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GK24
भारतीय इतिहासकठिनपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2023, Paper I

वैदिक यज्ञों की प्रथा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. श्रौत (वैदिक यज्ञ) में तीन अग्नियों का प्रयोग होता था - गार्हपत्य (गृहस्थ की अग्नि), आहवनीय (आहुति की अग्नि) और दक्षिणाग्नि (दक्षिण की अग्नि)। 2. इन अग्नियों को अलग-अलग आकार के कुंडों में रखा जाना था, अर्थात् गार्हपत्य वर्गाकार, आहवनीय गोल और दक्षिणाग्नि आयताकार। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2

सही उत्तर

A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। श्रौत यज्ञों में सचमुच तीन पवित्र अग्नियाँ होती थीं, पर कथन 2 में उनके आकार उलटे बताए गए हैं।

श्रौत यज्ञ श्रौत सूत्रों और ब्राह्मण ग्रंथों में बताए गए बड़े अनुष्ठान हैं। इनमें तीन अग्नियाँ होती थीं: गार्हपत्य, यानी गृहस्थ की अग्नि, जिससे बाकी अग्नियाँ जलाई जाती थीं; आहवनीय, जिसमें आहुति डाली जाती थी; और दक्षिणाग्नि, यानी दक्षिण दिशा की अग्नि। इनकी वेदियों के आकार तय थे: गार्हपत्य गोल, आहवनीय वर्गाकार और दक्षिणाग्नि अर्धचंद्राकार। ऐसी वेदियों को नापने और बनाने के नियम शुल्ब सूत्रों में मिलते हैं, जो भारतीय ज्यामिति के सबसे पुराने लेखों में गिने जाते हैं।

B गलत है क्योंकि कथन 2 के आकार गलत हैं: गार्हपत्य गोल था, वर्गाकार नहीं, और आहवनीय वर्गाकार था, गोल नहीं। C गलत है क्योंकि केवल कथन 1 सही है। D गलत है क्योंकि कथन 1 सही है।

Exam tip: तीन अग्नियाँ: गार्हपत्य गोल, आहवनीय वर्गाकार, दक्षिणाग्नि अर्धचंद्राकार; वेदी-ज्यामिति शुल्ब सूत्रों में।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

वासुदेव बलवंत फड़के इतिहास में किस लिए जाने जाते हैं?

  1. A.उन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज़ों के विरुद्ध हिंसक संघर्ष का नेतृत्व किया
  2. B.वे गांधीवादी संघर्ष के आलोचक थे
  3. C.उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया
  4. D.वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उग्र नेता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया

फड़के ने 1879 में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए महाराष्ट्र में एक सशस्त्र दल खड़ा किया। वासुदेव बलवंत फड़के पुणे में सैन्य वित्त विभाग में लिपिक थे।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iकठिन

मुगल बादशाहों की धार्मिक नीतियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.तीर्थयात्रा कर 1563 में और गैर-मुस्लिम प्रजा पर जज़िया कर 1564 में समाप्त कर दिया गया
  2. B.अकबर ने अपने अधिकारियों को धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाने के निर्देश दिए
  3. C.सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए
  4. D.शाहजहाँ और औरंगज़ेब के शासनकाल में युद्ध के दौरान नष्ट हुए अनेक मंदिरों की मरम्मत के लिए अनुदान जारी किए गए
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए

वास्तव में सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान दिए, इसलिए यह कहना गलत है कि सबने नहीं दिए।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

आरंभिक राष्ट्रवादियों ने 1892 के परिषद अधिनियम का विरोध क्यों किया?

  1. A.शाही विधान परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  2. B.प्रांतीय परिषदों के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  3. C.परिषदों को वार्षिक बजट पर चर्चा करने का अधिकार दिया गया था
  4. D.इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था

परिषदें बजट पर चर्चा कर सकती थीं, पर उस पर मतदान या संशोधन नहीं कर सकती थीं। भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 ने शाही और प्रांतीय विधान परिषदों में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाई और नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों और विश्वविद्यालयों जैसी संस्थाओं की सिफ़ारिश से अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था शुरू की।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

सुलह-ए-कुल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसका अर्थ 'पूर्ण शांति' है

2. इसमें सभी धर्मों और विचार-संप्रदायों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई थी

3. सुलह-ए-कुल के आदर्श को राज्य की नीतियों के माध्यम से लागू किया गया था

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 3
  4. D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

सुलह-ए-कुल, अकबर का पूर्ण शांति का आदर्श, हर धर्म को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता था और राज्य की नीतियों से व्यवहार में लाया गया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

प्रार्थना समाज के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

1. इसका उद्देश्य हिंदू समाज में सुधार करना था

2. यह महाराष्ट्र में आधारित था

3. यह एकेश्वरवाद में विश्वास करता था

4. इसने ब्रह्म समाज को अत्यधिक प्रभावित किया था

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 2 और 3

प्रार्थना समाज महाराष्ट्र की एकेश्वरवादी हिंदू सुधार संस्था थी, पर यह ब्रह्म समाज से प्रभावित थी, उसका उल्टा नहीं। प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में बंबई में आत्माराम पांडुरंग ने की, जब ब्रह्म समाज के केशवचंद्र सेन की यात्रा से वहाँ के सुधारक प्रेरित हुए।