सितंबर 2026 में शुरू किया गया सीएजी-भाषिणी अनुवाद किस काम के लिए है?
- A.राज्य सरकारों के लेखों की ऑनलाइन लेखापरीक्षा
- B.सरकारी और लेखापरीक्षा दस्तावेजों का एआई आधारित अनुवाद
- C.भारतीय भाषाओं में आयकर रिटर्न भरना
- D.पुराने लेखापरीक्षा अभिलेखों को खोजयोग्य चित्रों में बदलना
सही उत्तर
B. सरकारी और लेखापरीक्षा दस्तावेजों का एआई आधारित अनुवाद
व्याख्या
सही उत्तर सरकारी और लेखापरीक्षा दस्तावेजों का एआई आधारित अनुवाद है। यह समाधान भाषिणी ने लेखापरीक्षा संस्थान के लिए विशेष रूप से गढ़े गए भाषा आधारित कृत्रिम बुद्धि समाधान के तौर पर बनाया है, जिसमें पारिभाषिक शब्दों की एकरूपता, संदर्भ बनाए रखने वाला अनुवाद और नतीजे की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह समाधान लेखों की जांच नहीं करता, बल्कि लेखापरीक्षा से निकले कागजों का अनुवाद करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसका कर भुगतान से कोई नाता नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उद्देश्य अनुवाद है, पुराने अभिलेखों का डिजिटलीकरण नहीं। यह सुरक्षा, नियंत्रित पहुंच और डेटा संप्रभुता की संस्थागत जरूरतों का भी जवाब देता है, और मानवीय निगरानी हटाई नहीं गई है।
पूरा लेख पढ़ें: सीएजी-भाषिणी अनुवाद शुरू, ऑडिट दस्तावेजों का एआई अनुवाद
अभ्यास प्रश्न
सीएजी-भाषिणी अनुवाद किस आयोजन के समापन समारोह में शुरू किया गया?
- A.74वां हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा 2026
- B.राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस 2026
- C.सुशासन सप्ताह 2026
- D.डिजिटल इंडिया सप्ताह 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 74वां हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा 2026
व्याख्या
सही उत्तर 74वां हिंदी दिवस और हिंदी पखवाड़ा 2026 है, जिसका समापन समारोह नई दिल्ली के सीएजी कार्यालय में हुआ और वही इस शुरुआत का अवसर बना। विकल्प B, C और D सरकार के अन्य आयोजनों के नाम हैं और गलत हैं, क्योंकि इनमें से किसी में यह शुरुआत नहीं हुई। पखवाड़ा खुद 14 से 29 सितंबर 2026 तक चला, और साझेदारी अनुवाद समाधान से आगे भी गई: आम हिंदी कार्यक्रमों के साथ भाषिणी से बनी भाषा गतिविधियां तथा खेल जोड़े गए, जिससे अधिकारी और कर्मचारी भाषा तकनीक को संवादात्मक ढंग से बरत सके। प्रतियोगिताएं राजभाषा प्रयोग, हिंदी में टिप्पण और प्रारूपण, अनुवाद तथा टाइपिंग पर हुईं, और विजेताओं को उसी समापन समारोह में पुरस्कार व प्रमाणपत्र मिले। कार्यक्रम में डिजिटल भाषा तकनीक के उपयोग पर एक प्रस्तुति भी रखी गई।
भाषिणी मंच वर्तमान में कितनी भारतीय पाठ भाषाओं का समर्थन करता है?
- A.22
- B.23
- C.35
- D.36
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 36
व्याख्या
सही उत्तर 36 है। भाषिणी इतनी भारतीय पाठ भाषाओं का समर्थन करता है। विकल्प B यानी 23 यहां का जाल है, क्योंकि वह मंच की समर्थित भारतीय वाणी भाषाओं की संख्या है, जो जुड़ी हुई पर अलग गिनती है। विकल्प C यानी 35 भी उसी समूह से लिया गया है: वह समर्थित अंतरराष्ट्रीय भाषाओं की संख्या है। विकल्प A यानी 22 गलत है, क्योंकि मंच के लिए दिया गया कोई आंकड़ा उससे मेल नहीं खाता, हालांकि वह अन्य भाषा संदर्भों से जाना-पहचाना लग सकता है। इन तीन आंकड़ों को अलग-अलग याद रखना ही इस तरह के प्रश्न का मकसद है: 36 पाठ भाषाएं, 23 वाणी भाषाएं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं। भाषाओं से आगे यह मंच 800 से अधिक सरकारी वेबसाइट चलाता है और रोज 24 मिलियन से अधिक अनुमान संसाधित करता है।
सीएजी-भाषिणी अनुवाद की शुरुआत में उपस्थित भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक कौन हैं?
- A.ए. एम. बजाज
- B.के. संजय मूर्ति
- C.नीलोत्पल गोस्वामी
- D.अमिताभ नाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. के. संजय मूर्ति
व्याख्या
सही उत्तर के. संजय मूर्ति है, जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का पद संभालते हैं और इस शुरुआत में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लेखापरीक्षा के निष्कर्ष और रिपोर्ट नागरिकों तक उनकी समझ की भाषा में पहुंचने चाहिए, और यह भी बताया कि तकनीक लेखापरीक्षा की जानकारी स्थानीय तथा क्षेत्रीय भाषाओं तक ले जाने में कितनी भूमिका निभा सकती है। विकल्प A यानी ए. एम. बजाज गलत है, क्योंकि वे उप नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक हैं। विकल्प C यानी नीलोत्पल गोस्वामी गलत है, क्योंकि वे राजभाषा देखने वाले अतिरिक्त उप नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक हैं। विकल्प D यानी अमिताभ नाग गलत है, क्योंकि वे इस शुरुआत के दूसरे साझेदार से हैं और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
चाइम की यह खोज किस वर्ष जुटाए गए प्रेक्षण आंकड़ों पर आधारित है?
- A.2015
- B.2019
- C.2022
- D.2024
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2019
व्याख्या
सही उत्तर है 2019। यह माप उसी वर्ष जुटाए गए 94 रातों के प्रेक्षण आंकड़ों पर टिका है, जो दूरबीन के काम शुरू करने के बाद से दर्ज सभी आंकड़ों का छोटा सा हिस्सा भर है। विकल्प A, C और D आसपास के वर्ष हैं, जो भ्रम पैदा करने के लिए रखे गए हैं और घोषणा से मेल नहीं खाते। वर्ष के साथ दो और बातें याद रखने योग्य हैं। पहली, यह निष्कर्ष तुरंत नहीं मिला, क्योंकि शोर के बीच से धुंधला संकेत निकालने के लिए नई विश्लेषण विधियां लगानी पड़ीं और दल ने एक वर्ष से अधिक समय उसकी जांच में लगाया। दूसरी, अब शोधकर्ताओं के पास लगभग सात वर्ष के प्रेक्षण हैं और वे और पुराने दौर तक विश्लेषण बढ़ा रहे हैं।
चाइम ने जिस दौर का प्रेक्षण किया, उस समय ब्रह्मांड की कितनी हाइड्रोजन उदासीन परमाणु रूप में थी?
- A.लगभग दो प्रतिशत
- B.लगभग बीस प्रतिशत
- C.लगभग आधी
- D.लगभग पूरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लगभग दो प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर है लगभग दो प्रतिशत। साथ के शोधपत्र में देखा गया कि यह संकेत ब्रह्मांड में हाइड्रोजन के फैलाव के बारे में क्या बताता है, और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के सह-लेखक शब्बीर शेख ने कहा कि आंकड़े संकेत देते हैं कि उस समय ब्रह्मांड की लगभग इतनी ही हाइड्रोजन उदासीन परमाणु रूप में थी, जो अन्य मापों के मोटे तौर पर अनुरूप है। विकल्प B, C और D इस अंश को बहुत बढ़ाकर बताते हैं, इसलिए गलत हैं। अभ्यर्थी के लिए बड़ी बात यह है कि इसका महत्व क्या है, यानी उस हाइड्रोजन के फैलाव और गुच्छन को मापकर चाइम यह परखने का नया रास्ता देती है कि आकाशगंगाएं कैसे बनती और विकसित होती हैं। हाइड्रोजन ब्रह्मांड का सबसे आम तत्व और तारों का कच्चा माल है, इसीलिए उसकी धुंधली रेडियो तरंगें ब्रह्मांडीय संकेतक की तरह काम करती हैं और पदार्थ का फैलाव उजागर करती हैं।