सिपाहियों के रोष का कारण बना सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?
- A.1850
- B.1853
- C.1856
- D.1859
सही उत्तर
C. 1856
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1856। लॉर्ड कैनिंग के गवर्नर जनरल काल में पारित 1856 के सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम के अनुसार बंगाल सेना के नए भर्ती सिपाहियों को वहीं सेवा करनी थी जहाँ भेजा जाए, समुद्र पार भी। समुद्र पार जाने को जाति भ्रष्ट होना माना जाता था, इसलिए इस कानून को धर्म पर आघात समझा गया और वह विद्रोह के सैनिक कारणों में गिना गया।
विकल्प A गलत है क्योंकि 1850 धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम का वर्ष है, जिसने ईसाई बनने वाले को पैतृक संपत्ति का अधिकार दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि 1853 चार्टर अधिनियम तथा भारत की पहली रेल और तार लाइन का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1859 पील आयोग का वर्ष है, जिसने विद्रोह के बाद सेना का पुनर्गठन किया। तीन वर्ष अलग रखें: भर्ती 1856, विद्रोह 1857 और आयोग 1859।
पूरा लेख पढ़ें: 1857 का विद्रोह: कारण, केंद्र, नेता और परिणाम
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1857 का विद्रोह 10 मई 1857 को किस स्थान से आरंभ हुआ?
- A.बैरकपुर
- B.मेरठ
- C.दिल्ली
- D.कानपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मेरठ
व्याख्या
सही उत्तर है B, मेरठ। 10 मई 1857 को मेरठ छावनी के सिपाहियों ने नए कारतूस लेने से मना कर दिया, अपने यूरोपीय अधिकारियों को मार डाला, बंदी साथियों को छुड़ाया और दिल्ली की ओर बढ़ गए, जहाँ वे 12 मई को पहुँचे। इसी दिन को विद्रोह का आरंभ माना जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि बंगाल के बैरकपुर में मार्च 1857 में मंगल पांडे ने अपने अधिकारियों पर आक्रमण किया था, जो पहले की घटना है और चिंगारी मानी जाती है; यही सबसे सामान्य गलत उत्तर भी है। विकल्प C गलत है क्योंकि दिल्ली दो दिन बाद पहुँची गई और बहादुर शाह द्वितीय के सम्राट घोषित होने पर वह विद्रोह का राजनीतिक केंद्र बनी। विकल्प D गलत है क्योंकि कानपुर में नाना साहेब के नेतृत्व में विद्रोह बाद में उठा। क्रम याद रखें: मार्च में बैरकपुर, 10 मई को मेरठ, 12 मई को दिल्ली।
अप्रैल 1857 में फाँसी पाने वाले मंगल पांडे किस रेजिमेंट के सिपाही थे?
- A.19वीं नेटिव इन्फैंट्री
- B.34वीं नेटिव इन्फैंट्री
- C.तीसरी लाइट कैवेलरी
- D.सातवीं अवध अनियमित पैदल सेना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 34वीं नेटिव इन्फैंट्री
व्याख्या
सही उत्तर है B, 34वीं नेटिव इन्फैंट्री। मंगल पांडे इसी रेजिमेंट के सिपाही थे और कलकत्ता के निकट बैरकपुर में तैनात थे। मार्च 1857 में नए चर्बी लगे कारतूस के प्रयोग से इनकार करते हुए उन्होंने अपने अधिकारियों पर आक्रमण किया; उनका सैनिक न्यायालय में विचारण हुआ, 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दी गई और उनकी रेजिमेंट भंग कर दी गई।
विकल्प A गलत है क्योंकि बहरामपुर की 19वीं नेटिव इन्फैंट्री ने पहले कारतूस लेने से मना किया था और भंग हुई थी, पर मंगल पांडे उसमें नहीं थे। विकल्प C गलत है क्योंकि तीसरी लाइट कैवेलरी मेरठ की वह रेजिमेंट थी जिसके सिपाहियों ने 10 मई 1857 को विद्रोह आरंभ किया। विकल्प D गलत है क्योंकि अवध की अनियमित टुकड़ियाँ वर्ष में आगे चलकर जुड़ीं। मंगल पांडे को 34वीं नेटिव इन्फैंट्री और बैरकपुर के साथ याद रखें।
कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?
- A.नाना साहेब
- B.कुँवर सिंह
- C.खान बहादुर खान
- D.मौलवी अहमदुल्लाह शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाना साहेब
व्याख्या
सही उत्तर है A, नाना साहेब। वे अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे और कंपनी द्वारा उनकी पेंशन रोकना विद्रोह के कारणों में गिना जाता है। कानपुर में उन्हें पेशवा घोषित किया गया, उनके सेनापति तांत्या टोपे ने वहाँ और बाद में झाँसी तथा ग्वालियर में युद्ध का नेतृत्व किया। अंत में नाना साहेब नेपाल चले गए।
विकल्प B गलत है क्योंकि जगदीशपुर के वृद्ध ज़मींदार कुँवर सिंह ने बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किया। विकल्प C गलत है क्योंकि खान बहादुर खान रुहेलखंड के बरेली में नेता थे। विकल्प D गलत है क्योंकि मौलवी अहमदुल्लाह शाह अवध के फैज़ाबाद में नेता थे। केंद्र और नेता की जोड़ियाँ दोनों दिशाओं में पूछी जाती हैं, इसलिए उन्हें सारणी के रूप में याद करें। नाना साहेब के साथ कानपुर और पेशवा की उपाधि, तथा तांत्या टोपे के साथ ग्वालियर का अभियान जोड़कर याद रखने से यह प्रश्न किसी भी रूप में पूछा जाए, उत्तर स्पष्ट रहता है।
बेगम हज़रत महल भारत के निम्नलिखित में से किस विद्रोह से संबंधित हैं?
- A.मोपला विद्रोह 1921
- B.पाइक विद्रोह 1817
- C.गोंड विद्रोह 1941
- D.सिपाही विद्रोह 1857
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सिपाही विद्रोह 1857
व्याख्या
सही उत्तर है D, सिपाही विद्रोह 1857। अवध के अपदस्थ शासक की बेगम हज़रत महल ने 1857 में लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस क़द्र को अवध का शासक घोषित कराया। उन्होंने महीनों नगर संभाला, अंग्रेज़ों की शर्तें अस्वीकार कीं और नेपाल चली गईं, जहाँ उनका देहांत हुआ।
विकल्प A गलत है क्योंकि 1921 का मोपला विद्रोह वर्तमान केरल के मलाबार क्षेत्र का किसान विद्रोह था, जो उनके समय से बहुत बाद हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 1817 का पाइक विद्रोह ओडिशा में बक्शी जगबंधु के नेतृत्व में हुआ, 1857 से चार दशक पहले। विकल्प C गलत है क्योंकि 1941 का इस प्रकार का कोई गोंड विद्रोह नहीं है; कंपनी के विरुद्ध गोंड विद्रोह उन्नीसवीं सदी के आरंभ के हैं। उनका नाम सदा 1857 में लखनऊ और अवध से जुड़ता है।
1857 के विद्रोह के नेता कुँवर सिंह किस क्षेत्र से थे?
- A.बिहार का जगदीशपुर
- B.वर्तमान उत्तर प्रदेश का रुहेलखंड
- C.मध्य भारत का बुंदेलखंड
- D.वर्तमान मध्य प्रदेश का मालवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बिहार का जगदीशपुर
व्याख्या
सही उत्तर है A, बिहार का जगदीशपुर। शाहाबाद क्षेत्र के जगदीशपुर के ज़मींदार कुँवर सिंह लगभग अस्सी वर्ष के थे जब उन्होंने शस्त्र उठाए। उन्होंने अपने भाई अमर सिंह के साथ आरा में अंग्रेज़ों से युद्ध किया, विद्रोह को मध्य भारत तक ले गए और 1858 में बिहार लौटकर उनका देहांत हुआ।
विकल्प B गलत है क्योंकि बरेली केंद्र वाला रुहेलखंड खान बहादुर खान का क्षेत्र था। विकल्प C गलत है क्योंकि बुंदेलखंड झाँसी और रानी लक्ष्मीबाई का क्षेत्र है। विकल्प D गलत है क्योंकि इंदौर तथा महू वाला मालवा होलकर राज्य से जुड़ा है, जिसका शासक अंग्रेज़ों के साथ रहा जबकि उसकी कुछ टुकड़ियाँ उठ खड़ी हुईं। बिहार से जुड़े प्रश्न लगभग सदा जगदीशपुर और आरा पर टिकते हैं। इसी प्रकार बिहार के दूसरे नाम अमर सिंह को कुँवर सिंह के भाई के रूप में और 1858 को उनके देहांत के वर्ष के रूप में स्मरण रखें, क्योंकि राज्य स्तरीय परीक्षाओं में यह विवरण भी पूछा जाता है।