाधीश को उन्हीं न्यायालयों में वकालत करने से रोकता है। अनुच्छेद 222 राष्ट्रपति को किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे में तबादला करने देता है। अनुच्छेद 224 अतिरिक्त और कार्यवाहक न्यायाधीशों का प्रावधान करता है। दोनों रिट अनुच्छेदों को साथ याद रखें: सर्वोच्च न्यायालय के लिए 32 और उच्च न्यायालयों के लिए 226।
Q29.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 25 जुलाई 2023, शिफ्ट 3मध्यम
- A.अनुच्छेद 138
- B.अनुच्छेद 135
- C.अनुच्छेद 136
- D.अनुच्छेद 137
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अनुच्छेद 137
व्याख्या
सही उत्तर अनुच्छेद 137 है। यह सर्वोच्च न्यायालय को, संसद के बनाए किसी कानून और अनुच्छेद 145 के तहत न्यायालय के बनाए नियमों के अधीन, अपने सुनाए किसी भी निर्णय या दिए गए किसी भी आदेश का पुनर्विलोकन करने की शक्ति देता है। पुनर्विलोकन याचिका आमतौर पर वही पीठ सुनती है जिसने निर्णय दिया था, और यह तभी सफल होती है जब अभिलेख में स्पष्ट दिखने वाली कोई त्रुटि हो या ऐसा ही कोई मज़बूत आधार हो। पुनर्विलोकन के आगे, न्यायालय ने रूपा अशोक हुर्रा मामले (2002) में गंभीर अन्याय रोकने के अंतिम उपाय के रूप में उपचारात्मक याचिका को मान्यता दी।
बाकी विकल्प इसके ठीक आसपास के अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 135 सर्वोच्च न्यायालय को वह क्षेत्राधिकार देता है जो पहले के कानून के तहत संघीय न्यायालय के पास था। अनुच्छेद 136 किसी भी न्यायालय या अधिकरण के विरुद्ध विशेष अनुमति से अपील का है। अनुच्छेद 138 संसद को न्यायालय का क्षेत्राधिकार बढ़ाने की अनुमति देता है। 136 और 137 का क्रम याद रखने लायक है: पहले विशेष अनुमति से अपील, फिर अपने ही निर्णयों का पुनर्विलोकन।
Q30.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन
- A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
- B.अंबिका चरण मजूमदार
- C.भूपेंद्र नाथ बोस
- D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
व्याख्या
सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।
Q31.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 2मध्यम
- A.केशव चंद्र सेन
- B.राजा राम मोहन राय
- C.देवेंद्रनाथ टैगोर
- D.दयानंद सरस्वती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. देवेंद्रनाथ टैगोर
व्याख्या
सही उत्तर है C, देवेंद्रनाथ टैगोर। देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 में कलकत्ता में तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य उपनिषदों और वेदांत का अध्ययन करना तथा राजा राम मोहन राय के तर्कसंगत धर्म का प्रचार करना था। सभा ने एक विद्यालय चलाया और तत्वबोधिनी पत्रिका निकाली, जिसमें धर्म, विज्ञान और समाज सुधार पर लेख छपते थे; ईश्वर चंद्र विद्यासागर और अक्षय कुमार दत्त इसके सदस्यों में थे। रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ 1843 में ब्रह्म सभा से जुड़े और उसे ब्रह्म समाज के रूप में नया रूप दिया, तथा 1859 में तत्वबोधिनी सभा उसी में मिल गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि केशव चंद्र सेन बहुत बाद में ब्रह्म समाज से जुड़े और 1866 में अलग होकर भारतवर्षीय ब्रह्म समाज बनाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजा राम मोहन राय ने 1828 में ब्रह्म सभा बनाई और 1833 में उनका निधन हो गया, यानी इस सभा की स्थापना से पहले। विकल्प D गलत है, क्योंकि दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की। परीक्षा टिप: ब्रह्म सभा 1828 राम मोहन राय, तत्वबोधिनी सभा 1839 देवेंद्रनाथ टैगोर, आर्य समाज 1875 दयानंद सरस्वती।
Q32.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 13 Sept, 2023, Shift 3आसान
- A.सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय सेवा
- B.केंद्रीय मंत्रियों को वित्तीय सेवा
- C.कॉर्पोरेट को वित्तीय सेवा
- D.वंचित लोगों को वित्तीय सेवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वंचित लोगों को वित्तीय सेवा
व्याख्या
सही उत्तर है D, वंचित लोगों को वित्तीय सेवा। सूक्ष्म वित्त संस्था का काम उन गरीब और कम आय वाले लोगों को छोटी रकम उधार देना है, जो सामान्य बैंक की माँगी गई जमानत नहीं दे सकते। ये संस्थाएँ छोटे ऋण देती हैं, थोड़ी-थोड़ी बचत जमा करती हैं और सरल बीमा भी बेचती हैं। इनका काम आमतौर पर स्वयं सहायता समूहों या संयुक्त दायित्व समूहों के ज़रिए चलता है, जिनमें सदस्य एक-दूसरे की गारंटी बनते हैं, इसलिए अलग से जमानत नहीं चाहिए। ऋण की रकम छोटी होती है, किस्तें साप्ताहिक या मासिक होती हैं, और पैसा अक्सर छोटी दुकान, सिलाई मशीन, पशु या बीज के लिए लिया जाता है। भारत में ये संस्थाएँ भारतीय रिज़र्व बैंक के पास NBFC-MFI के रूप में पंजीकृत होती हैं, और नाबार्ड का स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता कार्यक्रम इसी विचार पर चलता है। A और B गलत हैं क्योंकि सरकारी कर्मचारी और केंद्रीय मंत्री नियमित वेतन पाते हैं तथा सामान्य बैंकों से ऋण ले सकते हैं। C गलत है क्योंकि कॉर्पोरेट ग्राहकों को वाणिज्यिक बैंक और पूँजी बाज़ार सेवा देते हैं। परीक्षा टिप: सूक्ष्म वित्त का अर्थ है गरीबों को बिना जमानत छोटे ऋण, स्वयं सहायता समूहों और RBI के अधीन NBFC-MFI के माध्यम से।
Q33.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 03 May 2023, Shift 3मध्यम
- A.रायचूर का युद्ध
- B.हल्दीघाटी का युद्ध
- C.तालिकोटा का युद्ध
- D.आरकाट का युद्ध
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तालिकोटा का युद्ध
व्याख्या
सही उत्तर है C, तालिकोटा का युद्ध। जनवरी 1565 में लड़े गए तालिकोटा के युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य की कमर तोड़ दी। बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर की दक्कनी सल्तनतों ने मिलकर इसके विरुद्ध मोर्चा बनाया, और उनकी संयुक्त सेना ने अराविडु वंश के संरक्षक आलिया राम राय को हराया, जिन्हें युद्धभूमि में पकड़कर मार डाला गया। विजेताओं ने तुंगभद्रा किनारे हम्पी में स्थित राजधानी विजयनगर को महीनों तक लूटा और वह नगर फिर कभी नहीं उठ सका। शासक पेनुकोंडा और बाद में चंद्रगिरी चले गए, और अगली शताब्दी में साम्राज्य सिमट गया। इस युद्ध को पास के दो गाँवों के नाम पर राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध भी कहा जाता है। A गलत है क्योंकि 1520 का रायचूर युद्ध कृष्णदेवराय के नेतृत्व में विजयनगर की जीत था। B गलत है क्योंकि 1576 का हल्दीघाटी युद्ध मेवाड़ में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ। D गलत है क्योंकि 1751 का आरकाट युद्ध कर्नाटक युद्धों का हिस्सा है। परीक्षा टिप: तालिकोटा 1565, राक्षसी-तंगड़ी भी कहा जाता है, राम राय मारे गए और हम्पी लूटी गई।
Q34.भूगोलपूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 1आसान
- A.शुष्क क्षेत्र
- B.ध्रुवीय क्षेत्र
- C.सवाना घास का मैदान
- D.उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ध्रुवीय क्षेत्र
व्याख्या
सही उत्तर है B, ध्रुवीय क्षेत्र। एस्किमो, जो स्वयं को इनुइट कहते हैं, ध्रुवीय क्षेत्र में रहते हैं, यानी ग्रीनलैंड, उत्तरी कनाडा, अलास्का और पूर्वी साइबेरिया के आर्कटिक इलाकों में। उनका घर ठंडा टुंड्रा प्रदेश है, जहाँ ज़मीन साल के ज़्यादातर समय जमी रहती है, इसलिए फसल नहीं उगती और वे सील, वालरस तथा कैरिबू के शिकार और मछली पकड़कर जीवन चलाते हैं। वे कुत्तों से खींची स्लेज और कयाक नाव से चलते हैं, खाल तथा फर के कपड़े पहनते हैं, और सर्दियों में इग्लू बनाते हैं, जो बर्फ के टुकड़ों का गुंबदनुमा घर है और जिसकी मोटी दीवारें भीतर की गर्मी रोक लेती हैं। गर्मियों में वे जानवरों की खाल का तंबू बनाते हैं, जिसे टुपिक कहते हैं। A गलत है क्योंकि शुष्क क्षेत्र में अरब के बद्दू जैसे लोग रहते हैं। C गलत है क्योंकि अफ्रीका के सवाना में मसाई चरवाहे रहते हैं। D गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय वर्षावन में कांगो बेसिन के पिग्मी रहते हैं। परीक्षा टिप: इनुइट-टुंड्रा, बद्दू-मरुस्थल, मसाई-सवाना, पिग्मी-विषुवतीय वन।
Q35.भूगोलपूछा गया: SSC MTS · 08 May 2023, Shift 1मध्यम
- A.ईसाई
- B.बौद्ध
- C.सिख
- D.मुस्लिम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ईसाई
व्याख्या
सही उत्तर है A, ईसाई। जनगणना 2011 में मुस्लिम भारत का सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय थे, जो कुल जनसंख्या के 14.2 प्रतिशत थे, और उसके बाद ईसाई 2.3 प्रतिशत के साथ आते हैं। इसी कारण ईसाई दूसरा सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय हैं। इसके बाद सिख 1.7 प्रतिशत, बौद्ध 0.7 प्रतिशत और जैन 0.4 प्रतिशत थे, जबकि हिंदू 79.8 प्रतिशत थे। नगालैंड, मिज़ोरम और मेघालय में ईसाई सबसे बड़ा समुदाय हैं, और केरल, गोवा तथा तमिलनाडु में भी उनकी अच्छी संख्या है। ये 2011 की गणना के आँकड़े हैं और नई जनगणना आने तक यही मान्य रहेंगे। B गलत है क्योंकि बौद्ध ईसाइयों और सिखों दोनों से कम हैं। C गलत है क्योंकि सिख अल्पसंख्यकों में तीसरे स्थान पर हैं। D गलत है क्योंकि मुस्लिम सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है, दूसरा नहीं। परीक्षा टिप: जनगणना 2011 – हिंदू 79.8, मुस्लिम 14.2, ईसाई 2.3, सिख 1.7, बौद्ध 0.7, जैन 0.4 प्रतिशत।
Q36.भूगोलपूछा गया: SSC MTS · 04 May 2023, Shift 1मध्यम
- A.गुजरात
- B.महाराष्ट्र
- C.पश्चिम बंगाल
- D.राजस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गुजरात
व्याख्या
सही उत्तर है A, गुजरात। कवास ताप विद्युत संयंत्र गुजरात के सूरत ज़िले में हज़ीरा के पास कवास में, ताप्ती नदी के किनारे स्थित है। यह NTPC का गैस आधारित संयंत्र है जिसकी स्थापित क्षमता लगभग 656 मेगावाट है, और इसे ईंधन हज़ीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइपलाइन से मिलता है, जो बॉम्बे हाई और साउथ बेसिन क्षेत्रों की गैस लाती है। गुजरात के पश्चिमी तट पर ऐसे कई गैस संयंत्र हैं, क्योंकि अपतटीय गैस क्षेत्र और टर्मिनल पास ही पड़ते हैं, जिससे ईंधन ढोने का खर्च कम रहता है। गैस संयंत्र जल्दी चालू-बंद हो सकता है, इसलिए यह शाम की चरम माँग पूरी करने में मदद करता है। B गलत है क्योंकि महाराष्ट्र का बड़ा गैस संयंत्र उरण है। C गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल में NTPC के फरक्का जैसे संयंत्र कोयले से चलते हैं। D गलत है क्योंकि राजस्थान में सूरतगढ़ और गिराल जैसे कोयला-लिग्नाइट संयंत्र हैं। परीक्षा टिप: गुजरात में कवास और गंधार गैस संयंत्र, महाराष्ट्र में उरण।
Q37.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 08 May 2023, Shift 1मध्यम
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.नीति आयोग
- C.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
- D.राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन
व्याख्या
सही उत्तर है D, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (NSSO)। भारत में गरीबी रेखा NSSO के बड़े नमूना सर्वेक्षणों से मिले उपभोग व्यय के आँकड़ों पर तय होती है। NSSO, जो अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का हिस्सा है, घरों से पूछता है कि वे महीने में भोजन और अन्य चीज़ों पर कितना खर्च करते हैं। इन आँकड़ों से एक न्यूनतम खर्च तय किया जाता है, जिसमें गाँवों में लगभग 2,400 और शहरों में 2,100 कैलोरी वाला भोजन तथा कपड़े, ईंधन, जूते और पढ़ाई शामिल होते हैं। इससे कम खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब गिना जाता है। लकड़ावाला, तेंदुलकर और रंगराजन जैसी विशेषज्ञ समितियों ने इसी आँकड़े से रेखा खींची। A गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा और मौद्रिक नीति देखता है। B गलत है क्योंकि नीति आयोग आँकड़े इस्तेमाल करता है, इकट्ठा नहीं करता। C गलत है क्योंकि ICAR कृषि अनुसंधान करता है। परीक्षा टिप: आँकड़े NSSO जुटाता है, रेखा विशेषज्ञ समितियाँ तय करती हैं।
Q38.भूगोलपूछा गया: SSC CHSL · 14 Aug, 2023, Shift 2मध्यम
- A.दोमट
- B.मार्ल
- C.लोएस
- D.पॉडसोल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोएस
व्याख्या
सही उत्तर है C, लोएस। लोएस बारीक गाद और धूल का वह निक्षेप है जिसे हवा उठाकर बहुत दूर जमा कर देती है, इसलिए यह हवा से बनी यानी वातोढ़ मिट्टी का सबसे जाना पहचाना उदाहरण है। यह ढीली, छिद्रयुक्त और हल्के पीले रंग की होती है, काटने पर सीधी दीवार की तरह टिकी रहती है, और पोषक तत्व रोकने के कारण बहुत उपजाऊ होती है। दुनिया में इसका सबसे बड़ा फैलाव उत्तरी चीन का लोएस पठार है, जो गोबी रेगिस्तान से उड़ी धूल से बना है, तथा यह मध्य यूरोप, मध्य एशिया और मिसिसिपी घाटी के भागों में भी मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दोमट रेत, गाद और चिकनी मिट्टी का संतुलित मिश्रण है और हवा से परिभाषित नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि मार्ल चूने से भरपूर चिकनी मिट्टी है, जो पानी में जमा होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पॉडसोल ठंडे शंकुधारी वन क्षेत्रों की राख जैसी धूसर, अम्लीय और निक्षालित मिट्टी है। परीक्षा टिप: लोएस यानी हवा से उड़ी गाद, और इसे बहाने वाली ह्वांग हो नदी इसीलिए पीली नदी कहलाती है।
Q39.भूगोलपूछा गया: SSC CHSL · 10 March, 2023, Shift 2मध्यम
- A.मैंग्रोव वन
- B.उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
- C.उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
- D.पर्वतीय वन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मैंग्रोव वन
व्याख्या
सही उत्तर है A, मैंग्रोव वन। ताड़, नारियल, केवड़ा और अगर भारत के मैंग्रोव यानी ज्वारीय वनों के वृक्ष बताए जाते हैं, जो डेल्टा, ज्वारनदमुख और खाड़ियों में वहाँ उगते हैं जहाँ जमीन समुद्र से मिलती है। इनकी जड़ें खारे पानी और कीचड़ में रहती हैं, इसलिए इनमें से कई जमीन के ऊपर श्वसन जड़ें निकालते हैं जिससे हवा मिल सके। भारत की सबसे बड़ी ऐसी पट्टी पश्चिम बंगाल में गंगा और ब्रह्मपुत्र डेल्टा का सुंदरवन है, जो अपने नाम वाले सुंदरी वृक्ष और रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है, तथा मैंग्रोव महानदी, गोदावरी और कृष्णा डेल्टा एवं अंडमान निकोबार द्वीपों में भी मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अत्यधिक वर्षा के सदाबहार वन रोजवुड, महोगनी और आबनूस देते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर्णपाती या मानसूनी वन सागौन, साल और शीशम देते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहाड़ों के पर्वतीय वन चीड़, देवदार, ओक और सिल्वर फर देते हैं। परीक्षा टिप: ज्वारीय वन, सुंदरवन और श्वसन जड़ें, तीनों का अर्थ मैंग्रोव है।
Q40.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 Aug, 2023, Shift 4मध्यम
- A.लॉर्ड वेलेजली
- B.लॉर्ड डलहौजी
- C.लॉर्ड कार्नवालिस
- D.वॉरेन हेस्टिंग्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वॉरेन हेस्टिंग्स
व्याख्या
सही उत्तर है D, वॉरेन हेस्टिंग्स। बंगाल के ब्राह्मण राजस्व अधिकारी राजा नंदकुमार ने वॉरेन हेस्टिंग्स पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके तुरंत बाद नंदकुमार पर ही जालसाजी का मुकदमा चला, कलकत्ता के सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश एलिजा इम्पे के सामने सुनवाई हुई और 1775 में उन्हें फाँसी दे दी गई। भारतीय मत यह रहा कि आरोप लगाने वाले को चुप कराने के लिए मुकदमा गढ़ा गया था, और इस घटना को नंदकुमार की न्यायिक हत्या कहा जाता है। यह बंगाल के पहले गवर्नर जनरल हेस्टिंग्स के विरुद्ध ब्रिटिश संसद में चले महाभियोग के आरोपों में से एक बना, जिसमें अंत में वे बरी हो गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि वेलेजली बहुत बाद में आए और सहायक संधि प्रणाली के लिए जाने जाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि डलहौजी 1850 के दशक और व्यपगत के सिद्धांत से जुड़े हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कार्नवालिस हेस्टिंग्स के बाद आए और 1793 की स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: नंदकुमार, रोहिला युद्ध और चैत सिंह प्रकरण, तीनों वॉरेन हेस्टिंग्स पर लगे आरोप हैं।