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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियान कितने सप्ताह का सतत अभियान है?

  1. A.50 सप्ताह
  2. B.75 सप्ताह
  3. C.100 सप्ताह
  4. D.150 सप्ताह

सही उत्तर

C. 100 सप्ताह

व्याख्या

सही उत्तर 100 सप्ताह है। युवाओं में नशे के विरुद्ध चलने वाले इस अभियान को इतनी लंबी अवधि का रखा गया है ताकि जागरूकता का काम किसी एक दिन या एक सप्ताह के आयोजन तक सीमित न रह जाए, बल्कि लगातार चलता रहे। विकल्प A यानी पचास सप्ताह लगभग एक वर्ष बैठता है और सही संख्या याद न होने पर यही अनुमान सबसे पहले लगाया जाता है। विकल्प B यानी पचहत्तर सप्ताह अमृत महोत्सव जैसी गिनती की याद दिलाता है, इसलिए आकर्षक लगता है, पर इस अभियान की अवधि यह नहीं है। विकल्प D यानी एक सौ पचास सप्ताह सही संख्या को बढ़ा देता है। परीक्षा के लिए इस संख्या को अभियान के पूरे नाम और इसके दो स्वयंसेवी संगठनों के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न इन तीनों में से किसी पर भी बन सकता है।

पूरा लेख पढ़ें: नशा मुक्त युवा अभियान 100 सप्ताह तक चलेगा, युवा आगे

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

नशा मुक्त युवा अभियान की रीढ़ कौन से दो स्वयंसेवी संगठन हैं?

  1. A.नेहरू युवा केंद्र संगठन और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स
  2. B.मेरा युवा भारत (माय भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना
  3. C.राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम
  4. D.अटल नवाचार मिशन और राष्ट्रीय युवा संसद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मेरा युवा भारत (माय भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना

व्याख्या

सही उत्तर मेरा युवा भारत यानी माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना है। इन्हीं दोनों के स्वयंसेवक स्कूल, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तथा सामाजिक और आध्यात्मिक संगठनों के साथ मिलकर संकल्प समारोह और जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं, और अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताएं भी माय भारत मंच पर ही होती हैं। विकल्प A में दो जाने-माने युवा संगठन हैं जो इसी तरह का सामाजिक काम करते हैं, इसलिए वे सही जैसे लगते हैं, पर इस अभियान में उनका नाम नहीं लिया गया। विकल्प C एक कैडेट संगठन को कौशल विकास संस्था के साथ जोड़ देता है, जो इस मुहिम की जोड़ी नहीं है। विकल्प D में एक नवाचार मिशन और एक संसदीय कार्यक्रम है, जो स्वयंसेवकों का नेटवर्क ही नहीं हैं। परीक्षार्थी माय भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना को इस अभियान के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

किस पहल के तहत युवा अपनी भाषा और अपनी रचनात्मक शैली में नशे के विरुद्ध संदेश पहुंचा रहे हैं?

  1. A.युवा संकल्प यात्रा
  2. B.नशा-मुक्ति का संदेश
  3. C.स्वस्थ युवा अभियान
  4. D.संदेश से समाधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नशा-मुक्ति का संदेश

व्याख्या

सही उत्तर नशा-मुक्ति का संदेश है। यह अभियान का वही हिस्सा है जिसमें युवा स्वयंसेवक अपने समाज के बीच जाकर, अपनी भाषा में और अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए नशे के विरुद्ध बात रखते हैं, और इसी कारण प्रधानमंत्री ने इसकी विशेष सराहना की। विकल्प A यानी युवा संकल्प यात्रा सुनने में किसी युवा पदयात्रा जैसा लगता है और दूसरे कार्यक्रमों के परिचित शब्द उधार लेता है, पर यह इस पहल का नाम नहीं है। विकल्प C यानी स्वस्थ युवा अभियान स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है, और यह सच है कि अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच तथा ध्यान शिविर लगने वाले हैं, लेकिन वह एक गतिविधि है, पहल का नाम नहीं। विकल्प D में संदेश शब्द दोहराकर भ्रम पैदा किया गया है। अभियानों पर प्रश्न प्रायः उप-पहल के नाम पर ही बनते हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

मंदसौर का जागरूकता कार्यक्रम सीबीएन के किस संगठन के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत आयोजित किया गया था?

  1. A.ब्रह्माकुमारीज
  2. B.रामकृष्ण मिशन
  3. C.भारत स्काउट्स और गाइड्स
  4. D.नेहरू युवा केंद्र संगठन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्रह्माकुमारीज

व्याख्या

सही उत्तर ब्रह्माकुमारीज है। ब्यूरो ने इस संगठन के साथ समझौता ज्ञापन किया है और मंदसौर में हुआ जागरूकता कार्यक्रम उसी के अगले कदम के रूप में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में करीब पचास अफीम उत्पादक और ब्यूरो के चालीस अधिकारी शामिल हुए, जहां प्रतिभागियों को नशे के हानिकारक प्रभावों और देश को नशामुक्त बनाने में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया, और बैठक नशा मुक्त भारत की शपथ के साथ समाप्त हुई। विकल्प B, C और D में ऐसे संगठन दिए गए हैं जो युवाओं और समुदायों के बीच काम करते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में साझेदार के रूप में उनका नाम नहीं था। मंदसौर वही जगह है जहां नीमच के साथ ब्यूरो ने जन सुनवाई भी की, जिसमें 450 से अधिक उत्पादक शामिल हुए।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

नीमच और मंदसौर में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रमों में कितने अफीम उत्पादकों ने भाग लिया?

  1. A.150 से अधिक
  2. B.250 से अधिक
  3. C.450 से अधिक
  4. D.650 से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 450 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 450 से अधिक है। ब्यूरो ने नीमच और मंदसौर में जन सुनवाई कार्यक्रम इसलिए रखे थे, ताकि अफीम उत्पादकों की शिकायतों का समाधान जल्दी और उनके नजदीक ही हो सके, और दोनों कार्यक्रमों को मिलाकर 450 से अधिक उत्पादक इनमें शामिल हुए। विकल्प A, B और D में दी गई संख्याएं इन कार्यक्रमों के लिए नहीं बताई गई थीं, इसलिए वे गलत हैं। उत्पादकों ने जो मुद्दे रखे उनमें रिकॉर्ड में नाम सुधार, खेत के हस्तांतरण यानी नमनतारन और आगामी निपटान अभियान 2026-27 की पात्रता शामिल थी, जो यह तय करता है कि अगले मौसम में लाइसेंस पर अफीम कौन उगा सकेगा। अधिकारियों ने इन सवालों को ध्यान से सुनकर मौके पर ही निपटाया और उत्पादकों को बिचौलियों से सतर्क रहने की सलाह भी दी गई।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने जावरा में छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम किस मिशन के तहत आयोजित किया?

  1. A.मिशन युवा शक्ति
  2. B.मिशन युवा रक्षा
  3. C.मिशन नशा मुक्ति
  4. D.मिशन सुरक्षा चक्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिशन युवा रक्षा

व्याख्या

सही उत्तर मिशन युवा रक्षा है। यह वही पहल है जिसके तहत ब्यूरो विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के हानिकारक प्रभावों, उसकी रोकथाम के उपायों और नशामुक्त समाज बनाने में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक करता है। जावरा के जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुआ कार्यक्रम इसी मिशन के अंतर्गत रखा गया था, जिसमें प्रस्तुतियां, जागरूकता वीडियो और प्रश्नोत्तरी गतिविधियां शामिल रहीं और अंत में प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली तथा उस पर हस्ताक्षर किए। विकल्प A, C और D में दिए गए नाम इस प्रसंग में मौजूद नहीं हैं और ब्यूरो ने इनमें से किसी का उल्लेख नहीं किया। मिशन युवा रक्षा का बड़ा लक्ष्य नशा मुक्त भारत है, और ब्यूरो इस निवारक काम के साथ-साथ अवैध तस्करी, हेराफेरी और दुरुपयोग के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान भी चलाता है।