ट्राई की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रदर्शन संकेतक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक भारत का कुल टेली-घनत्व कितना था?
- A.85.04 प्रतिशत
- B.89.88 प्रतिशत
- C.93.26 प्रतिशत
- D.151.47 प्रतिशत
सही उत्तर
C. 93.26 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 93.26 प्रतिशत है। ट्राई की वार्षिक रिपोर्ट में मार्च 2026 के अंत तक कुल टेली-घनत्व इसी स्तर पर दर्ज है, जो एक वर्ष पहले 85.04 प्रतिशत था। इसलिए विकल्प A गलत है, क्योंकि वह मार्च 2025 के अंत का आंकड़ा है और प्रश्न उस वर्ष का नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 89.88 प्रतिशत वायरलेस टेली-घनत्व है, जिसमें केवल मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कनेक्शन गिने जाते हैं और वायरलाइन कनेक्शन छूट जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 151.47 प्रतिशत केवल शहरी टेली-घनत्व है, जो सौ से अधिक है क्योंकि कई शहरी उपभोक्ता एक से अधिक कनेक्शन रखते हैं; इसके मुकाबले ग्रामीण आंकड़ा 60.46 प्रतिशत है। टेली-घनत्व का अर्थ प्रति सौ व्यक्ति टेलीफोन कनेक्शन है, इसलिए कुल आंकड़ा शहरी और ग्रामीण आंकड़ों के बीच रहता है। परीक्षार्थी को कुल, वायरलेस, शहरी और ग्रामीण टेली-घनत्व के चारों आंकड़े अलग-अलग याद रखने चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: ट्राई रिपोर्ट: टेलीफोन उपभोक्ता 1,330.58 मिलियन पहुंचे
अभ्यास प्रश्न
ट्राई की वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक देश में कुल टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या लगभग कितनी थी?
- A.1,200.80 मिलियन
- B.1,282.33 मिलियन
- C.1,330.58 मिलियन
- D.1092.79 मिलियन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1,330.58 मिलियन
व्याख्या
सही उत्तर 1,330.58 मिलियन है। रिपोर्ट में वायरलेस और वायरलाइन को मिलाकर कुल टेलीफोन उपभोक्ता मार्च 2026 के अंत तक इसी संख्या पर दर्ज हैं, जिसमें वर्ष भर में 10.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह एक वर्ष पहले मार्च 2025 के अंत का उपभोक्ता आधार था। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें केवल वायरलेस कनेक्शन गिने गए हैं, जिनमें मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस शामिल हैं और जिनमें वर्ष भर में 118.58 मिलियन की शुद्ध वृद्धि के साथ 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या है, जो टेलीफोन कनेक्शन से भिन्न माप है, और इसमें से 1065.88 मिलियन ब्रॉडबैंड उपभोक्ता थे। रिपोर्ट टेलीफोन आधार को 778.79 मिलियन शहरी और 551.79 मिलियन ग्रामीण उपभोक्ताओं में बांटती है, तथा वायरलाइन उपभोक्ता 48.25 मिलियन बताती है।
ट्राई के अनुसार वर्ष 2025-26 में वायरलेस सेवा का प्रति उपभोक्ता औसत मासिक राजस्व, अर्थात एआरपीयू, कितना रहा?
- A.174.46 रुपये
- B.180.73 रुपये
- C.190.66 रुपये
- D.245.66 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 180.73 रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 180.73 रुपये है। ट्राई की रिपोर्ट में वर्ष 2025-26 के लिए वायरलेस सेवा का मासिक एआरपीयू इसी स्तर पर दर्ज है, जिसमें वर्ष भर में 3.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि 174.46 रुपये पिछले वर्ष 2024-25 का एआरपीयू था और रिपोर्ट इसे केवल तुलना के लिए देती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 190.66 रुपये केवल प्रीपेड सेवा का एआरपीयू है, जबकि पोस्टपेड सेवा का आंकड़ा 119.76 रुपये रहा; कुल वायरलेस एआरपीयू में दोनों शामिल होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 245.66 रुपये प्रत्येक डेटा उपभोक्ता से एक माह में वायरलेस डेटा पर प्राप्त औसत राजस्व है, जो डेटा से जुड़ा अलग माप है। इससे जुड़े दो आंकड़े भी याद रखें, प्रति वायरलेस डेटा उपभोक्ता मासिक उपयोग 25.51 जीबी और प्रति जीबी औसत प्राप्ति 8.02 रुपये।
घरेलू रातभर यात्राओं में कौन दो साधन मिलकर लगभग 73.5% हिस्सा रखते हैं?
- A.कार और दोपहिया
- B.बस और अंतर-नगरीय रेल
- C.हवाई यात्रा और रेल
- D.ऑटो-रिक्शा और बस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बस और अंतर-नगरीय रेल
व्याख्या
सही उत्तर बस और अंतर-नगरीय रेल है। सर्वेक्षण के अनुसार घरेलू रातभर यात्राओं में बसें 55.8% और अंतर-नगरीय रेल 17.7% हिस्सा रखती हैं, जो मिलकर ऐसी यात्राओं का लगभग तीन-चौथाई बनता है। इसके बाद कारें 15.1% और दोपहिया 8.8% पर हैं, इसलिए विकल्प A अगली श्रेणी का वर्णन करता है, अग्रणी जोड़ी का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सर्वेक्षण के निष्कर्षों में घरेलू रातभर यात्राओं के प्रमुख साधनों में हवाई यात्रा शामिल नहीं है। विकल्प D सही नहीं है क्योंकि ऑटो-रिक्शा दिन के भीतर की छोटी यात्राओं के लिए उपयोग होता है, रातभर की यात्राओं के लिए नहीं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि रातभर यात्राओं में रेल का उपयोग शहरी परिवारों में लगभग 22.7% और ग्रामीण परिवारों में लगभग 14.0% है, और 70.2% रातभर यात्राओं का कारण मेल-मिलाप, संवाद और धार्मिक गतिविधियां हैं।
5 अक्तूबर 2026 को जारी भारत का पहला राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण किस संस्था ने कराया?
- A.नीति आयोग
- B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
- C.भारतीय रिज़र्व बैंक
- D.भारत के जनगणना आयुक्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है। एनएसओ, जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है, ने जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच पहला अखिल भारतीय राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण कराया और उसके प्रमुख संकेतक तथ्यपत्रक के जरिये जारी किए। विकल्प A यानी नीति आयोग सरकार का नीति विषयक संस्थान है और अपने सूचकांक प्रकाशित करता है, लेकिन वह इस तरह के बड़े घरेलू नमूना सर्वेक्षण नहीं कराता। विकल्प C यानी भारतीय रिज़र्व बैंक उपभोक्ता विश्वास, महंगाई की अपेक्षाओं और बैंक ऋण पर सर्वेक्षण करता है, घरेलू यात्रा व्यवहार पर नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि जनगणना आयुक्त दशकीय जनगणना कराते हैं, आवागमन पर नमूना सर्वेक्षण नहीं। अभ्यर्थी एनएसओ और सांख्यिकी मंत्रालय को इस तरह के घरेलू सर्वेक्षणों से जोड़कर याद रखें, और यह भी कि सर्वेक्षण रेल मंत्रालय की आंकड़ा जरूरतों को भी पूरा करता है।
राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण के अनुसार काम पर जाने वाले श्रमिकों का प्रमुख साधन कौन है?
- A.बस, 29.5% श्रमिक
- B.पैदल, 36.6% श्रमिक
- C.दोपहिया, 42.6% श्रमिक
- D.उपनगरीय रेल, 20.7% श्रमिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दोपहिया, 42.6% श्रमिक
व्याख्या
सही उत्तर दोपहिया वाहन, 42.6% श्रमिक है। सर्वेक्षण में पाया गया कि काम की यात्राओं के लिए पूरे देश में दोपहिया वाहन सबसे बड़ा एकल साधन है, जिसकी हिस्सेदारी शहरी क्षेत्रों में 52.3% और ग्रामीण क्षेत्रों में 37.1% है। विकल्प A में दी गई बस की हिस्सेदारी विद्यार्थियों की यात्रा से जुड़ी है, काम की यात्रा से नहीं, जहां बसों का हिस्सा बहुत कम है। विकल्प B ग्रामीण पैदल आंकड़े से बना जाल है; पैदल चलना महत्वपूर्ण तो है और काम की यात्राओं में दूसरे स्थान पर आता है, पर यह अग्रणी साधन नहीं है। विकल्प D एक राज्य स्तरीय आंकड़े को राष्ट्रीय आंकड़े से मिला देता है, क्योंकि मेट्रो, उपनगरीय रेल, मोनोरेल और ट्राम मिलकर देश भर में शहरी श्रमिकों का केवल 5.0% ढोते हैं, चाहे कुछ राज्यों में उनका उपयोग बहुत अधिक हो। अभ्यर्थी राष्ट्रीय हिस्सेदारी के साथ उसका शहरी और ग्रामीण विभाजन भी याद रखें।