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GK24

SSC CHSL GK प्रश्न 2026

SSC CHSL में General Awareness का स्कोर स्थैतिक GK तय करता है। Tier-I के 25 और Tier-II के 20 प्रश्नों में अधिकांश भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और सामान्य विज्ञान से आते हैं, जिन्हें CHSL 2026 सूचना भारत और पड़ोसी देशों से जुड़े History, Culture, Geography, Economic Scene, General Policy और Scientific Research के रूप में गिनाती है। स्तर 12वीं का है, इसलिए प्रश्न सीधे होते हैं: कौन सा अनुच्छेद, कौन सी नदी, कौन सा शासक, कौन सा वर्ष। राजव्यवस्था में संविधान के भाग और अनुसूचियाँ, मौलिक अधिकार, राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय और संवैधानिक निकाय पूछे जाते हैं। इतिहास में सिंधु घाटी, मौर्य और गुप्त, सल्तनत और मुग़ल काल, तथा 1857 से 1947 तक का स्वतंत्रता संग्राम आता है। भूगोल में नदियाँ, मिट्टी, जलवायु, राष्ट्रीय उद्यान, खनिज और विश्व की भौतिक संरचनाएँ पूछी जाती हैं। अर्थव्यवस्था में बजट की शब्दावली, RBI, बैंकिंग और बुनियादी अवधारणाएँ आती हैं। सामान्य विज्ञान स्कूल स्तर की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान है, रोज़मर्रा के प्रयोगों के साथ, और संस्कृति में नृत्य, पर्व, स्मारक और पुस्तकें आती हैं। इस पेज पर SSC CHSL के लिए GK24 के विषयवार GK नोट्स हैं, जो छोटे तथ्यों और तालिकाओं में लिखे गए हैं ताकि एक विषय एक बैठक में दोहराया जा सके। एक विषय पढ़ें, फिर इस साइट पर उसके पिछले वर्षों के प्रश्न और क्विज़ हल करके देखें कि कितना याद रहा।

SSC CHSL GK प्रश्न उत्तर सहित

Q161.खेलमध्यम

मीराबाई चानू ने किस स्पर्धा में रजत पदक जीता?

  1. A.महिला 45 किलोग्राम भारोत्तोलन
  2. B.महिला 49 किलोग्राम भारोत्तोलन
  3. C.महिला 55 किलोग्राम भारोत्तोलन
  4. D.महिला स्कीट व्यक्तिगत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महिला 49 किलोग्राम भारोत्तोलन

व्याख्या

सही उत्तर महिलाओं की 49 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा है। प्रधानमंत्री ने मीराबाई चानू को इसी वर्ग में रजत पदक जीतने पर बधाई दी और कहा कि उनका दृढ़ संकल्प तथा निरंतरता देश को प्रेरित करती रहती है और भारत को उन पर गर्व है। परीक्षा में भार वर्ग ही सबसे अधिक पूछा जाने वाला विवरण होता है, इसलिए इसे पदक के रंग के साथ याद रखना चाहिए। विकल्प क यानी 45 किलोग्राम और विकल्प ग यानी 55 किलोग्राम इस खेल के अन्य भार वर्ग हैं, पर चानू ने इस बार इनमें भाग नहीं लिया। विकल्प घ यानी महिला स्कीट व्यक्तिगत निशानेबाजी की स्पर्धा है, भारोत्तोलन की नहीं। उसी दिन महिला स्कीट टीम का कांस्य परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और राइजा ढिल्लों को मिला, जो एक अलग और टीम स्पर्धा का परिणाम है।

Q162.खेलआसान

सॉफ्ट टेनिस में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी कौन बने?

  1. A.जय मीणा
  2. B.मीराबाई चानू
  3. C.राइजा ढिल्लों
  4. D.माहेश्वरी चौहान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जय मीणा

व्याख्या

सही उत्तर जय मीणा हैं। उन्होंने सॉफ्ट टेनिस की पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता और इस तरह वे इस खेल में एशियाई खेलों का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। प्रधानमंत्री ने इस परिणाम को भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, कहा कि इससे देश में इस खेल का यादगार नया अध्याय शुरू होता है और उम्मीद जताई कि यह पदक और अधिक युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित करेगा। विकल्प ख यानी मीराबाई चानू गलत है, क्योंकि वे भारोत्तोलक हैं और उन्हें उसी दिन महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक के लिए बधाई दी गई थी। विकल्प ग यानी राइजा ढिल्लों और विकल्प घ यानी माहेश्वरी चौहान भी गलत हैं, क्योंकि ये दोनों निशानेबाज हैं और परिनाज धालीवाल के साथ महिला स्कीट टीम के कांस्य पदक की विजेता रहीं।

Q163.राष्ट्रीयकठिन

नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच गृह मंत्रालय ने कितनी जन शिकायतों का निपटारा किया?

  1. A.7,410
  2. B.25,500
  3. C.52,050
  4. D.1,02,084
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 52,050

व्याख्या

सही उत्तर 52,050 है। विज्ञप्ति में बताई गई अवधि के दौरान मंत्रालय ने इतनी जन शिकायतों का निपटारा किया और यह आंकड़ा अभियान के पिछले दौर के दूसरे नतीजों के साथ दिया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि वह आंकड़ा जन शिकायत अपीलों का है, जो अलग और बहुत छोटी श्रेणी है और अक्सर शिकायतों के साथ मिला दी जाती है। दूसरा विकल्प गलत है, ऐसा कोई आंकड़ा विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि वह संख्या मंत्रालय और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कार्यालयों में खाली कराए गए स्थान की है, वर्ग फुट में, शिकायतों की गिनती नहीं, और इसे यहां इसीलिए रखा गया है कि जल्दबाजी में पढ़ने वाला सबसे बड़ा आंकड़ा चुन लेता है। हर आंकड़े को उसकी इकाई के साथ पढ़ें।

Q164.राष्ट्रीयमध्यम

विशेष अभियान 6 का लागू करने वाला चरण कब चलेगा?

  1. A.15 सितंबर से 30 सितंबर 2026
  2. B.1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026
  3. C.2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
  4. D.1 नवंबर से 30 नवंबर 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 है। अभियान दो हिस्सों में बंटा है और यह दूसरा तथा लंबा हिस्सा है, जिसमें कार्यालयों में असली काम होता है। पहला विकल्प गलत है और यही सबसे आम भूल भी है, क्योंकि वे तारीखें उससे पहले चलने वाले तैयारी चरण की हैं, और जिन अभ्यर्थियों को केवल एक जोड़ी तारीखें याद रहती हैं वे यही उत्तर देते हैं। दूसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह चरण महीने की पहली तारीख से शुरू नहीं होता और महीने के बीच में खत्म नहीं होता। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि अभियान अक्टूबर में ही पूरा हो जाता है और अगले महीने तक नहीं खिंचता। याद रखने का आसान तरीका यह है कि यह चरण अक्टूबर के दूसरे दिन शुरू होकर महीने के आखिरी दिन तक चलता है।

Q165.राष्ट्रीयमध्यम

गृह मंत्रालय जिस विशेष अभियान में भाग ले रहा है, उसका आयोजन कौन सा विभाग करता है?

  1. A.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
  2. B.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  3. C.कैबिनेट सचिवालय
  4. D.पंचायती राज मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग

व्याख्या

सही उत्तर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग है, जिसे डीएआरपीजी लिखा जाता है और विज्ञप्ति में इसी को अभियान का आयोजक बताया गया है। गृह मंत्रालय इसमें भागीदार है, आयोजक नहीं, और उसका काम अपने प्रभागों, संबद्ध कार्यालयों तथा क्षेत्रीय इकाइयों में अभियान चलाना है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग वाला विकल्प गलत है, क्योंकि प्रशासन से जुड़ा होने के बावजूद विज्ञप्ति उसे इस अभियान से नहीं जोड़ती। कैबिनेट सचिवालय भी गलत है, क्योंकि मंत्रालय के भीतर निगरानी उसके अपने सबसे ऊंचे स्तर पर होने की बात कही गई है, किसी बाहरी कार्यालय के जरिये नहीं। पंचायती राज मंत्रालय गलत है क्योंकि यह अभियान केंद्र सरकार के कार्यालयों और उनकी क्षेत्रीय इकाइयों में चलता है, स्थानीय निकायों में नहीं। आयोजक, भागीदार मंत्रालय और दोनों चरणों की तारीखें साथ याद रखें।

Q166.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

पहले वेव्स शिखर सम्मेलन में वेव्स घोषणापत्र को कितने देशों ने अपनाया?

  1. A.47 देश
  2. B.60 देश
  3. C.77 देश
  4. D.100 देश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 77 देश

व्याख्या

सही उत्तर 77 देश है। यह घोषणापत्र वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट के पहले संस्करण के प्रमुख परिणामों में गिना गया, जो मुंबई में हुआ था, और बैकग्राउंडर इसे आयोजन के दूसरे नतीजों के साथ रखता है, जिनमें वेव्स बाजार से हुआ कारोबार भी शामिल है। पहला विकल्प गलत है, ऐसा कोई आंकड़ा दस्तावेज में कहीं नहीं आता। दूसरा विकल्प एक जाल है, क्योंकि वह संख्या क्रिएट इन इंडिया चुनौतियों में विदेशों से आए पंजीकरणों से जुड़ी है, घोषणापत्र अपनाने वाले देशों से नहीं। चौथा विकल्प भी इसी तरह गलत है, क्योंकि तीन अंकों वाली देशों की गिनती सम्मेलन में भागीदारी के विवरण में आती है, घोषणापत्र के संदर्भ में नहीं। अभ्यर्थियों को इन तीनों गिनतियों को अलग-अलग रखना चाहिए।

Q167.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

वेव्स ओटीटी के भीतर माईवेव्स कब शुरू किया गया?

  1. A.20 नवंबर 2024
  2. B.1 मई 2025
  3. C.23 मार्च 2026
  4. D.21 जुलाई 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 23 मार्च 2026

व्याख्या

सही उत्तर 23 मार्च 2026 है। माईवेव्स को इसी तारीख को पहले से चल रहे स्ट्रीमिंग मंच के भीतर खोला गया, और इसी से यह सेवा केवल देखने की चीज से बदलकर भागीदारी की चीज बन गई, क्योंकि नागरिक अब छोटे, वर्टिकल और एपिसोड वाले मौलिक वीडियो बनाकर साझा कर सकते हैं। पहला विकल्प गलत है क्योंकि उस तारीख को गोवा के फिल्म महोत्सव में स्ट्रीमिंग मंच खुद शुरू हुआ था, रचनाकार वाला हिस्सा नहीं। दूसरा विकल्प गलत है क्योंकि उस दिन मुंबई में शिखर सम्मेलन का पहला संस्करण शुरू हुआ था। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि उस दिन जेम्स ऑफ इंडिया चुनौती का पायलट चरण शुरू हुआ, जो इसी रचनाकार हिस्से से चलता है पर एक अलग और बाद का कदम है। इन चारों तारीखों को एक छोटी समयरेखा की तरह याद रखना बेहतर है।

Q168.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

प्रसार भारती का वेव्स ओटीटी मंच किस आयोजन के दौरान शुरू किया गया था?

  1. A.गोवा में 55वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव
  2. B.मुंबई में पहला वेव्स शिखर सम्मेलन
  3. C.नई दिल्ली में भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला
  4. D.कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गोवा में 55वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव

व्याख्या

सही उत्तर गोवा में 55वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव है, जहां नवंबर में इस मंच को सार्वजनिक प्रसारक की सार्वजनिक सेवा स्ट्रीमिंग सेवा के रूप में पेश किया गया था। मुंबई में पहला वेव्स शिखर सम्मेलन वाला विकल्प गलत है और यही सबसे बड़ा भ्रम भी है, क्योंकि नाम एक जैसा लगता है। वह सम्मेलन अगले वर्ष मई में हुआ था, जबकि स्ट्रीमिंग मंच उससे पहले ही शुरू हो चुका था। भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला वाला विकल्प गलत है, क्योंकि बैकग्राउंडर शुरुआत को एक फिल्म महोत्सव से जोड़ता है, किसी व्यापार प्रदर्शनी से नहीं। कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव भी गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में गोवा में हुए राष्ट्रीय महोत्सव का नाम और उसका संस्करण, दोनों दिए गए हैं। इसे एक समूह की तरह याद रखें, प्रसारक, महोत्सव और उसका संस्करण, राज्य तथा तारीख।

Q169.राष्ट्रीयकठिन

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ता से छेड़छाड़ पर क्या सजा हो सकती है?

  1. A.एक साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना
  2. B.तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों
  3. C.केवल जुर्माना, जेल का कोई प्रावधान नहीं
  4. D.सात साल तक जेल, जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों

व्याख्या

सही उत्तर तीन साल तक की जेल या पचास लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों है। इस पर रोक एक्ट की धारा 42(3)(c) में है, जो दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है, जबकि इसके साथ वाली धारा धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और का रूप धरकर सिम या पहचानकर्ता हासिल करने को शामिल करती है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह जेल की अवधि और जुर्माने की अधिकतम राशि, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि कानून में जुर्माने के साथ जेल का भी स्पष्ट प्रावधान है और दोनों एक साथ भी हो सकते हैं। चौथा विकल्प दो कारणों से गलत है, यह जेल की अवधि बढ़ा देता है और जुर्माना हटा देता है। दो बातें और याद रखें, ऐसे अपराध धारा 42(7) के तहत संज्ञेय व गैर-जमानती हैं और धारा 42(6) के तहत मदद करने वाले को भी वही सजा मिलती है।

Q170.राष्ट्रीयमध्यम

IMEI में प्रयुक्त टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन कौन सी संस्था देखती है?

  1. A.जीएसएमए
  2. B.ट्राई
  3. C.दूरसंचार विभाग
  4. D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जीएसएमए

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएमए यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन है। बैकग्राउंडर के अनुसार यही संस्था टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन देखती है और विनिर्माताओं तथा ब्रांड मालिकों को कोड देती है, जिसके बाद वे हर हैंडसेट को अलग पहचान संख्या देते हैं। ट्राई वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में नियामक का जिक्र केवल दोबारा जारी सिम पर एसएमएस सीमित रहने वाले नियम के संदर्भ में है, कोड आवंटन के संदर्भ में नहीं। दूरसंचार विभाग वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि वह नागरिकों को सलाह देता है और भारत में पंजीकरण तथा जांच की व्यवस्था चलाता है, पर वैश्विक कोड आवंटित नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ गलत है क्योंकि विज्ञप्ति उसे यह भूमिका नहीं देती। याद रखने की कड़ी यह है कि संस्था कोड देती है, विनिर्माता पूरी पहचान देता है और भारतीय पोर्टल उसे दर्ज करते हैं।

Q171.राष्ट्रीयआसान

IMEI नंबर कितने अंकों का होता है?

  1. A.दस अंक
  2. B.बारह अंक
  3. C.पंद्रह अंक
  4. D.अठारह अंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पंद्रह अंक

व्याख्या

सही उत्तर पंद्रह अंक है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को इतनी ही लंबाई का विशेष नंबर बताया गया है, जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल डिवाइस की पहचान करता है, और इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं जो हैंडसेट का मॉडल या प्रकार बताता है। दस अंक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि भारत में मोबाइल टेलीफोन नंबर इतने अंकों का होता है और अक्सर दोनों में भ्रम हो जाता है, जबकि टेलीफोन नंबर कनेक्शन का होता है और यह नंबर डिवाइस का। बारह अंक वाला विकल्प भी गलत है और बैकग्राउंडर में बताए किसी पहचानकर्ता से मेल नहीं खाता। अठारह अंक गलत है क्योंकि यह लंबाई बढ़ा देता है। साथ में यह भी याद रखें कि हैंडसेट पर यह नंबर एक छोटे कोड से देखा जा सकता है और डुअल-सिम फोन में दो नंबर होते हैं।

Q172.सरकारी योजनाएंमध्यम

आयुष्मान भारत के बारे में प्रधानमंत्री ने आठवीं वर्षगांठ पर निम्न में से कौन सी बात कही?

  1. A.यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है
  2. B.इसे बंद कर एक नई योजना में मिलाया जा रहा है
  3. C.यह केवल सरकारी कर्मचारियों को मिलती है
  4. D.इसमें केवल बाह्य रोगी परामर्श का खर्च मिलता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वार्षिक बीमा अब साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और इसी आधार पर उन्होंने इसे अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना बताया। दूसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में योजना को बंद करने या किसी और योजना में मिलाने की कोई बात नहीं है, बल्कि पूरा संदेश विस्तार और इलाज के खर्च में हुई रिकॉर्ड बचत की ओर इशारा करता है। तीसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में निर्धन और मध्यम वर्ग को लाभ पाने वाला बताया गया है, सरकारी कर्मचारियों की कोई सीमित श्रेणी नहीं। चौथा विकल्प गलत है, क्योंकि जिस बीमा की बात है वह वार्षिक स्वास्थ्य बीमा है, और प्राथमिक इलाज की चर्चा अलग से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संदर्भ में की गई है।

Q173.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कितनी बार लोगों की आवाजाही दर्ज हुई है?

  1. A.100 करोड़ से अधिक
  2. B.300 करोड़ से अधिक
  3. C.500 करोड़ से अधिक
  4. D.700 करोड़ से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 करोड़ से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 500 करोड़ से अधिक है। प्रधानमंत्री ने इसी आंकड़े के आधार पर कहा कि स्वास्थ्य सेवा हर घर के नजदीक पहुंच रही है, क्योंकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम के ये केंद्र दूर के अस्पतालों के बजाय मोहल्लों और गांवों में ही प्राथमिक इलाज देते हैं। सौ करोड़ से अधिक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में इससे कहीं बड़ी संख्या बताई गई है और यह आंकड़ा केवल उसे ठीक लगता है जो लाभार्थियों की संख्या से भ्रमित हो जाए। तीन सौ करोड़ से अधिक भी गलत है, यह विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता और आधे-अधूरे याद किए उत्तर को पकड़ने के लिए रखा गया है। सात सौ करोड़ से अधिक गलत है क्योंकि यह बताए गए आंकड़े से ऊपर चला जाता है और संदेश में इससे बड़ा कोई दावा नहीं है। ध्यान रहे कि यह आंकड़ा लोगों की नहीं, आवाजाही की गिनती है।

Q174.सरकारी योजनाएंआसान

आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के अनुसार लाभार्थी को कितने का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलता है?

  1. A.1 लाख रुपये
  2. B.3 लाख रुपये
  3. C.5 लाख रुपये
  4. D.10 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5 लाख रुपये है। प्रधानमंत्री ने वर्षगांठ के संदेश में कहा कि साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इतनी राशि का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है और इसी पहुंच के कारण यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बनती है। एक लाख रुपये गलत है, क्योंकि संदेश में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है और इतनी छोटी राशि किसी गंभीर बीमारी में अस्पताल के खर्च के लिए पर्याप्त नहीं होती, जबकि यही बोझ हटाना योजना का उद्देश्य था। तीन लाख रुपये भी इसी कारण गलत है और इसे केवल एक भरोसेमंद दिखने वाले छोटे आंकड़े के रूप में रखा गया है। दस लाख रुपये गलत है, क्योंकि बताई गई राशि इसकी आधी है, हालांकि अभ्यर्थी कभी-कभी इसे दूसरी बीमा योजनाओं से मिला देते हैं। सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि बीमा राशि और लाभार्थियों की संख्या, दोनों को एक साथ याद रखा जाए।

Q175.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 जनवरी 2023, शिफ्ट 1मध्यम

आपातकाल के दौरान कौन-से मौलिक अधिकार निलंबित नहीं किए जा सकते?

  1. A.अनुच्छेद 14-15
  2. B.अनुच्छेद 20-21
  3. C.अनुच्छेद 18-19
  4. D.अनुच्छेद 16-17
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 20-21

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 20-21 है। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार लागू कराने के लिए न्यायालय जाने का अधिकार निलंबित करने देता है। 1975–77 के आपातकाल के अनुभव के बाद, जब हिरासत को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती थी (सर्वोच्च न्यायालय ने 1976 के एडीएम जबलपुर मामले में इसे सही ठहराया था), 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने तय किया कि अनुच्छेद 20 और 21 का प्रवर्तन कभी निलंबित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 20 अभियुक्त को कार्योत्तर आपराधिक कानून, दोहरे दंड और आत्म-अभिशंसन से बचाता है; अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

अनुच्छेद 19 इसका उल्टा मामला है। अनुच्छेद 358 के तहत, युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित होते ही इसकी छह स्वतंत्रताएं अपने आप निलंबित हो जाती हैं, हालांकि सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं। इसीलिए अनुच्छेद 19 वाला विकल्प सबसे कम संभावित उत्तर है। बाकी विकल्प समता के अधिकार के अनुच्छेदों की जोड़ियां हैं, जिनका प्रवर्तन राष्ट्रपति अनुच्छेद 359 के तहत आदेश देकर निलंबित कर सकते हैं। इसे जोड़ी के रूप में याद रखें: 20 और 21 हमेशा बचे रहते हैं, 19 सबसे पहले जाता है।

Q176.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति को प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से वंचित करने की प्रक्रिया उचित, न्यायसंगत और युक्तियुक्त होनी चाहिए?

  1. A.मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)
  2. B.ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950)
  3. C.गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967)
  4. D.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)

व्याख्या

सही उत्तर मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) है। अनुच्छेद 21 कहता है कि किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से "विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया" के अलावा वंचित नहीं किया जाएगा। ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950) में सर्वोच्च न्यायालय ने इसका संकीर्ण अर्थ लिया था: वैध रूप से बने किसी भी कानून में दी गई प्रक्रिया काफी है, चाहे वह कितनी भी अनुचित हो। पासपोर्ट ज़ब्त किए जाने से जुड़े मेनका गांधी मामले में न्यायालय ने यह दृष्टिकोण अस्वीकार किया और कहा कि प्रक्रिया उचित, न्यायसंगत और युक्तियुक्त होनी चाहिए, मनमानी या दमनकारी नहीं। असल में इससे अनुच्छेद 21 अमेरिका की "सम्यक विधि प्रक्रिया" (ड्यू प्रोसेस) के करीब आ गया।

इस निर्णय से न्यायालयों के लिए अनुच्छेद 21 में कई अधिकार पढ़ने का रास्ता खुला, जैसे गरिमा के साथ जीने का अधिकार, शीघ्र सुनवाई का अधिकार और बाद में निजता का अधिकार। बाकी विकल्प भी असली मामले हैं, पर दूसरे प्रश्नों पर: गोपालन वही संकीर्ण दृष्टिकोण है जिसे मेनका गांधी मामले ने पलटा, गोलकनाथ (1967) ने कहा कि संसद मौलिक अधिकारों को कम नहीं कर सकती, और मिनर्वा मिल्स (1980) ने कहा कि मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के बीच संतुलन मूल ढांचे का हिस्सा है।

Q177.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक अधिकार केवल भारत के नागरिकों को मिलता है, विदेशियों को नहीं?

  1. A.विधि के समक्ष समता (अनुच्छेद 14)
  2. B.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (अनुच्छेद 21)
  3. C.वाक्, सम्मेलन, संचरण आदि की छह स्वतंत्रताएं (अनुच्छेद 19)
  4. D.धर्म की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वाक्, सम्मेलन, संचरण आदि की छह स्वतंत्रताएं (अनुच्छेद 19)

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 19 की छह स्वतंत्रताएं है। अनुच्छेद 19 "सभी नागरिकों को अधिकार होगा" शब्दों से शुरू होता है, इसलिए वाक् और अभिव्यक्ति, सम्मेलन, संगम, संचरण, निवास और वृत्ति की इसकी स्वतंत्रताएं केवल भारत के नागरिकों को मिलती हैं। केवल नागरिकों के लिए उपलब्ध बाकी अधिकार हैं अनुच्छेद 15 (धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं), अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरी में अवसर की समता), अनुच्छेद 29 (भाषा, लिपि और संस्कृति की रक्षा) और अनुच्छेद 30 (अल्पसंख्यकों की शिक्षा संस्थाएं)।

बाकी तीन विकल्प शत्रु विदेशियों को छोड़कर हर व्यक्ति को, विदेशियों समेत, मिलते हैं। अनुच्छेद 14 "किसी व्यक्ति" के लिए विधि के समक्ष समता की बात करता है, अनुच्छेद 21 "किसी व्यक्ति" के प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, और अनुच्छेद 25 "सभी व्यक्तियों" को धर्म की स्वतंत्रता देता है। परीक्षा में जल्दी जांचने का तरीका शब्दावली देखना है: जो अनुच्छेद "नागरिक" कहते हैं वे केवल नागरिकों के लिए हैं, और जो "व्यक्ति" कहते हैं वे विदेशियों पर भी लागू होते हैं। केवल नागरिकों वाले अधिकारों की पूरी सूची है 15, 16, 19, 29 और 30।

Q178.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अधिकार पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट किसलिए जारी की जाती है?

  1. A.किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए
  2. B.अवैध रूप से हिरासत में रखे गए व्यक्ति को छुड़ाने के लिए
  3. C.किसी लोक अधिकारी को कर्तव्य निभाने का आदेश देने के लिए
  4. D.निचले न्यायालय द्वारा दिया जा चुका आदेश रद्द करने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए

व्याख्या

सही उत्तर किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए है। क्वो वारंटो का अर्थ है "किस अधिकार से"। इसके ज़रिए न्यायालय किसी लोक पद पर बैठे व्यक्ति से पूछता है कि वह किस अधिकार से उस पद पर है, और अगर उसका दावा वैध न हो, तो न्यायालय उसे पद से हटा सकता है। यह लोक पदों पर अवैध कब्ज़े को रोकती है।

दो बातें इसे बाकी रिट से अलग बनाती हैं। पहली, इसे कोई भी इच्छुक व्यक्ति मांग सकता है, ज़रूरी नहीं कि वह स्वयं पीड़ित हो। दूसरी, यह केवल किसी कानून या संविधान द्वारा बनाए गए स्थायी लोक पद पर लागू होती है; यह किसी मंत्रिस्तरीय पद या निजी पद के लिए जारी नहीं हो सकती। बाकी विकल्प दूसरी रिट बताते हैं: अवैध हिरासत से छुड़ाना बंदी प्रत्यक्षीकरण है, अधिकारी को कर्तव्य निभाने का आदेश परमादेश है, और निचले न्यायालय का दिया जा चुका आदेश रद्द करना उत्प्रेषण है। पांचों रिट सर्वोच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 32 में और उच्च न्यायालयों के लिए अनुच्छेद 226 में हैं।

Q179.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 2 अगस्त 2019, शिफ्ट 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी रिट उस व्यक्ति के लिए उपचार है जिसे अवैध रूप से जेल में रखा गया है?

  1. A.उत्प्रेषण
  2. B.बंदी प्रत्यक्षीकरण
  3. C.प्रतिषेध
  4. D.परमादेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंदी प्रत्यक्षीकरण

व्याख्या

सही उत्तर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) है, जिस लैटिन वाक्यांश का अर्थ है "शरीर को प्रस्तुत करो"। इस रिट के ज़रिए न्यायालय हिरासत में रखने वाले को आदेश देता है कि वह उस व्यक्ति को न्यायालय के सामने पेश करे और हिरासत का कानूनी आधार बताए। अगर हिरासत अवैध पाई जाए, तो व्यक्ति को तुरंत छोड़ दिया जाता है। यह सार्वजनिक प्राधिकारियों और निजी व्यक्तियों, दोनों के विरुद्ध जारी हो सकती है, और याचिका हिरासत में रखा गया व्यक्ति खुद या उसकी ओर से कोई दूसरा व्यक्ति दायर कर सकता है। यह तब जारी नहीं होती जब हिरासत वैध हो, जब वह विधायिका या न्यायालय की अवमानना के लिए हो, या जब किसी सक्षम न्यायालय ने उसका आदेश दिया हो।

बाकी तीन रिट अलग काम करती हैं। उत्प्रेषण निचले न्यायालय या अधिकरण से कोई मामला मंगाती है या उसके द्वारा दिया जा चुका आदेश रद्द करती है। प्रतिषेध किसी मामले के चलते हुए निचले न्यायालय या अधिकरण को उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकती है। परमादेश, जिसका अर्थ है "हम आदेश देते हैं", किसी लोक अधिकारी को अपना कर्तव्य निभाने का आदेश देती है। बंदी प्रत्यक्षीकरण को अक्सर दैहिक स्वतंत्रता की सबसे मज़बूत सुरक्षा कहा जाता है, क्योंकि यह अनुच्छेद 21 और 22 के संरक्षण को तुरंत लागू कराती है।

Q180.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 16 अगस्त 2017, शिफ्ट 2आसान

डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने किस अनुच्छेद को संविधान का ‘हृदय और आत्मा’ कहा?

  1. A.अनुच्छेद 4
  2. B.अनुच्छेद 32
  3. C.अनुच्छेद 28
  4. D.अनुच्छेद 30
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 32

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 32 है। संविधान सभा में डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने कहा था कि अगर उनसे सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद का नाम पूछा जाए, जिसके बिना संविधान शून्य हो जाए, तो वे इसके सिवा किसी और का नाम नहीं ले सकते; यह संविधान की आत्मा और उसका हृदय है। उनका तर्क सीधा था: उपचार के बिना अधिकार केवल कागज़ पर लिखे शब्द हैं। अनुच्छेद 32 हर व्यक्ति को मौलिक अधिकार लागू कराने के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है, और उपचार का यह अधिकार खुद भी एक मौलिक अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 32 को मूल ढांचे का हिस्सा माना है, इसलिए इसे संशोधन से भी हटाया नहीं जा सकता।

गलत विकल्पों में अनुच्छेद 4 कहता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत राज्य बनाने या बदलने वाले कानून संविधान के संशोधन नहीं माने जाएंगे; अनुच्छेद 28 पूरी तरह राज्य निधि से चलने वाली संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाता है; और अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों की शिक्षा संस्थाओं से जुड़ा है। इस वर्णन को दूसरे वर्णनों से अलग रखें: एन.ए. पालकीवाला के अनुसार प्रस्तावना संविधान का "पहचान पत्र" है।