तर्कु तंतु गुणसूत्रों के निम्नलिखित में से किस विशिष्ट क्षेत्र से जुड़ता है?
- A.काइनेटोकोर
- B.क्रोमोनीमा
- C.टीलोमियर
- D.तारककेंद्र (सेंट्रिओल)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, काइनेटोकोर। तर्कु तंतु काइनेटोकोर से जुड़ते हैं, जो हर गुणसूत्र के गुणसूत्रबिंदु (सेंट्रोमियर) पर बनी चकती जैसी प्रोटीन संरचना है।
कोशिका विभाजन के समय सूक्ष्मनलिकाओं से बना तर्कु हर गुणसूत्र की प्रतियों को अलग खींचता है। हर गुणसूत्र में एक संकुचन होता है जिसे गुणसूत्रबिंदु कहते हैं, और उसके दोनों ओर एक-एक काइनेटोकोर होता है, हर सहोदर अर्धगुणसूत्र के लिए एक। मेटाफ़ेज़ में विपरीत ध्रुवों से आए तर्कु तंतु दोनों काइनेटोकोर से जुड़कर गुणसूत्रों को कोशिका के मध्य में पंक्तिबद्ध करते हैं। एनाफ़ेज़ में तंतु छोटे होकर अर्धगुणसूत्रों को विपरीत ध्रुवों की ओर खींच लेते हैं। काइनेटोकोर से ठीक जुड़ाव न हो तो संतति कोशिकाओं में गुणसूत्र गलत बँट जाते हैं।
B गलत है क्योंकि क्रोमोनीमा अर्धगुणसूत्र में फैला DNA और प्रोटीन का कुंडलित धागा है, जुड़ने का स्थान नहीं। C गलत है क्योंकि टीलोमियर गुणसूत्रों के सिरों पर सुरक्षा टोपियाँ हैं। D गलत है क्योंकि तारककेंद्र गुणसूत्र का भाग नहीं है; जंतु कोशिकाओं में यह ध्रुव पर रहकर तर्कु बनाने में मदद करता है।
Exam tip: तर्कु तंतु गुणसूत्रबिंदु पर काइनेटोकोर से जुड़ते हैं; टीलोमियर सिरों को ढकते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन-सा उनकी जड़ों और प्ररोहों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
- A.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
- B.अंतस्त्वचा (एंडोडर्मिस)
- C.वल्कुट (कॉर्टेक्स)
- D.शीर्षस्थ विभज्योतक
उत्तर देखें
शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ों और प्ररोहों के सिरों पर होते हैं, और इनकी विभाजित होती कोशिकाएँ पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के ऊतकों में से निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल ऊतक है?
- A.मृदूतक (पैरेंकाइमा)
- B.दृढ़ोतक (स्क्लेरेंकाइमा)
- C.जाइलम
- D.स्थूलकोणोतक (कॉलेंकाइमा)
उत्तर देखें
जाइलम एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जो मिलकर काम करती हैं, और यही किसी ऊतक को जटिल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्लाज्मा झिल्ली के आर-पार Na+ और Ca2+ का परिवहन किसका उदाहरण है?
- A.एंटीपोर्ट
- B.सिमपोर्ट
- C.यूनिपोर्ट
- D.एक्वापोरिन
उत्तर देखें
सोडियम-कैल्शियम एक्सचेंजर में Na+ आयन कोशिका के भीतर आते हैं और Ca2+ आयन बाहर भेजे जाते हैं, यानी दोनों आयन झिल्ली को विपरीत दिशाओं में पार करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
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