तीरंदाजी में पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कौन हैं, जिनका भेंट किया तीर इस नीलामी में शामिल है?
- A.नवदीप सिंह
- B.नितेश कुमार
- C.हरविंदर सिंह
- D.सुमित अंतिल
सही उत्तर
C. हरविंदर सिंह
व्याख्या
सही उत्तर हरविंदर सिंह है। उन्हें तीरंदाजी में पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला भारतीय बताया गया है और उनके द्वारा भेंट किया गया तीर इस संस्करण में हरियाणा की सात वस्तुओं में से एक है। विकल्प A यानी नवदीप सिंह गलत है, क्योंकि वे भाला फेंक के खिलाड़ी हैं जिन्होंने पेरिस पैरालंपिक की पुरुष F41 स्पर्धा का स्वर्ण जीता; उनकी टोपी और हस्ताक्षरित शर्ट भी इसी संग्रह में हैं, इसलिए दोनों नामों को अलग रखना आवश्यक है। विकल्प B यानी नितेश कुमार गलत है, क्योंकि वे पैरालंपिक बैडमिंटन के स्वर्ण विजेता हैं जिन्होंने रैकेट और भारतीय टीम की शर्ट भेंट की। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस संग्रह में योगदान देने वालों में वह नाम शामिल नहीं है। ऐसी सूची याद करने का सुरक्षित तरीका यह है कि हर नाम के साथ उसका खेल जोड़ें, यानी तीरंदाजी के साथ तीर, एथलेटिक्स के साथ टोपी और शर्ट, तथा बैडमिंटन के साथ रैकेट।
पूरा लेख पढ़ें: प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह नीलामी का 8वां संस्करण: हरियाणा पर केंद्रित
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह नीलामी के आठवें संस्करण से प्राप्त राशि किस परियोजना को दी जाएगी?
- A.नमामि गंगे परियोजना
- B.स्वच्छ भारत कोष
- C.राष्ट्रीय खेल विकास कोष
- D.प्रोजेक्ट टाइगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नमामि गंगे परियोजना
व्याख्या
सही उत्तर नमामि गंगे परियोजना है। प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिन्हों की नीलामी इसलिए होती है कि ये उपहार एक वृहद सार्वजनिक उद्देश्य पूरा करें, और इस संस्करण में प्राप्त राशि नमामि गंगे परियोजना को जाती है, जो गंगा नदी की सफाई और संरक्षण का कार्यक्रम है। विकल्प B यानी स्वच्छ भारत कोष गलत है, क्योंकि उसमें स्वच्छता कार्यों के लिए अंशदान आता है और यहां लाभार्थी के रूप में उसका नाम नहीं है। विकल्प C यानी राष्ट्रीय खेल विकास कोष आकर्षक विकल्प है, क्योंकि इस संस्करण की सात में से पांच वस्तुएं खेल से जुड़ी हैं, लेकिन वस्तुओं का खेल से संबंध राशि के गंतव्य को नहीं बदलता। विकल्प D यानी प्रोजेक्ट टाइगर गलत है, क्योंकि वह वन्यजीव संरक्षण का कार्यक्रम है और इस नीलामी से उसका कोई संबंध नहीं है। ऐसे प्रश्नों के लिए दो बातें साथ याद रखें, अर्थात संस्करण का विषय और राशि का गंतव्य।
नवदीप सिंह ने पैरालंपिक स्वर्ण पदक किस स्पर्धा में जीता था?
- A.पुरुष F41 भाला फेंक
- B.पुरुष F64 भाला फेंक
- C.पुरुष T42 ऊंची कूद
- D.पुरुष F35 गोला फेंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पुरुष F41 भाला फेंक
व्याख्या
सही उत्तर पुरुष F41 भाला फेंक है। नवदीप सिंह ने पेरिस पैरालंपिक में इसी स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उनके द्वारा भेंट की गई टोपी तथा हस्ताक्षरित शर्ट आठवें संस्करण की हरियाणा संबंधी वस्तुओं में शामिल हैं। विकल्प B भाला फेंक की एक अलग वर्गीकरण श्रेणी है, और चूंकि पैरा एथलेटिक्स की स्पर्धाएं वर्गीकरण के अनुसार अलग होती हैं, इसलिए एक श्रेणी का पदक दूसरी श्रेणी में नहीं गिना जा सकता। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह ऊंची कूद की श्रेणी है, फेंक स्पर्धा नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह गोला फेंक की श्रेणी है, जो पूर्णतः भिन्न स्पर्धा है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि पैरा एथलेटिक्स के परिणाम वर्गीकरण कोड के साथ याद किए जाने चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्र खिलाड़ी का नाम और खेल सही रखते हुए श्रेणी बदल देते हैं।
आठवें संस्करण के संग्रह में हरियाणा की विरासत से जुड़ी निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु शामिल है?
- A.धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की गीता उपदेश स्थली का स्मृति चिन्ह
- B.कोणार्क के सूर्य मंदिर की प्रतिकृति
- C.चारमीनार का मॉडल
- D.मधुबनी चित्रकला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की गीता उपदेश स्थली का स्मृति चिन्ह
व्याख्या
सही उत्तर धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की गीता उपदेश स्थली का स्मृति चिन्ह है। खेल स्मृतियों के साथ संग्रह में यह स्मृति चिन्ह शामिल है, जो श्रीमद्भगवद्गीता के साथ हरियाणा के जुड़ाव को दर्शाता है, और इसके अलावा माता शीतला देवी की एक धातु मूर्ति भी है जिसमें सूक्ष्म नक्काशी और चमकदार फिनिश है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कोणार्क का सूर्य मंदिर ओडिशा में है और हरियाणा पर केंद्रित संग्रह से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चारमीनार तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मधुबनी चित्रकला बिहार के मिथिला क्षेत्र की है। पुनरावृत्ति के लिए सीख यह है कि जब नीलामी का कोई संस्करण एक राज्य पर केंद्रित होता है, तो उसकी हर वस्तु उसी राज्य की ओर संकेत करती है, इसलिए अन्य राज्यों से जुड़े विकल्प हटाकर उत्तर निकाला जा सकता है।
निम्न में से कौन इन नए उत्कृष्टता केंद्रों के चार बताए गए कार्यक्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.भाषाई सामग्री का संरक्षण और डिजिटलीकरण
- B.क्षेत्रीय शैक्षणिक तंत्र को मजबूत करना
- C.सभी विद्यालयों में इन भाषाओं की अनिवार्य पढ़ाई
- D.शास्त्रीय भाषा विरासत का व्यापक प्रसार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सभी विद्यालयों में इन भाषाओं की अनिवार्य पढ़ाई
व्याख्या
सही उत्तर सभी विद्यालयों में इन भाषाओं की अनिवार्य पढ़ाई है, जो बताए गए कार्यक्षेत्रों में शामिल नहीं है। चार क्षेत्र ये हैं: शैक्षणिक शोध और विद्वत्ता को मजबूत करना, भाषाई तथा साहित्यिक सामग्री का संरक्षण एवं डिजिटलीकरण, शास्त्रीय भाषा विरासत का व्यापक प्रसार, और क्षेत्रीय शैक्षणिक तंत्र को मजबूत करना। इसलिए विकल्प A, B और D इस प्रश्न के गलत उत्तर हैं, क्योंकि इनमें से हर एक वास्तव में उन चार में से एक है। ये केंद्र उच्च शिक्षा संस्थाओं में रखे गए शोध तथा संरक्षण के निकाय हैं, इसलिए उनका काम दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण, विद्वत्ता और पहुंच तक जाता है, विद्यालयी पाठ्यक्रम तक नहीं। यहां प्रश्न ध्यान से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि जल्दबाजी में जो परीक्षार्थी यह बता देता है कि केंद्र क्या करेंगे, वह जाने हुए प्रश्न पर अंक गंवा बैठता है।
शास्त्रीय मराठी के उत्कृष्टता केंद्र की मेजबानी कौन संस्था करेगी?
- A.सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय
- B.डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे
- C.मुंबई विश्वविद्यालय
- D.गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान, पुणे
व्याख्या
सही उत्तर पुणे का डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान है, जो मानद विश्वविद्यालय है और महाराष्ट्र में शास्त्रीय मराठी का केंद्र संभालेगा। विकल्प A सबसे मजबूत भ्रमित करने वाला विकल्प है, क्योंकि वह उसी शहर के एक और जाने-पहचाने विश्वविद्यालय का नाम लेता है, और जिस परीक्षार्थी को केवल पुणे शहर याद रह जाता है वह इसी में फंस सकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मेजबान संस्था मुंबई के बजाय पुणे में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय शास्त्रीय प्राकृत का केंद्र संभालेगा, मराठी का नहीं। संस्था के नाम के साथ उसका प्रकार भी ध्यान रखें, क्योंकि पुणे की मेजबान संस्था मानद विश्वविद्यालय है, जबकि पांच में से दो केंद्र ऐसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हैं जो अपने नाम में केंद्रीय शब्द रखते हैं, और परीक्षक केवल नाम के बजाय यह अंतर भी पूछ सकता है।