त्रिंबकेश्वर निम्नलिखित में से किस नदी का उद्गम स्थल है?
- A.महानदी
- B.ताप्ती
- C.रावी
- D.गोदावरी
सही उत्तर
D. गोदावरी
व्याख्या
सही उत्तर है D, गोदावरी। गोदावरी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चिमी घाट की त्रिंबकेश्वर पहाड़ियों में होता है, जो अरब सागर से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसकी लंबाई लगभग 1,465 किलोमीटर है, और यह महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश से होकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है। अपने बड़े जलग्रहण क्षेत्र और लंबाई के कारण इसे दक्षिण गंगा कहा जाता है, और प्राणहिता, इंद्रावती तथा मंजीरा इसकी मुख्य सहायक नदियाँ हैं। A गलत है क्योंकि महानदी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की सिहावा पहाड़ियों से निकलती है। B गलत है क्योंकि ताप्ती मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मुलताई से निकलकर पश्चिम की ओर अरब सागर में गिरती है। C गलत है क्योंकि रावी सिंधु तंत्र की हिमालयी नदी है, जो हिमाचल प्रदेश के बड़ा भंगाल क्षेत्र से निकलती है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - नासिक के त्रिंबकेश्वर से गोदावरी, जिसे दक्षिण गंगा कहते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवायुदाब के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.वायु सदैव निम्न दाब क्षेत्रों से उच्च दाब क्षेत्रों की ओर चलती है।
- B.उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में वायु गर्म होकर नीचे बैठती है, जिससे उच्च दाब क्षेत्र बनता है।
- C.निम्न तापमान वाले क्षेत्रों में निम्न दाब क्षेत्र बनता है, ठंडी वायु भारी होकर ऊपर उठती है।
- D.निम्न दाब मेघयुक्त आकाश और आर्द्र मौसम से जुड़ा है, उच्च दाब स्वच्छ और धूप वाले आकाश से जुड़ा है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. निम्न दाब मेघयुक्त आकाश और आर्द्र मौसम से जुड़ा है, उच्च दाब स्वच्छ और धूप वाले आकाश से जुड़ा है।
व्याख्या
सही उत्तर है D। जहाँ वायुदाब कम होता है वहाँ वायु ऊपर उठती है, ऊपर जाकर ठंडी होती है और उसमें मौजूद नमी संघनित हो जाती है, इसलिए निम्न दाब मेघयुक्त आकाश और आर्द्र मौसम लाता है; उच्च दाब क्षेत्र में वायु नीचे बैठती है और गर्म होती है, बादल नहीं बनते और आकाश स्वच्छ तथा धूप वाला रहता है। वायुदाब इकाई क्षेत्र पर वायु स्तंभ का भार है, जिसे बैरोमीटर से मिलीबार में मापा जाता है और नक्शों पर समदाब रेखाओं से दिखाया जाता है। ऊँचाई बढ़ने पर दाब घटता है, और वायु गर्म होने पर भी दाब घटता है क्योंकि गर्म वायु फैलकर हल्की हो जाती है। A गलत है क्योंकि पवन सदैव उच्च दाब क्षेत्र से निम्न दाब क्षेत्र की ओर चलती है। B गलत है क्योंकि गर्म वायु नीचे बैठने के बजाय ऊपर उठती है, जिससे निम्न दाब बनता है, उच्च दाब नहीं। C गलत है क्योंकि ठंडी वायु भारी होकर नीचे बैठती है, इसलिए ठंडे क्षेत्रों में उच्च दाब रहता है। परीक्षा टिप: गर्मी और ऊपर उठती वायु का अर्थ निम्न दाब और वर्षा, ठंड और नीचे बैठती वायु का अर्थ उच्च दाब और स्वच्छ आकाश।
निम्नलिखित में से कौन-सी भूकंपीय तरंगें सतही तरंगें हैं?
- A.P तरंगें
- B.L तरंगें
- C.S तरंगें
- D.M तरंगें
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. L तरंगें
व्याख्या
सही उत्तर है B, L तरंगें। भूकंपीय तरंगें दो वर्गों में बँटती हैं - भूगर्भिक तरंगें, जो पृथ्वी के भीतर से गुजरती हैं, और सतही तरंगें, जो धरातल के साथ चलती हैं; इन सतही तरंगों को L तरंगें यानी दीर्घ तरंगें कहा जाता है। ये वहाँ बनती हैं जहाँ भूगर्भिक तरंगें सतह से मिलती हैं, इनकी गति सबसे कम होती है और भूकंपलेखी पर ये सबसे बाद में दर्ज होती हैं, फिर भी ये सबसे विनाशकारी होती हैं, क्योंकि धरातल के पास ये इमारतों को आगे-पीछे तथा ऊपर-नीचे हिलाती हैं। भूगर्भिक तरंगें P और S हैं। P तरंगें सबसे तेज हैं, सबसे पहले पहुँचती हैं, अनुदैर्ध्य होती हैं और ठोस, द्रव तथा गैस से गुजर जाती हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और द्रव से नहीं गुजर सकतीं, जिससे द्रव बाह्य क्रोड का पता चला। A गलत है क्योंकि P तरंगें प्राथमिक भूगर्भिक तरंगें हैं। C गलत है क्योंकि S तरंगें द्वितीयक भूगर्भिक तरंगें हैं। D गलत है क्योंकि M नाम की कोई भूकंपीय तरंग श्रेणी नहीं है। परीक्षा टिप: आने का क्रम है पहले P, फिर S और अंत में L, और सबसे अधिक नुकसान L करती है।
भारत को कितने भूकंप क्षेत्रों (भूकंपीय जोन) में बाँटा गया है?
- A.4
- B.2
- C.6
- D.5
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 4
व्याख्या
सही उत्तर है A, चार। भारतीय मानक ब्यूरो की संहिता IS 1893 देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में बाँटती है, जिन्हें जोन II, III, IV और V कहा जाता है; जोन V में खतरा सबसे अधिक और जोन II में सबसे कम होता है। जोन V में कश्मीर घाटी, पश्चिमी तथा मध्य हिमालय, संपूर्ण पूर्वोत्तर, कच्छ का रण और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह आते हैं। जोन IV में शेष हिमालयी पट्टी, दिल्ली, बिहार के कुछ भाग और उत्तरी बंगाल आते हैं, जोन III में सिंधु-गंगा का मैदान तथा प्रायद्वीप का अधिकांश तटीय भाग, और जोन II में प्रायद्वीप का अधिक स्थिर भीतरी भाग शामिल है। पुराने नक्शे में पाँच जोन थे, पर 2002 के संशोधन में जोन I को जोन II में मिला दिया गया। B गलत है क्योंकि इतने बड़े देश के लिए दो क्षेत्र बहुत मोटा विभाजन होगा। C गलत है क्योंकि नक्शे पर छठा कोई जोन चिह्नित नहीं है। D गलत है क्योंकि जोन I हटने के बाद पाँच जोन वाला नक्शा समाप्त हो गया। परीक्षा टिप: जोन II से V तक चलते हैं और V सबसे खतरनाक है।
अल्फ्रेड वेगनर द्वारा वर्णित महाद्वीपीय विस्थापन से पहले एकमात्र महाद्वीपीय भूखंड को घेरने वाले महासागर का नाम क्या था?
- A.पिग्मालियन
- B.पनामा
- C.पैंथालासा
- D.पैंजिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पैंथालासा
व्याख्या
सही उत्तर है C, पैंथालासा। अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में जो महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत दिया, उसमें एकमात्र विशाल भूखंड पैंजिया था और उसे घेरने वाला एकमात्र महासागर पैंथालासा था, जिसका ग्रीक अर्थ संपूर्ण सागर है। वेगनर के अनुसार पैंजिया लगभग 20 करोड़ वर्ष पहले टूटने लगा, पहले उत्तर में लॉरेशिया और दक्षिण में गोंडवानालैंड में बँटा, जिनके बीच टेथिस सागर था, और फिर ये खंड खिसककर वर्तमान स्थानों पर पहुँचे। उन्होंने अटलांटिक तटों के आपस में मिल जाने तथा समान चट्टानों और जीवाश्मों को प्रमाण बताया, पर उन्होंने जो बल गिनाए, ध्रुव-प्रतिकर्षी बल और ज्वारीय बल, वे बहुत कमजोर थे, इसलिए भूवैज्ञानिक सहमत नहीं हुए और बाद में प्लेट विवर्तनिकी ने इस सिद्धांत की जगह ले ली। A गलत है क्योंकि पिग्मालियन कोई भूवैज्ञानिक नाम नहीं है। B गलत है क्योंकि पनामा उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका को जोड़ने वाला स्थलडमरूमध्य तथा एक देश है। D गलत है क्योंकि पैंजिया भूखंड था, महासागर नहीं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - पैंजिया महाद्वीप और पैंथालासा महासागर।
पृथ्वी को अनेक समय क्षेत्रों में बाँटा गया है। प्रत्येक समय क्षेत्र कितने अंश को कवर करता है?
- A.24 अंश
- B.20 अंश
- C.15 अंश
- D.10 अंश
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15 अंश
व्याख्या
सही उत्तर है C, 15 अंश। पृथ्वी 24 घंटे में 360 अंश घूमती है, इसलिए एक घंटे में वह 15 अंश देशांतर तय करती है और प्रत्येक मानक समय क्षेत्र एक घंटे यानी 15 अंश चौड़ा खींचा जाता है। एक अंश देशांतर के लिए चार मिनट लगते हैं, और इसी आंकड़े से ग्रीनविच मध्याह्न रेखा के सापेक्ष स्थानीय समय निकाला जाता है। भारत में एक ही घड़ी चलती है, भारतीय मानक समय, जो उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के पास से गुजरने वाले 82 अंश 30 मिनट पूर्वी देशांतर पर आधारित है; यह ग्रीनविच समय से साढ़े पाँच घंटे आगे है। रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे बड़े देशों में कई समय क्षेत्र चलते हैं। A गलत है क्योंकि 24 समय क्षेत्रों की संख्या है, प्रत्येक क्षेत्र के अंश नहीं। B गलत है क्योंकि 20 अंश की पट्टी से 18 क्षेत्र बनेंगे, 24 नहीं। D गलत है क्योंकि 10 अंश की पट्टी से 36 क्षेत्र बन जाएँगे। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - एक घंटे में 15 अंश, एक अंश में चार मिनट।