वयस्क मनुष्य के कशेरुक दंड में कितनी कशेरुकाएँ होती हैं?
- A.24
- B.26
- C.30
- D.33
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, छब्बीस है। वयस्क के कशेरुक दंड में गर्दन की सात ग्रीवा कशेरुकाएँ, पसलियाँ धारण करने वाली बारह वक्षीय कशेरुकाएँ, कमर की पाँच कटि कशेरुकाएँ, एक त्रिकास्थि और एक पुच्छास्थि गिनी जाती हैं, जिससे कुल छब्बीस हड्डियाँ बनती हैं। A गलत है, क्योंकि चौबीस में केवल अलग-अलग ग्रीवा, वक्षीय तथा कटि कशेरुकाएँ गिनी जाती हैं और त्रिकास्थि तथा पुच्छास्थि छूट जाती हैं। C गलत है, क्योंकि तीस किसी विकास अवस्था से मेल नहीं खाती। D गलत है, और इसी कारण यह प्रश्न भ्रमकारी है: बच्चे में तैंतीस कशेरुकाएँ होती हैं, जिनमें पाँच जुड़कर त्रिकास्थि और चार जुड़कर पुच्छास्थि बनाती हैं, इसलिए वयस्क में संख्या छब्बीस रह जाती है। यह भी याद रखें कि पहली ग्रीवा कशेरुका एटलस और दूसरी एक्सिस है, और इनके बीच की धुराग्र संधि सिर को घुमाती है।
पूरा लेख पढ़ें: कंकाल और पेशी तंत्र: हड्डियाँ, संधियाँ, पेशियाँ
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंशरीर की सबसे लंबी पेशी कौन-सी है?
- A.सोलियस
- B.ग्रेसिलिस
- C.ट्रेपीजियस
- D.सार्टोरियस
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व्याख्या
सही उत्तर D, सार्टोरियस है। यह पतली, पट्टी जैसी पेशी जंघा के अग्र भाग में कूल्हे की हड्डी से घुटने के भीतरी भाग तक फैली है और दो संधियों को पार करने के कारण मानव शरीर की सबसे लंबी पेशी है; यह कूल्हा तथा घुटना मोड़ने और जंघा को बाहर की ओर घुमाने में सहायक है, अर्थात पालथी मारकर बैठने की गति में। A गलत है, क्योंकि सोलियस पिंडली की चौड़ी पेशी है, जो खड़े होने और चलने में काम आती है। B गलत है, क्योंकि ग्रेसिलिस भी जंघा की लंबी पेशी है, पर सार्टोरियस से छोटी है। C गलत है, क्योंकि ट्रेपीजियस ऊपरी पीठ और गर्दन की बड़ी त्रिकोणीय पेशी है। इसे अन्य कीर्तिमानों के साथ याद करें: ग्लूटियस मैक्सिमस सबसे बड़ी पेशी, स्टेपीडियस सबसे छोटी और मैसेटर बल में सबसे शक्तिशाली।
एक वयस्क मनुष्य में कितने रदनक दाँत होते हैं?
- A.3
- B.8
- C.2
- D.4
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व्याख्या
सही उत्तर D, चार है। वयस्क के बत्तीस स्थायी दाँतों में काटने के लिए आठ कृंतक, फाड़ने के लिए चार रदनक तथा पीसने के लिए आठ अग्रचर्वणक और बारह चर्वणक होते हैं, अर्थात प्रत्येक जबड़े के दोनों ओर एक-एक रदनक। वयस्क का दंत सूत्र प्रत्येक जबड़े के आधे भाग में दो कृंतक, एक रदनक, दो अग्रचर्वणक और तीन चर्वणक के रूप में लिखा जाता है। A गलत है, क्योंकि दोनों ओर समान रहने वाली रचना के लिए तीन संभव संख्या नहीं है। B गलत है, क्योंकि आठ कृंतकों और अग्रचर्वणकों की संख्या है। C गलत है, क्योंकि दो का अर्थ प्रत्येक जबड़े में केवल एक रदनक होगा। याद रखें कि बच्चे में बीस दूध के दाँत होते हैं और उनमें अग्रचर्वणक नहीं होते, तथा दाँतों पर चढ़ा इनेमल शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है।
वयस्क मनुष्य के शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं?
- A.186
- B.206
- C.280
- D.300
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व्याख्या
सही उत्तर B, दो सौ छह है। वयस्क कंकाल के अक्षीय भाग में अस्सी हड्डियाँ होती हैं, अर्थात कर्ण अस्थियों तथा हाइऑइड सहित कपाल, कशेरुक दंड, पसलियाँ और उरोस्थि, तथा उपांगीय भाग में एक सौ छब्बीस, अर्थात अंस और श्रोणि मेखला सहित हाथ-पैर, जिससे कुल दो सौ छह बनती हैं। A गलत है, क्योंकि एक सौ छियासी कंकाल के किसी विभाजन से मेल नहीं खाती। C गलत है, क्योंकि दो सौ अस्सी केवल वयस्क और शिशु के आँकड़ों के बीच का भ्रमकारी विकल्प है। D गलत है, पर इसका कारण याद रखने योग्य है: नवजात में लगभग तीन सौ अलग-अलग अस्थि भाग होते हैं और वृद्धि के समय त्रिकास्थि, पुच्छास्थि तथा कपाल जैसी हड्डियाँ जुड़ने पर संख्या घटकर दो सौ छह रह जाती है। इसलिए प्रश्न में वयस्क या नवजात, जो पूछा गया हो, उसे ध्यान से पढ़ें।
मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी कौन-सी है?
- A.स्टेपीज
- B.मैलियस
- C.पटेला
- D.हाइऑइड
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व्याख्या
सही उत्तर A, स्टेपीज है। यह मध्य कर्ण की तीन कर्ण अस्थियों में सबसे भीतरी है और इसका आकार पगड़ी की रकाब जैसा होता है; यह कंपन इंकस से अंतः कर्ण की अंडाकार खिड़की तक पहुँचाती है और शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। B गलत है, क्योंकि मैलियस, अर्थात हथौड़ी, तीन कर्ण अस्थियों में सबसे बाहरी है, कर्णपटह से जुड़ी है और स्टेपीज से बड़ी है। C गलत है, क्योंकि पटेला घुटने की चपनी है, जो मध्यम आकार की सीसमॉइड हड्डी है और घुटने की संधि की रक्षा करती है। D गलत है, क्योंकि हाइऑइड गले की यू आकार की हड्डी है, जो जीभ को सहारा देती है और दूसरे कारण से विशेष है, अर्थात यह किसी अन्य हड्डी से संधि नहीं बनाती। दूसरे छोर पर फीमर सबसे लंबी और मजबूत हड्डी है।
मानव शरीर में पसलियों के कितने जोड़े होते हैं?
- A.10 जोड़े
- B.11 जोड़े
- C.12 जोड़े
- D.14 जोड़े
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व्याख्या
सही उत्तर C, बारह जोड़े है, अर्थात चौबीस पसली हड्डियाँ। ये सभी पीछे की ओर वक्षीय कशेरुकाओं से जुड़ी होती हैं। आगे की ओर पहले सात जोड़े सीधे उरोस्थि से जुड़ते हैं और सच्ची पसलियाँ कहलाते हैं; अगले तीन जोड़े उपास्थि के माध्यम से सातवीं पसली से जुड़ते हैं और झूठी पसलियाँ कहलाते हैं; तथा अंतिम दो जोड़े आगे कहीं नहीं जुड़ते और मुक्त पसलियाँ कहलाते हैं। उरोस्थि के साथ मिलकर ये पसली पिंजर बनाती हैं, जो हृदय तथा फेफड़ों की रक्षा करता है और श्वसन में गति करता है। A और B गलत हैं, क्योंकि इनमें मुक्त या झूठी पसलियाँ गिनती से छूट जाती हैं। D गलत है, क्योंकि किसी मनुष्य में चौदह जोड़े नहीं होते; परीक्षा का आम भ्रम जोड़ों के स्थान पर हड्डियों की संख्या पूछना है, जहाँ उत्तर चौबीस होता है।