उर्वरकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यूरिया एक फॉस्फोरस-युक्त उर्वरक है।
- B.मिट्टी में उर्वरक डालने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
- C.यूरिया को अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च दाब और उच्च ताप पर अभिक्रिया से बनाया जा सकता है।
- D.यूरिया में अन्य उर्वरकों की तुलना में अधिक नाइट्रोजन होती है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। यूरिया, CO(NH₂)₂, में कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन हैं; इसमें फॉस्फोरस बिल्कुल नहीं है और यह नाइट्रोजनी उर्वरक है।
यूरिया में लगभग 46% नाइट्रोजन होती है, जो सामान्य ठोस उर्वरकों में सबसे अधिक है; इसीलिए भारत में यह सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला उर्वरक है। कारखानों में इसे अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च दाब और ताप पर अभिक्रिया से बनाया जाता है। फॉस्फोरस सिंगल सुपरफॉस्फेट और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) जैसे उर्वरकों से, और पोटैशियम म्यूरेट ऑफ पोटाश से मिलता है।
B सही कथन है, क्योंकि उर्वरक मिट्टी में कम पड़े पोषक तत्व जोड़कर उसकी उर्वरता बढ़ाते हैं।
C सही कथन है, क्योंकि यूरिया संयंत्रों का कच्चा माल अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड ही है।
D सही कथन है, क्योंकि यूरिया की 46% नाइट्रोजन अमोनियम सल्फेट (लगभग 21%) या कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (लगभग 25%) से अधिक है।
Exam tip: N-P-K: नाइट्रोजन के लिए यूरिया (46%), फॉस्फोरस के लिए सुपरफॉस्फेट और DAP, पोटैशियम के लिए म्यूरेट ऑफ पोटाश।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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