स्वावलंबन 2026 का विषय क्या है?
- A.स्ट्रेंथ एंड पावर थ्रू इनोवेशन एंड इंडिजिनाइजेशन
- B.आत्मनिर्भर भारत एट सी
- C.इनोवेशन फॉर मैरीटाइम सिक्योरिटी
- D.टेक्नोलॉजी फॉर ब्लू इकोनॉमी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर ‘स्ट्रेंथ एंड पावर थ्रू इनोवेशन एंड इंडिजिनाइजेशन’ है, जो नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में हो रहे पांचवें संस्करण का घोषित विषय है। परीक्षा के लिए यह शब्दावली महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न पत्र में विषय को संस्करण संख्या और स्थान के साथ जोड़कर पूछा जाता है। बाकी तीन विकल्प आयोजन के इर्द-गिर्द आने वाले शब्दों से गढ़े गए प्रतीत होते हैं, पर वे इसका विषय नहीं हैं। आत्मनिर्भरता वास्तव में वह बड़ा लक्ष्य है जिसे यह संगोष्ठी आगे बढ़ाती है और समुद्री तैयारी वही है जिसे वह मजबूत करना चाहती है, फिर भी इनमें से कोई वाक्यांश आधिकारिक विषय नहीं है। ब्लू इकोनॉमी का उल्लेख इस संगोष्ठी से असंबद्ध है, क्योंकि यह आयोजन रक्षा तकनीक पर है, समुद्र आधारित आर्थिक गतिविधि पर नहीं। याद रखें कि विषय में शक्ति दो चीजों से आती है: नवाचार और स्वदेशीकरण।
पूरा लेख पढ़ें: स्वावलंबन 2026: नौसेना की 5वीं नवाचार संगोष्ठी नई दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
स्वावलंबन 2026 किस सेना अंग की प्रमुख नवाचार संगोष्ठी है?
- A.भारतीय थलसेना
- B.भारतीय वायुसेना
- C.भारतीय नौसेना
- D.भारतीय तटरक्षक बल
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स्वावलंबन नौसेना की अपनी नौसैनिक नवाचार एवं स्वदेशीकरण संगोष्ठी है और आयोजन का नाम ही नौसैनिक नवाचार की ओर संकेत करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वावलंबन 2026 के पूर्ण सत्र में कौन से दो दस्तावेज जारी किए जाएंगे?
- A.नेवल विजन दस्तावेज और मैरीटाइम डॉक्ट्रिन
- B.स्वावलंबन 5.0 दस्तावेज और कंपेंडियम ऑन टेक्नोलॉजी इंपरेटिव्स
- C.आईडीईएक्स वार्षिक रिपोर्ट और रक्षा खरीद नियमावली
- D.स्वदेशीकरण रोडमैप और स्टार्टअप चार्टर
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दोनों पूर्ण सत्र में जारी होंगे, जिसमें रक्षा मंत्री मुख्य अतिथि हैं, और दोनों उद्योग के लिए काम के संदर्भ ग्रंथ माने जा रहे हैं: ये भारतीय नौसेना की तकनीकी प्राथमिकताएं, परिचालन जरूरतें तथा वे अवसर बताते हैं जहां स्वदेशी विकासकर्ता योगदान कर सकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वावलंबन संगोष्ठी पहली बार किस वर्ष आयोजित हुई थी?
- A.2018
- B.2020
- C.2022
- D.2024
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स्वावलंबन की शुरुआत उसी वर्ष हुई और तब से यह एक राष्ट्रीय मंच बन गया है, जो भारतीय नौसेना की परिचालन जरूरतों को भारतीय उद्योग तथा शिक्षा जगत की निर्माण क्षमता से जोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वदेशी एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल की सेटिंग टू वर्क चरण-2 गतिविधि कहां शुरू की गई?
- A.विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
- B.हजीरा, गुजरात
- C.मुंबई, महाराष्ट्र
- D.कोच्चि, केरल
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रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ मैटीरियल वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार तथा डीआरडीओ के महानिदेशक (नेवल सिस्टम्स एंड मैटीरियल्स) डॉ. आर. बालमुरलीकृष्णन परिसर में उपस्थित थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वदेशी एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल किस श्रेणी की पनडुब्बी में और किस कंपनी द्वारा लगाया जाएगा?
- A.शिशुमार श्रेणी, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स द्वारा
- B.अरिहंत श्रेणी, हिंदुस्तान शिपयार्ड द्वारा
- C.कलवरी श्रेणी, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा
- D.सिंधुघोष श्रेणी, कोचीन शिपयार्ड द्वारा
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सेटिंग टू वर्क चरण-2 के बाद वाले चरण में एआईपी ऊर्जा मॉड्यूल को बिजली उत्पादन के लिए चालू किया जाएगा और भारतीय नौसेना के मानकों पर उसका कड़ा परीक्षण होगा।
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