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GK24

SSC CHSL पिछले वर्ष के GK प्रश्न

पिछले वर्षों के प्रश्न सबसे अच्छी तरह बताते हैं कि आयोग CHSL के General Awareness भाग में असल में क्या पूछता है, क्योंकि सूचना का सांकेतिक पाठ्यक्रम बहुत व्यापक है और पेपर उतना नहीं। पिछले कुछ वर्षों के PYQ पढ़ने से हर क्षेत्र का भार, राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और विज्ञान में 12वीं स्तर के अपेक्षित विवरण, और करेंट अफेयर्स पूछने का ढंग समझ आता है, जो प्रायः किसी हाल की घटना से जुड़ा तथ्य होता है। कई प्रश्न सार में दोहराए जाते हैं: वही संवैधानिक अनुच्छेद, राजवंश, नदियाँ, राष्ट्रीय उद्यान, पुरस्कार और योजनाएँ नए विकल्पों के साथ लौटते हैं, और Tier-II में अक्सर Tier-I के ही विषय थोड़ी अधिक गहराई से पूछे जाते हैं। इस पेज पर SSC CHSL के Tier-I और Tier-II के पिछले वर्षों के General Awareness प्रश्न हिंदी और अंग्रेज़ी में हैं, हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और उसका विषय, ताकि प्रश्न से सीधे उस GK नोट तक पहुँचा जा सके जो उसे कवर करता है। इन्हें तीन चरणों में हल करें: पहले बिना समय देखे सीखने के लिए, फिर समय लगाकर गति बनाने के लिए, और एक हफ़्ते बाद अपने गलत उत्तर दोबारा देखें। PYQ को इस साइट की क्विज़ और दैनिक करेंट अफेयर्स के साथ जोड़ें, तो General Awareness के प्रश्न अंदाज़ा लगाने का खेल नहीं रहते।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q21.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 Mar 2023, Shift 2मध्यम

________ (1813 से 1823 तक गवर्नर जनरल) के अधीन 'सर्वोच्चता' (paramountcy) की एक नई नीति शुरू की गई। अब कंपनी का दावा था कि उसकी सत्ता सर्वोच्च है, इसलिए उसकी शक्ति भारतीय राज्यों से बड़ी है।

  1. A.लॉर्ड एमहर्स्ट
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.लॉर्ड हेस्टिंग्स
  4. D.लॉर्ड ऑकलैंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड हेस्टिंग्स। यह वाक्य एनसीईआरटी कक्षा 8 के इतिहास अध्याय 'व्यापार से साम्राज्य तक' से है। 1813 से 1823 तक गवर्नर-जनरल रहे लॉर्ड हेस्टिंग्स ने घोषित किया कि कंपनी की सत्ता सर्वोच्च (paramount) है, इसलिए अपने हितों की रक्षा के लिए वह किसी भी भारतीय राज्य को धमका या हड़प सकती है। उनके समय कंपनी ने आंग्ल-नेपाल युद्ध (1814 से 1816) लड़ा, जो सुगौली संधि से खत्म हुआ, पिंडारियों का दमन किया और तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध (1817 से 1818) जीता, जिसके बाद पेशवा का पद समाप्त कर दिया गया; मद्रास में थॉमस मुनरो की रैयतवाड़ी व्यवस्था (1820) भी इसी काल की है। इन्हें बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स से न मिलाएँ। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड एमहर्स्ट (1823 से 1828) ने पहला आंग्ल-बर्मा युद्ध लड़ा, जो यांडबू संधि से खत्म हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786 से 1793) स्थायी बंदोबस्त के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड ऑकलैंड (1836 से 1842) पहले आंग्ल-अफगान युद्ध से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: वेलेजली = सहायक संधि, लॉर्ड हेस्टिंग्स = सर्वोच्चता, डलहौजी = व्यपगत सिद्धांत।

Q22.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 2आसान

_______ बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल थे।

  1. A.वारेन हेस्टिंग्स
  2. B.विलियम बेंटिंक
  3. C.चार्ल्स मेटकाफ
  4. D.जॉन शोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वारेन हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है A, वारेन हेस्टिंग्स। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बना और तब बंगाल के गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स 1774 से 1785 तक इसके पहले धारक बने; उनके साथ चार सदस्यों की परिषद थी और 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट बना। उन्होंने क्लाइव की द्वैध शासन व्यवस्था खत्म की, खजाना मुर्शिदाबाद से कलकत्ता लाए, हर जिले में दीवानी और फौजदारी अदालतें बनाईं और 1781 में कलकत्ता मदरसा की स्थापना की; 1784 में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल भी उनके समय में बनी। इंग्लैंड लौटने पर 1788 से 1795 तक उन पर महाभियोग चला और वे बरी हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि विलियम बेंटिंक 1833 के चार्टर एक्ट के तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने 1829 में सती प्रथा पर रोक लगाई। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स मेटकाफ (1835 से 1836) ने प्रेस को आज़ाद किया। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन शोर (1793 से 1798) कॉर्नवालिस के बाद आए और अहस्तक्षेप नीति के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: बंगाल का पहला गवर्नर-जनरल = वारेन हेस्टिंग्स (1773 एक्ट), भारत का पहला गवर्नर-जनरल = विलियम बेंटिंक (1833 एक्ट)।

Q23.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 05 Jul 2024, Shift 4कठिन

निम्नलिखित में से किस चोल सम्राट ने वेल्लोर के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय को हराया था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजेंद्र प्रथम
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, परांतक प्रथम। आदित्य प्रथम के पुत्र परांतक प्रथम (907 से 955 ईस्वी) ने लगभग 915 ईस्वी में वेल्लूर (वेल्लोर) के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय और उसके श्रीलंकाई सहयोगियों को हराया और 'मदुरैकोंड' यानी 'मदुरै का विजेता' उपाधि ली। उसके शासन की पहचान 919 और 921 ईस्वी के उत्तरमेरुर अभिलेखों से भी है, जो बताते हैं कि गाँव की सभाएँ लॉटरी से कैसे चुनी जाती थीं, और उसने चिदंबरम के नटराज मंदिर को सोने से मढ़वाया। शासन के अंत में वह तक्कोलम के युद्ध (949 ईस्वी) में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय से हारा, जिसमें उसका पुत्र राजादित्य मारा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम (985 से 1014 ईस्वी) बाद में आया और तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने गंगा अभियान किया और 'गंगैकोंड चोल' उपाधि ली। विकल्प D गलत है क्योंकि विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में तंजावुर जीतकर चोल साम्राज्य की नींव रखी थी, इस युद्ध से पहले। परीक्षा टिप: वेल्लूर = परांतक प्रथम (मदुरैकोंड), तक्कोलम = कृष्ण तृतीय से चोल हार।

Q24.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन शुंग वंश का शासक था?

  1. A.पोरस
  2. B.पुष्यमित्र
  3. C.बिंदुसार
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुष्यमित्र

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुष्यमित्र। पुष्यमित्र शुंग ने लगभग 185 ईसा पूर्व अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ को सेना की परेड के दौरान मारकर शुंग वंश की स्थापना की; वह मौर्य सेना का सेनापति था। शुंगों ने पाटलिपुत्र और बाद में विदिशा से लगभग 112 साल शासन किया, और पुष्यमित्र ने दो अश्वमेध यज्ञ किए, जो अशोक के बौद्ध संरक्षण के बाद ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का संकेत है। भरहुत स्तूप की वेदिका और साँची स्तूप का विस्तार इसी काल के हैं, और महाभाष्य के रचयिता पतंजलि उसके दरबार में थे। अंतिम शुंग राजा देवभूति को उसके मंत्री वासुदेव कण्व ने मारकर कण्व वंश शुरू किया। विकल्प A गलत है क्योंकि पोरस पंजाब का राजा था जिसने 326 ईसा पूर्व झेलम (हाइडेस्पीज़) के युद्ध में सिकंदर से लड़ाई की। विकल्प C गलत है क्योंकि बिंदुसार चंद्रगुप्त का पुत्र और दूसरा मौर्य सम्राट था। विकल्प D गलत है क्योंकि अशोक मौर्य था, शुंग नहीं। परीक्षा टिप: मौर्य वंश का अंत बृहद्रथ, शुंग की शुरुआत पुष्यमित्र (185 ईसा पूर्व), कण्व की शुरुआत वासुदेव।

Q25.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2024, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद नागरिकता के विषय पर कानून बनाने की पूर्ण शक्ति संसद को देता है?

  1. A.अनुच्छेद 11
  2. B.अनुच्छेद 5
  3. C.अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 11

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 11। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। अनुच्छेद 5 से 10 ने सिर्फ यह तय किया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होते समय कौन नागरिक था; अनुच्छेद 11 यह पूरा विषय संसद को सौंप देता है और नागरिकता के अर्जन व समाप्ति पर कोई भी कानून बनाने की पूरी शक्ति देता है। इसी शक्ति से संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 बनाया, जिसमें नागरिकता पाने के पाँच तरीके हैं: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र का विलय। भारत में एकल नागरिकता है और नागरिकता संघ सूची (प्रविष्टि 17) का विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 5 संविधान लागू होने के समय अधिवास के आधार पर नागरिकता बताता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 8 भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के बारे में है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से आए प्रवासियों के बारे में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 5 से 10 = 1950 में कौन नागरिक था, अनुच्छेद 11 = संसद की शक्ति, नागरिकता अधिनियम = 1955।

Q26.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 20 Mar 2023, Shift 3कठिन

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद कहता है कि 'राज्य सभा यथाशीघ्र अपने किसी सदस्य को अपना उपसभापति चुनेगी और जब-जब उपसभापति का पद रिक्त होगा, राज्य सभा किसी अन्य सदस्य को उपसभापति चुनेगी'?

  1. A.अनुच्छेद 14
  2. B.अनुच्छेद 89
  3. C.अनुच्छेद 377
  4. D.अनुच्छेद 370
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 89

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 89। अनुच्छेद 89 राज्य सभा के सभापति और उपसभापति से जुड़ा है। खंड (1) के अनुसार भारत का उपराष्ट्रपति पदेन राज्य सभा का सभापति होता है, और खंड (2) कहता है कि राज्य सभा अपने सदस्यों में से एक को उपसभापति चुनेगी और जब भी यह पद खाली होगा, दूसरा सदस्य चुनेगी। अनुच्छेद 90 उपसभापति के पद छोड़ने, त्यागपत्र और हटाए जाने के बारे में है, और अनुच्छेद 93 लोक सभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए ऐसा ही प्रावधान है। परीक्षक यह बात पूछते हैं कि सभापति सदन का सदस्य नहीं होता जबकि उपसभापति हमेशा सदस्य होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 377 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से जुड़ा एक अस्थायी प्रावधान है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित था। परीक्षा टिप: 89 = राज्य सभा सभापति व उपसभापति, 93 = लोक सभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।

Q27.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Mar 2023, Shift 1आसान

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित करता है?

  1. A.अनुच्छेद 370
  2. B.अनुच्छेद 51A
  3. C.अनुच्छेद 80
  4. D.अनुच्छेद 343
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 343

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 343। अनुच्छेद 343(1) कहता है कि संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी और सरकारी कामकाज में भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप प्रयोग होगा। इसमें 1950 से पंद्रह साल तक अंग्रेज़ी जारी रखने की छूट थी; फिर राजभाषा अधिनियम 1963 ने 1965 के बाद भी हिंदी के साथ अंग्रेज़ी को बनाए रखा। अनुच्छेद 343 से 351 तक भाग XVII 'राजभाषा' है, और हिंदी दिवस 14 सितंबर को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में अपनाया था। ध्यान रखें, भारत की कोई 'राष्ट्रभाषा' नहीं है; हिंदी संघ की राजभाषा है और आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 51A में मौलिक कर्तव्य हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 80 राज्य सभा की संरचना के बारे में है। परीक्षा टिप: 343 = देवनागरी में हिंदी, 344 = राजभाषा आयोग, 348 = न्यायालयों की भाषा।

Q28.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 09 Mar 2023, Shift 4मध्यम

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 2 किससे संबंधित है?

  1. A.नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
  2. B.मौजूदा राज्यों के क्षेत्र में परिवर्तन
  3. C.मौजूदा राज्यों के नाम में परिवर्तन
  4. D.संघ का नाम और राज्यक्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

व्याख्या

सही उत्तर है A, नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना। अनुच्छेद 2 संसद को अधिकार देता है कि वह ऐसी शर्तों पर, जो उसे ठीक लगें, नए राज्यों को संघ में शामिल करे या उनकी स्थापना करे। अनुच्छेद 2 उस क्षेत्र से जुड़ा है जो भारत से बाहर हो, जैसे सिक्किम, जिसे 1975 में 36वें संशोधन से पूर्ण राज्य बनाया गया। इसके उलट अनुच्छेद 3 भारत के भीतर काम करता है: संसद मौजूदा राज्यों से नया राज्य बना सकती है और उनके क्षेत्र, सीमा या नाम बदल सकती है, जैसे 2014 में तेलंगाना बना। दोनों भाग I, अनुच्छेद 1 से 4, 'संघ और उसका राज्यक्षेत्र' में हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि मौजूदा राज्य का क्षेत्र बदलना अनुच्छेद 3 की शक्ति है। विकल्प C गलत है क्योंकि मौजूदा राज्य का नाम बदलना भी अनुच्छेद 3 में आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि संघ का नाम और राज्यक्षेत्र, 'इंडिया अर्थात भारत राज्यों का संघ होगा', अनुच्छेद 1 में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 2 = बाहर से नए राज्य, अनुच्छेद 3 = भीतर राज्यों का पुनर्गठन।

Q29.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 14 Mar 2023, Shift 2मध्यम

भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्य सभा (Council of States) की संरचना निर्धारित करता है?

  1. A.अनुच्छेद 80
  2. B.अनुच्छेद 395
  3. C.अनुच्छेद 51 A
  4. D.अनुच्छेद 12
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 80

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 80। अनुच्छेद 80 बताता है कि राज्य सभा यानी Council of States किन सदस्यों से बनेगी। इसमें अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं: 12 सदस्य राष्ट्रपति साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा के क्षेत्र से मनोनीत करते हैं, और अधिकतम 238 सदस्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य एकल संक्रमणीय मत से आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा चुनते हैं। अगला अनुच्छेद 81 यही काम लोक सभा के लिए करता है, और अनुच्छेद 79 से 122 तक पूरा संसद वाला हिस्सा है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 395 केवल भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और भारत शासन अधिनियम 1935 को निरस्त करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 51A में नागरिकों के मौलिक कर्तव्य दिए गए हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 12 भाग III के लिए 'राज्य' की परिभाषा देता है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें, 80 = राज्य सभा की संरचना, 81 = लोक सभा की संरचना, और 250 = 238 + 12।

Q30.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 8 जुलाई 2024, शिफ्ट 1मध्यम

कौन-सा अनुच्छेद यह प्रावधान करता है कि सभी अल्पसंख्यकों को अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार है?

  1. A.अनुच्छेद 24
  2. B.अनुच्छेद 26
  3. C.अनुच्छेद 32
  4. D.अनुच्छेद 30
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 30

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 30 है। अनुच्छेद 30(1) सभी अल्पसंख्यकों को, चाहे वे धर्म पर आधारित हों या भाषा पर, अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 30(2) जोड़ता है कि शिक्षा संस्थाओं को सहायता देते समय राज्य किसी संस्था के साथ इस आधार पर भेदभाव नहीं करेगा कि उसका प्रबंध किसी अल्पसंख्यक वर्ग के हाथ में है। अनुच्छेद 29 के साथ मिलकर यह संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार बनाता है।

अनुच्छेद 26 सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि वह भी संस्थाएं स्थापित करने की बात करता है। लेकिन अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को धार्मिक और परोपकारी प्रयोजनों के लिए संस्थाएं स्थापित करने और चलाने तथा अपने धार्मिक कार्यों का प्रबंध करने का अधिकार देता है; यह धर्म के बारे में है, शिक्षा के बारे में नहीं। अनुच्छेद 30 खास तौर पर शिक्षा संस्थाओं और खास तौर पर अल्पसंख्यकों के लिए है। इसके उलट अनुच्छेद 29 नागरिकों के किसी भी ऐसे वर्ग की रक्षा करता है जिसकी अलग भाषा, लिपि या संस्कृति है, चाहे वह बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक। बाकी विकल्पों में अनुच्छेद 24 खतरनाक काम में बाल श्रम पर रोक लगाता है और अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार है।

Q31.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 13 मार्च 2023, शिफ्ट 4मध्यम

निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन अधिनियम ने भारतीय संविधान में शिक्षा का अधिकार जोड़ा?

  1. A.85वां
  2. B.88वां
  3. C.87वां
  4. D.86वां
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 86वां

व्याख्या

सही उत्तर 86वां है। 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 ने अनुच्छेद 21A जोड़कर शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया, जिसके तहत राज्य छह से चौदह वर्ष के सभी बच्चों को, कानून द्वारा तय तरीके से, निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देगा। वह कानून निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 है, जो 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

इसी संशोधन ने दो और बदलाव किए, और दोनों परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसने नीति निदेशक तत्व अनुच्छेद 45 को बदला, जो अब राज्य से छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था करने को कहता है। और इसने एक मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 51A(ट), जोड़ा, जिसके तहत माता-पिता या संरक्षक छह से चौदह वर्ष के अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर देंगे। इस तरह एक संशोधन ने संविधान के तीन भागों को छुआ: मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य। 85वां, 87वां और 88वां पास की संख्याएं हैं जो भ्रम के लिए रखी गई हैं; उदाहरण के लिए 85वां संशोधन अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए पदोन्नति में परिणामी वरिष्ठता से जुड़ा था।

Q32.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 8 अगस्त 2023, शिफ्ट 4मध्यम

मौलिक अधिकार जनता को राज्य की दमनकारी कार्रवाइयों से बचाने के लिए दिए गए हैं; न्यायिक निर्णय भारतीय संविधान के ______ में परिभाषित ‘राज्य’ शब्द के दायरे को बढ़ाते रहे हैं।

  1. A.अनुच्छेद 12
  2. B.अनुच्छेद 14
  3. C.अनुच्छेद 15
  4. D.अनुच्छेद 13
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 12

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 12 है। अधिकांश मौलिक अधिकार राज्य के विरुद्ध दावे हैं, इसलिए जो भी "राज्य" माना जाता है, वह इनसे बंधा है। अनुच्छेद 12 भाग III के लिए राज्य की परिभाषा देता है, जिसमें भारत की सरकार और संसद, हर राज्य की सरकार और विधानमंडल, तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर या भारत सरकार के नियंत्रण में सभी स्थानीय और अन्य प्राधिकारी शामिल हैं। स्थानीय प्राधिकारियों में नगरपालिकाएं और पंचायतें जैसे निकाय आते हैं।

प्रश्न में न्यायिक निर्णयों की बात "अन्य प्राधिकारी" शब्दों से जुड़ी है। न्यायालयों ने इनका अर्थ व्यापक रूप से लिया है और माना है कि जीवन बीमा निगम और तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग जैसे वैधानिक और सरकार-नियंत्रित निकाय भी इस प्रयोजन के लिए राज्य हैं। अनुच्छेद 13 सबसे आकर्षक गलत उत्तर है क्योंकि वह ठीक बगल में है: वह मौलिक अधिकारों से असंगत कानूनों को शून्य बनाता है और न्यायिक पुनरावलोकन का आधार है। अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता देता है और अनुच्छेद 15 भेदभाव पर रोक लगाता है। इन्हें अलग रखने का आसान तरीका: अनुच्छेद 12 बताता है कि अधिकार किसके विरुद्ध लागू होते हैं, और अनुच्छेद 13 बताता है कि उनका उल्लंघन करने वाले कानून का क्या होता है।

Q33.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 9 मार्च 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार ______ के संविधान से लिया गया है।

  1. A.सोवियत संघ (वर्तमान रूस)
  2. B.कनाडा
  3. C.ब्रिटेन
  4. D.संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका है। संविधान की शुरुआत प्रस्तावना से करने का विचार अमेरिका के संविधान से लिया गया, जिसका पाठ खुद "We the People" शब्दों से शुरू होता है। लेकिन भारत की प्रस्तावना की विषय-वस्तु जवाहरलाल नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव से आई, जो 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में पेश हुआ और 22 जनवरी 1947 को स्वीकार हुआ।

बाकी देश प्रस्तावना या संविधान के दूसरे हिस्सों के स्रोत हैं। सोवियत संघ सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय के आदर्श का स्रोत है। ब्रिटेन से संसदीय शासन, विधि का शासन और एकल नागरिकता ली गई। कनाडा से सशक्त केंद्र वाले संघ का मॉडल लिया गया। दो मिलते-जुलते प्रश्नों को अलग रखें: प्रस्तावना रखने का विचार अमेरिका से आया, जबकि इसके भीतर लिखे स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श फ्रांसीसी क्रांति से आए।

Q34.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 जुलाई 2024, शिफ्ट 3मध्यम

प्रस्तावना के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द-क्रम सही है?

  1. A.संप्रभु, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  2. B.संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य
  3. C.पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी, संप्रभु
  4. D.समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य, संप्रभु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य

व्याख्या

सही उत्तर संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य है। प्रस्तावना भारत का वर्णन इसी क्रम में करती है: "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य"। समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द 1976 में 42वें संशोधन से संप्रभु और लोकतांत्रिक के बीच जोड़े गए; उससे पहले यह वाक्यांश "संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य" था।

पहला विकल्प समाजवादी और पंथनिरपेक्ष की जगह आपस में बदल देता है, जो सबसे आम गलती है, क्योंकि दोनों शब्द एक साथ जोड़े गए थे। तीसरा विकल्प "पंथनिरपेक्ष" को दोहराता है और गलत शब्द से शुरू होता है, और चौथा "संप्रभु" को आगे से हटाकर अंत में रख देता है। क्रम याद रखने का आसान तरीका: 1976 में जोड़े गए दोनों शब्द बीच में साथ-साथ हैं, पहले समाजवादी फिर पंथनिरपेक्ष, मूल पहले शब्द (संप्रभु) और मूल अंतिम दो शब्दों (लोकतांत्रिक गणराज्य) के बीच।

Q35.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 25 मार्च 2018, शिफ्ट 2मध्यम

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के निलंबन की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.जर्मनी
  3. C.रूस
  4. D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जर्मनी

व्याख्या

सही उत्तर जर्मनी है। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को निलंबित करने का प्रावधान जर्मनी के वाइमर संविधान से लिया गया है। भारतीय संविधान का यही प्रावधान आमतौर पर इस स्रोत से जोड़ा जाता है।

बाकी विकल्प दूसरे प्रावधानों के स्रोत हैं। फ्रांस से गणतंत्र का विचार और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श लिए गए। रूस, यानी पूर्व सोवियत संघ, से मौलिक कर्तव्य और सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय का आदर्श लिया गया। ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ली गई। आपातकालीन प्रावधान कुल मिलाकर मुख्य रूप से भारत शासन अधिनियम, 1935 से आए हैं, इसलिए सामान्य रूप से "आपातकालीन प्रावधानों" का प्रश्न उस अधिनियम की ओर इशारा करता है, जबकि "आपातकाल में मौलिक अधिकारों के निलंबन" का प्रश्न जर्मनी की ओर। उत्तर चुनने से पहले प्रश्न के शब्द ध्यान से पढ़ें।

Q36.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 2 अगस्त 2023, शिफ्ट 4मध्यम

संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली संविधान सभा का कानूनी सलाहकार निम्नलिखित में से किसे नियुक्त किया गया था?

  1. A.एच.वी.आर. आयंगर
  2. B.एस.एन. मुखर्जी
  3. C.बी.आर. आंबेडकर
  4. D.बी.एन. राव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी.एन. राव

व्याख्या

सही उत्तर बी.एन. राव है। सर बेनेगल नरसिंह राव को संविधान सभा का संवैधानिक (कानूनी) सलाहकार नियुक्त किया गया था। उन्होंने दूसरे देशों के संविधानों का अध्ययन किया और संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया, जिस पर प्रारूप समिति ने काम किया और फरवरी 1948 में अपना प्रारूप प्रकाशित किया।

बी.आर. आंबेडकर यहां सबसे संभावित गलत चुनाव हैं: वे प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान को सभा में पारित कराया, लेकिन वे सभा के सलाहकार नहीं थे। एच.वी.आर. आयंगर संविधान सभा के सचिव थे, जो एक प्रशासनिक पद था, और एस.एन. मुखर्जी सभा के मुख्य प्रारूपकार थे। यह प्रश्न पहला मसौदा तैयार करने वाले सलाहकार (राव) और अंतिम पाठ का मार्गदर्शन करने वाले समिति अध्यक्ष (आंबेडकर) के अंतर को परखता है। प्रश्नों में कभी "कानूनी सलाहकार" लिखा होता है और कभी "संवैधानिक सलाहकार"; दोनों का उत्तर बी.एन. राव ही है।

Q37.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 अक्टूबर 2020, शिफ्ट 3आसान

भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.बी.आर. आंबेडकर
  2. B.के.एम. मुंशी
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ और डॉ. बी.आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे। समिति ने फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया और आंबेडकर ने सभा में धारा-दर-धारा बहस के दौरान इसे पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।

के.एम. मुंशी और मोहम्मद सादुल्ला इसी समिति के सदस्य थे, अध्यक्ष नहीं, इसलिए ये सबसे आकर्षक गलत उत्तर हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रारूप समिति में नहीं थे; वे प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय तथा अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। सातों सदस्यों की सूची भी याद करें, क्योंकि अक्सर पूछा जाता है कि कौन सदस्य नहीं था: आंबेडकर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी.टी. कृष्णमाचारी।