वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में बेकरी कौशल में रजत पदक जीतकर बेस्ट ऑफ नेशन चुनी गईं भारतीय प्रतिभागी कौन हैं?
- A.सानिया जोशी
- B.मेहरुनिस्सा बेगम
- C.स्मृति नांबियार
- D.पार्थ वोहरा
सही उत्तर
C. स्मृति नांबियार
व्याख्या
सही उत्तर स्मृति नांबियार हैं। उन्होंने बेकरी कौशल में रजत पदक जीता और उन्हें भारत के लिए बेस्ट ऑफ नेशन के सम्मान से भी नवाजा गया, जो देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को मिलता है। विकल्प A सानिया जोशी ने भी रजत जीता, लेकिन उनका पदक रिटेल सेल्स में आया, जो भारत की नई श्रेणियों में से एक है। विकल्प B मेहरुनिस्सा बेगम ने लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग में रजत पदक जीता। विकल्प D पार्थ वोहरा को इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत मिला। शेष दो रजत पदक मोहम्मद सलाम को डेंटल प्रोस्थेटिक्स और कोविद अजय गंगराडे को डिजिटल इंटरएक्टिव मीडिया डिजाइन में मिले। नाम के साथ कौशल जोड़कर याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न अक्सर कौशल के आधार पर पूछा जाता है। उनका पदक भारत के छह रजत पदकों में से एक था और देश को इसके अलावा बीस मेडल फॉर एक्सीलेंस भी प्राप्त हुए, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ऊंची पेशेवर दक्षता दिखाने वाले प्रतिभागियों को मिलते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत 10वें स्थान पर, 6 रजत पदक
अभ्यास प्रश्न
चीन के शंघाई में हुई 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत किस स्थान पर रहा?
- A.6वें
- B.10वें
- C.13वें
- D.20वें
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 10वें
व्याख्या
सही उत्तर 10वें है। भारतीय दल शंघाई में हुई 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में दसवें स्थान पर रहा और उसने छह रजत पदक तथा बीस मेडल फॉर एक्सीलेंस जीते। विकल्प A यानी छठा स्थान गलत है, क्योंकि छह भारत के रजत पदकों की संख्या है, उसका स्थान नहीं। विकल्प C यानी तेरहवां स्थान पिछले संस्करण ल्योन 2024 का है, जहां भारत को चार कांस्य पदक और बारह मेडल फॉर एक्सीलेंस मिले थे; इस तरह शंघाई में देश ने तीन पायदान की छलांग लगाई। विकल्प D यानी बीसवां स्थान वास्तव में मेडल फॉर एक्सीलेंस की संख्या है, कोई रैंकिंग नहीं। परीक्षा के लिए तीनों तथ्य एक साथ याद रखें — दसवां स्थान, छह रजत पदक और बीस मेडल फॉर एक्सीलेंस। छह दिवसीय यह आयोजन 22 से 27 सितंबर 2026 तक चला और इसमें लगभग 70 देशों तथा क्षेत्रों के 1,400 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हुए।
शंघाई में भारत ने कितने प्रतिभागी भेजे और उन्होंने कितने कौशलों में भाग लिया?
- A.48 प्रतिभागी, 70 कौशल
- B.70 प्रतिभागी, 63 कौशल
- C.63 प्रतिभागी, 70 कौशल
- D.70 प्रतिभागी, 48 कौशल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 70 प्रतिभागी, 63 कौशल
व्याख्या
सही उत्तर 70 प्रतिभागी, 63 कौशल है और यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल था। विकल्प A में दोनों आंकड़े उलट दिए गए हैं और प्रतियोगिता के संस्करण की संख्या अड़तालीस को दल के आकार की तरह दिखाया गया है। विकल्प C में कौशलों की संख्या को प्रतिभागियों की संख्या बता दिया गया है। विकल्प D में दल का आकार सही है, लेकिन कौशलों की जगह संस्करण की संख्या रख दी गई है। दल के आकार के साथ यह भी याद रखें कि भारत ने ग्यारह श्रेणियों में पहली बार भाग लिया, जिनमें इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हेवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल थे। भारत की भागीदारी का समन्वय एनएसडीसी ने किया। यह भी ध्यान रखें कि यह प्रतियोगिता हर दो वर्ष में एक बार होती है और शंघाई संस्करण का समापन समारोह 27 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में किसने शंघाई में भारतीय दल के प्रदर्शन पर बधाई दी?
- A.जयंत चौधरी
- B.पीयूष गोयल
- C.गजेंद्र सिंह शेखावत
- D.जितेंद्र सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जयंत चौधरी
व्याख्या
सही उत्तर जयंत चौधरी हैं, जिनके पास कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार है और वे शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं। उन्होंने शंघाई के प्रदर्शन को भारत की वैश्विक कौशल यात्रा में बड़ी छलांग बताया तथा प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और उद्योग भागीदारों को श्रेय दिया। विकल्प B पीयूष गोयल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय संभालते हैं, कौशल विकास नहीं। विकल्प C गजेंद्र सिंह शेखावत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री हैं। विकल्प D जितेंद्र सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े हैं। इसी प्रसंग में मनीषा सेनशर्मा का नाम भी याद रखें, जो वर्ल्डस्किल्स इंडिया की आधिकारिक प्रतिनिधि और मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार हैं। मेडल फॉर एक्सीलेंस उन प्रतिभागियों को दिया जाता है जो वर्ल्डस्किल्स के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ऊंचा पेशेवर स्तर दिखाते हैं, और भारत ने शंघाई में ऐसे बीस सम्मान जीते तथा कुल छह रजत पदक भी अपने नाम किए।
समारोह में उद्घाटित श्री राम स्तंभ किस मार्ग की स्मृति में बनाए गए हैं?
- A.राम सेतु मार्ग
- B.श्री राम वन गमन पथ
- C.पंचवटी पथ
- D.अयोध्या परिक्रमा मार्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्री राम वन गमन पथ
व्याख्या
सही उत्तर श्री राम वन गमन पथ है। ये स्तंभ उस मार्ग को चिह्नित करते हैं जिससे श्री राम अपने वनवास काल में गुजरे थे, और उद्घाटन का बताया गया उद्देश्य यही है कि वे आने वाली पीढ़ियों तक श्री राम वन गमन पथ का संदेश तथा श्री राम के गुण पहुँचाते रहें। विकल्प A राम सेतु आंदोलन के नाम से मिलता-जुलता है, जिसका स्मरण समारोह की सेवा प्रस्तुतियों में अलग से हुआ, परंतु स्तंभ उसे चिह्नित नहीं करते। विकल्प C और D ऐसे मार्ग बताते हैं, जिनका स्तंभों के संदर्भ में उल्लेख नहीं है। परीक्षार्थी संख्या ग्यारह, स्तंभ शब्द और श्री राम वन गमन पथ को एक साथ रखें, क्योंकि प्रश्न में इनमें से दो देकर तीसरा पूछा जाता है।
अशोक सिंहल शताब्दी समारोह में कितने श्री राम स्तंभों का डिजिटल उद्घाटन किया गया?
- A.7
- B.9
- C.11
- D.15
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 11
व्याख्या
सही उत्तर 11 है। कार्यक्रम में ग्यारह श्री राम स्तंभों का डिजिटल उद्घाटन हुआ और ये स्तंभ श्री राम के वनवास के मार्ग की स्मृति में बनाए गए हैं, ताकि श्री राम वन गमन पथ का संदेश आगामी पीढ़ियों तक पहुँचे। विकल्प A और B यानी सात और नौ कम संख्याएँ हैं और उद्घाटन की गई संख्या से मेल नहीं खातीं। विकल्प D यानी पंद्रह वास्तविक संख्या से अधिक है। यह आँकड़ा समारोह का सबसे अधिक पूछे जाने योग्य विवरण है और इसे स्तंभों के उद्देश्य के साथ ही याद रखना चाहिए। परीक्षार्थी कार्यक्रम में प्रस्तुत अन्य सेवा कार्य भी देख लें, जैसे प्रयागराज की गंगा आरती और अयोध्या में कृत्रिम अंगों का दान। साथ ही यह भी याद रखें कि स्तंभों का उद्घाटन डिजिटल माध्यम से हुआ, इसलिए संख्या के साथ उद्घाटन का तरीका भी प्रश्न का हिस्सा बन सकता है।