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GK24
रक्षामध्यम

सितंबर 2026 के अंत में अरब सागर में हुई मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई किन दो एजेंसियों ने मिलकर की?

  1. A.भारतीय नौसेना और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
  2. B.भारतीय तटरक्षक बल और आतंकवाद निरोधक दस्ता, गुजरात
  3. C.राजस्व आसूचना निदेशालय और केरल पुलिस
  4. D.सीमा सुरक्षा बल और महाराष्ट्र पुलिस

सही उत्तर

B. भारतीय तटरक्षक बल और आतंकवाद निरोधक दस्ता, गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते का समन्वय है। तटरक्षक बल ने अपने जहाजों और विमानों से संदिग्ध नाव पर निगरानी रखी, उसका पीछा किया और खुले समुद्र में उस पर चढ़ाई की, जबकि राज्य की इकाई ने मामले को गिरफ्तारी और जांच तक पहुंचाया। विकल्प A में नौसेना और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो हैं, जो समुद्र में नशे के मामले में पहली नजर में ठीक लगते हैं, लेकिन यह रोक-पकड़ उन्होंने नहीं की। विकल्प C में राजस्व आसूचना निदेशालय है, जो सीमा शुल्क और तस्करी की खुफिया जानकारी देखता है, और साथ में गलत राज्य पुलिस जोड़ी गई है; नाव और चालक दल मुंबई लाए गए पर साझेदार इकाई गुजरात की थी। विकल्प D में सीमा सुरक्षा बल है, जो जमीनी सीमाओं की रक्षा करता है और खुले समुद्र में उसकी भूमिका नहीं होती।

पूरा लेख पढ़ें: तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप के पास 3,000 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी

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Q1.रक्षाआसान

इस कार्रवाई में कितनी नशीली सामग्री जब्त हुई और उसका मूल्य कितना था?

  1. A.लगभग 256 किलो, मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.लगभग 526 किलो, मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.लगभग 526 किलो, मूल्य 300 करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.लगभग 1,526 किलो, मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लगभग 526 किलो, मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की नशीली सामग्री, मूल्य 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है। खेप में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल थे, इसी कारण प्रति किलोग्राम मूल्य इतना ऊंचा बैठता है। विकल्प A मूल्य सही रखता है पर वजन के अंक उलट देता है, यानी 526 को 256 बना देता है; दोनों संख्याओं में वही अंक अलग क्रम में हैं और यह आम जाल है। विकल्प C वजन सही रखता है पर मूल्य दस गुना घटा देता है, हजारों करोड़ को सैकड़ों करोड़ बना देता है। विकल्प D दोनों आंकड़े बढ़ा देता है। सुरक्षित तरीका यह है कि वजन और मूल्य, दोनों को जोड़ी बनाकर याद रखा जाए, क्योंकि प्रश्न में आमतौर पर एक आंकड़ा बदलकर दूसरा सही छोड़ दिया जाता है, जिससे गलत विकल्प जाना-पहचाना लगने लगता है।

Q2.रक्षामध्यम

रोकी गई नाव किस प्रकार की थी और उसे कौन चला रहे थे?

  1. A.श्रीलंकाई ट्रॉलर, जिसे तीन भारतीय नागरिक चला रहे थे
  2. B.ईरानी धोऊ, जिसे पांच पाकिस्तानी नागरिक चला रहे थे
  3. C.पाकिस्तानी धोऊ, जिसे पांच ईरानी नागरिक चला रहे थे
  4. D.कंटेनर जहाज, जिस पर बारह विदेशी चालक दल के सदस्य थे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ईरानी धोऊ, जिसे पांच पाकिस्तानी नागरिक चला रहे थे

व्याख्या

सही उत्तर ईरानी धोऊ, जिसे पांच पाकिस्तानी नागरिक चला रहे थे है। खुफिया सूचना पर नाव का पीछा किया गया, खुले समुद्र में उसे रोककर उस पर चढ़ाई की गई और फिर चालक दल तथा जब्त मादक पदार्थों के साथ उसे सशस्त्र सुरक्षा में मुंबई लाया गया। विकल्प C सबसे तेज जाल है, क्योंकि यह दोनों राष्ट्रीयताएं आपस में बदल देता है: नाव ईरानी थी और उस पर सवार लोग पाकिस्तानी थे, उलटा नहीं। विकल्प A नाव का प्रकार और चालक दल की राष्ट्रीयता, दोनों बदल देता है; ट्रॉलर मछली पकड़ने वाली नाव होती है और पकड़े गए लोगों में कोई भारतीय नागरिक नहीं बताया गया। विकल्प D बारह सदस्यों वाले कंटेनर जहाज की बात करता है, जो धोऊ से मेल नहीं खाता - धोऊ लकड़ी के ढांचे वाली छोटी नाव है, जो अरब सागर में परंपरागत रूप से चलती है और इस तस्करी मार्ग पर सबसे अधिक मिलती है।

Q3.रक्षामध्यम

सम्मेलन में नौसेनाध्यक्ष के रूप में उद्घाटन संबोधन किसने दिया?

  1. A.जनरल एनएस राजा सुब्रमणि
  2. B.एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
  3. C.जनरल धीरज सेठ
  4. D.श्री राजनाथ सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन

व्याख्या

सही उत्तर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन हैं, जो नौसेनाध्यक्ष हैं। उन्होंने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए मौजूदा समुद्री सुरक्षा माहौल और भारतीय नौसेना की परिचालन तैनाती की समीक्षा की तथा युद्ध तत्परता, फुर्ती, त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीक को तेजी से अपनाने पर बल दिया। विकल्प A यानी जनरल एनएस राजा सुब्रमणि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष हैं, जिन्होंने अलग से कमांडरों को संबोधित कर नौसेना को रणनीतिक बल गुणक बताया। विकल्प C यानी जनरल धीरज सेठ थलसेनाध्यक्ष हैं, जिन्होंने त्रि-सेना तालमेल और एकीकृत प्रतिक्रिया पर बातचीत की। विकल्प D यानी राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री हैं, जिन्होंने समुद्री जिम्मेदारियों पर संबोधन दिया। उद्घाटन संबोधन केवल नौसेनाध्यक्ष ने दिया, जबकि बाकी तीनों ने अलग-अलग सत्रों में नौसेना कमांडरों से संवाद किया। इसलिए पद और व्यक्ति का मिलान ध्यान से करें।

Q4.रक्षाआसान

नौसेना कमांडर सम्मेलन 2026 का दूसरा संस्करण कहां आयोजित हुआ?

  1. A.नौसेना भवन, नई दिल्ली
  2. B.दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि
  3. C.पश्चिमी नौसेना कमान, मुंबई
  4. D.पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नौसेना भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नौसेना भवन, नई दिल्ली है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन का यह दूसरा संस्करण वहीं शुरू हुआ, जिसमें भारतीय नौसेना का वरिष्ठ नेतृत्व, ऑपरेशनल और एरिया कमांडर सहित, परिचालन तैयारी, समुद्री सुरक्षा तथा भविष्य की क्षमता पर विचार करने के लिए जुटा। विकल्प B, C और D क्रमशः कोच्चि, मुंबई और विशाखापत्तनम में स्थित नौसेना कमानों के नाम हैं। ये कमान मुख्यालय हैं और उनके कमांडर सम्मेलन में शामिल हुए, पर इस संस्करण की मेजबानी उन्होंने नहीं की। परीक्षा की दृष्टि से स्थान महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजधानी स्थित नौसेना मुख्यालय में ही रक्षा मंत्री, सीडीएस और थलसेनाध्यक्ष ने नौसेना नेतृत्व से संवाद किया। तीन दिन चलने वाले इस सम्मेलन के बाकी सत्रों में परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, बल विकास तथा उभरती तकनीकों के समावेश पर भी विचार होना है, इसलिए आयोजन स्थल के साथ संस्करण संख्या भी याद रखनी चाहिए।

Q5.रक्षामध्यम

रक्षा मंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से किस नौसैनिक ऑपरेशन को जोड़ा?

  1. A.ऑपरेशन संकल्प
  2. B.ऑपरेशन समुद्र सेतु
  3. C.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
  4. D.ऑपरेशन सागर रक्षक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन के संचालन और भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित किया। उसी संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी क्षमता विकास और तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया। विकल्प A यानी ऑपरेशन संकल्प और विकल्प D यानी ऑपरेशन सागर रक्षक का इस संबोधन में नाम नहीं आया। विकल्प B यानी ऑपरेशन समुद्र सेतु समुद्र के रास्ते भारतीय नागरिकों को लाने से जुड़ा है, ऊर्जा सुरक्षा से नहीं। परीक्षा के लिए ऑपरेशन का नाम और उसका उद्देश्य, यानी ऊर्जा आपूर्ति वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा, साथ में याद रखें। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षित समुद्र ही सुरक्षित और विकसित राष्ट्र की शर्त है।