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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

विपरीत परासरण जल शोधक किस प्रकार कार्य करता है?

  1. A.जल में पराबैंगनी प्रकाश प्रवाहित करके
  2. B.परासरण दाब से अधिक दाब पर जल को अर्धपारगम्य झिल्ली से गुजारकर
  3. C.जल उबालकर और भाप को संघनित करके
  4. D.जल में क्लोरीन मिलाकर

सही उत्तर

B. परासरण दाब से अधिक दाब पर जल को अर्धपारगम्य झिल्ली से गुजारकर

व्याख्या

सही उत्तर B है। विपरीत परासरण में जल को उसके परासरण दाब से अधिक दाब पर अर्धपारगम्य झिल्ली से गुजारा जाता है, जिससे प्रवाह प्राकृतिक परासरण की उलटी दिशा में होता है; झिल्ली जल के अणुओं को निकलने देती है और घुले लवण, भारी धातुएँ तथा अधिकांश सूक्ष्मजीव रोक लेती है, इसी कारण विपरीत परासरण समुद्री जल के विलवणीकरण में भी काम आता है। विकल्प A पराबैंगनी शोधक का वर्णन है, जो सूक्ष्मजीवों को मारता है परंतु प्रत्येक घुला लवण जल में छोड़ देता है। विकल्प C आसवन का वर्णन है, जो सबसे शुद्ध जल देता है परंतु उसमें बहुत ऊर्जा लगती है। विकल्प D क्लोरीनीकरण का वर्णन है, जो विसंक्रमण का चरण है और रोगजनकों को मारता है, परंतु निलंबित या घुली अशुद्धियाँ नहीं हटाता।

पूरा लेख पढ़ें: जल रसायन: कठोर जल, भारी जल और जल शोधन के नोट्स

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC AE Civil 2013 Official Paper IIकठिन

जल की शून्य कठोरता किस विधि से प्राप्त की जाती है?

  1. A.लाइम सोडा प्रक्रिया से
  2. B.अधिक चूना उपचार से
  3. C.आयन विनिमय विधि से
  4. D.अधिक फिटकरी की मात्रा से
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आयन विनिमय विधि से

आयन विनिमय संयंत्र में जल पहले कैटायन रेजिन से गुजरता है, जो कैल्सियम तथा मैग्नीशियम आयन ले लेता है, और फिर ऐनायन रेजिन से, जो सल्फेट, क्लोराइड तथा बाइकार्बोनेट आयन ले लेता है; चूँकि कठोरता देने वाले आयन वास्तव में जल से निकाल दिए जाते हैं, कठोरता लगभग शून्य तक…

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

भारी जल को रासायनिक रूप से क्या कहा जाता है?

  1. A.हाइड्रोजन परॉक्साइड
  2. B.ड्यूटीरियम ऑक्साइड
  3. C.ट्राइटियम ऑक्साइड
  4. D.आसुत जल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ड्यूटीरियम ऑक्साइड

भारी जल D2O है, जिसमें दोनों हाइड्रोजन परमाणु ड्यूटीरियम के हैं, वह समस्थानिक जिसके नाभिक में एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होता है, इसलिए उसका अणु भार अठारह के स्थान पर बीस होता है।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

जल की अस्थायी कठोरता किसकी उपस्थिति से होती है?

  1. A.कैल्सियम और मैग्नीशियम के सल्फेट
  2. B.कैल्सियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड
  3. C.कैल्सियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट
  4. D.सोडियम और पोटैशियम के लवण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कैल्सियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट

ये बाइकार्बोनेट तब बनते हैं जब घुली कार्बन डाइऑक्साइड वाला जल चूना-पत्थर के ऊपर बहता है, और ये अस्थायी होते हैं; उबालने पर वे कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर अघुलनशील कार्बोनेट के रूप में बैठ जाते हैं, इसी कारण इस कठोरता को अस्थायी कहा जाता है और वह केवल उबालने से, अथवा…

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

जल का घनत्व किस ताप पर अधिकतम होता है?

  1. A.0 डिग्री सेल्सियस
  2. B.4 डिग्री सेल्सियस
  3. C.25 डिग्री सेल्सियस
  4. D.100 डिग्री सेल्सियस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4 डिग्री सेल्सियस

जल चार डिग्री तक ठंडा होने पर सिकुड़ता है, उस ताप पर उसका घनत्व अधिकतम होता है, और उसके बाद शून्य तक ठंडा होते हुए फिर फैलता है, जिसे जल का असामान्य प्रसार कहते हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

जल संस्थान में फिटकरी मुख्यतः किस उद्देश्य से मिलाई जाती है?

  1. A.जीवाणु और विषाणु मारने के लिए
  2. B.महीन निलंबित कणों को स्कंदित करके बैठाने के लिए
  3. C.जल की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए
  4. D.जल में फ्लोराइड मिलाने के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महीन निलंबित कणों को स्कंदित करके बैठाने के लिए

फिटकरी अर्थात् ऐलुमिनियम सल्फेट या पोटाश एलम स्कंदक है: जल में यह जेली जैसा हाइड्रॉक्साइड बनाती है, जो मिट्टी तथा कोलॉइडी महीन कणों को भारी गुच्छों में समेट लेता है, जो अवसादन टैंक में बैठकर हटा दिए जाते हैं और निस्यंदन के लिए स्वच्छ जल बचता है।