विशावरी टोलवे और नौ सड़क एसपीवी खरीदने वाली कॉन्सेसॉक 41 एसएएस पर अंततः किस कंपनी का नियंत्रण है?
- A.विंची एसए
- B.बेन कैपिटल
- C.कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड
- D.मैक्वायरी एसेट मैनेजमेंट
सही उत्तर
A. विंची एसए
व्याख्या
सही उत्तर विंची एसए है। अधिग्रहणकर्ता फ्रांस के कानूनों के तहत पंजीकृत कंपनी है और उस पर अंततः विंची एसए का नियंत्रण विंची हाईवेज तथा विंची कंसेशंस के माध्यम से है। विंची रियायतों, ऊर्जा और निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाला वैश्विक समूह है और बहुत से देशों में सक्रिय है। लक्षित कंपनियां वे विशेष प्रयोजन इकाइयां हैं जो आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्गों के विशिष्ट हिस्सों का संचालन करती हैं, तथा इनके साथ वह कंपनी भी है जो उन्हें परिचालन एवं रखरखाव के अलावा इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण सेवाएं देती है। विकल्प ख उसी दिन मंजूर हुए न्यूट्रास्यूटिकल्स सौदे से जुड़ी निजी इक्विटी फर्म है। विकल्प ग आतिथ्य सौदे के पीछे का पेंशन कोष है। विकल्प घ केवल एक संभावित नाम है।
पूरा लेख पढ़ें: सीसीआई ने जेएसडब्ल्यू-बीएमएम विलय सहित चार संयोजनों को मंजूरी दी
अभ्यास प्रश्न
बीएमएम इस्पात के जेएसडब्ल्यू स्टील में विलय वाले प्रस्तावित संयोजन को किस नियामक ने मंजूरी दी?
- A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
- B.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
- C.भारतीय रिजर्व बैंक
- D.भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग है। यही वह वैधानिक संस्था है जो निर्धारित सीमा से ऊपर के प्रस्तावित संयोजनों, यानी विलय, समामेलन और अधिग्रहण की जांच करती है कि कहीं उनसे भारत में प्रतिस्पर्धा पर उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। आयोग ने जेएसडब्ल्यू समूह के इस आंतरिक पुनर्गठन के साथ उसी दिन तीन और संयोजनों को भी मंजूरी दी। विकल्प क यानी प्रतिभूति बाजार नियामक शेयर बाजारों, सूचीबद्ध कंपनियों, म्यूचुअल फंडों और बाजार मध्यस्थों की निगरानी करता है, पर इस तरह की संयोजन मंजूरी नहीं देता। विकल्प ग केंद्रीय बैंक है, जो बैंकों, भुगतान प्रणालियों और मौद्रिक नीति को देखता है और तभी आता है जब कोई बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी शामिल हो। विकल्प घ दिवाला संहिता के तहत समाधान और परिसमापन से जुड़ा है, जो यहां का विषय नहीं है।
जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स के पास इस समय बीएमएम इस्पात लिमिटेड की कितनी इक्विटी हिस्सेदारी है?
- A.26.00 प्रतिशत
- B.51.00 प्रतिशत
- C.58.47 प्रतिशत
- D.74.90 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 58.47 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 58.47 प्रतिशत है। मुंबई मुख्यालय वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनी जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के पास इस समय बीएमएम इस्पात लिमिटेड की इतनी इक्विटी है, और प्रस्तावित संयोजन का उद्देश्य बीएमएम को जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड में मिलाकर इस बहुलांश हिस्सेदारी को पूर्ण स्वामित्व में बदलना है। बताया गया उद्देश्य पैमाने की अर्थव्यवस्था, संसाधनों के एकत्रीकरण तथा पूंजी के युक्तिकरण के जरिये परिचालन, वित्तीय और संगठनात्मक दक्षता बढ़ाना है, क्योंकि बीएमएम पहले से ही समूह के भीतर बिक्री और खरीद के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला में जुड़ी हुई है। बाकी विकल्पों में कंपनी कानून से जुड़ी सामान्य हिस्सेदारी सीमाएं दी गई हैं, पर इस सौदे के लिए बताया गया आंकड़ा उनमें से कोई नहीं है। बीएमएम कर्नाटक में एकीकृत इस्पात संयंत्र चलाती है।
संवाद में दोनों पक्षों ने सीमा-पार भुगतान सुधार से जुड़े किस समूह के रोडमैप का समर्थन दोहराया?
- A.जी20
- B.जी7
- C.ब्रिक्स
- D.ओईसीडी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जी20
व्याख्या
सही उत्तर जी20 है। भारत और ब्रिटेन ने सीमा-पार भुगतान को बेहतर बनाने वाले जी20 रोडमैप के प्रति अपना समर्थन दोहराया और इसी रोडमैप के अनुरूप अड़चनें घटाने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा भुगतान को अधिक कुशल बनाने की व्यावहारिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान ढांचों की आपसी अनुकूलता और जुड़ाव बढ़ाने के लिए इस समूह में चल रहे काम का भी उल्लेख किया और अपनी खुदरा भुगतान व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। विकल्प B गलत है, क्योंकि वक्तव्य में जी7 का नाम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रिक्स का उल्लेख भी नहीं है, भले भारत उसका सदस्य है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भुगतान रोडमैप के संदर्भ में ओईसीडी का जिक्र नहीं आया। याद रखने योग्य बात यह है कि इसी चर्चा में भारत ने डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा जैसी अपनी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का अनुभव भी साझा किया था।
ब्रिटेन-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) किस तिथि से प्रभावी हुआ?
- A.29 सितंबर 2026
- B.1 अप्रैल 2026
- C.15 जुलाई 2026
- D.15 अगस्त 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15 जुलाई 2026
व्याख्या
सही उत्तर 15 जुलाई 2026 है। संयुक्त वक्तव्य में दर्ज है कि दोनों पक्षों ने विजन 2035 की शुरुआत के संदर्भ में अपने मजबूत होते रिश्ते पर विचार किया और ब्रिटेन-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते को लागू करने की अहमियत रेखांकित की, जो 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि 29 सितंबर 2026 वह दिन है जब चौथा वित्तीय बाजार संवाद लंदन में हुआ, व्यापार समझौता उस दिन लागू नहीं हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि वक्तव्य में अप्रैल की कोई तिथि इस समझौते से नहीं जुड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समझौते के लागू होने का महीना अगस्त नहीं, जुलाई बताया गया है। परीक्षा के लिए दोनों तिथियां साथ याद रखें, यानी समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू और संवाद 29 सितंबर 2026 को लंदन में। यह भी ध्यान रखें कि संवाद की अगुवाई दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों ने की और इसमें भारत की ओर से पांच नियामक शामिल हुए थे।
चौथे भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद की मेजबानी किस शहर ने की?
- A.मुंबई
- B.लंदन
- C.नई दिल्ली
- D.एडिनबर्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लंदन
व्याख्या
सही उत्तर लंदन है। भारत-ब्रिटेन वित्तीय बाजार संवाद का चौथा दौर 29 सितंबर 2026 को लंदन में आयोजित हुआ और इसके बाद अपनाया गया संयुक्त वक्तव्य 7 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। बैठक की अगुवाई भारत के वित्त मंत्रालय और ब्रिटेन के एचएम ट्रेजरी के वरिष्ठ अधिकारियों ने की थी। लंदन का नाम बातचीत में अलग से भी आया, क्योंकि दोनों पक्षों ने इसे भारतीय रुपये के कारोबार का सबसे बड़ा विदेशी केंद्र माना। विकल्प मुंबई गलत है, क्योंकि इस दौर की मेजबानी भारत ने नहीं की, हालांकि सेबी का मुख्यालय मुंबई में है और वह बैठक में शामिल हुआ था। नई दिल्ली भी गलत है, क्योंकि राजधानी से प्रतिनिधिमंडल गया था, मेजबानी वहां नहीं हुई। एडिनबर्ग गलत है, क्योंकि ब्रिटेन में होने के बावजूद वक्तव्य में स्थान के रूप में लंदन का ही उल्लेख है।