सीएक्यूएम के आदेश के अनुसार एनसीआर के उद्योगों को अतिरिक्त पीटीजेड कैमरे किस तिथि तक लगाने होंगे?
- A.15 अक्टूबर 2026
- B.31 अक्टूबर 2026
- C.1 नवंबर 2026
- D.31 दिसंबर 2026
सही उत्तर
B. 31 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 31 अक्टूबर 2026 है। आयोग के आदेश में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से कहा गया है कि वे इसी तिथि तक अतिरिक्त पैन-टिल्ट-जूम कैमरे लगाएं और उसके लिए तय मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करें। विकल्प C यानी 1 नवंबर 2026 बहुत निकट का भ्रम है, पर वह एक अलग दायित्व की अंतिम तिथि है - राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को कार्यान्वयन की स्थिति उसी तिथि तक आयोग को सौंपनी है। विकल्प A और विकल्प D इस आदेश में तय की गई तिथियां नहीं हैं। परीक्षार्थी दोनों तिथियों को सही क्रम में जोड़कर याद रखें - अक्टूबर के अंत तक कैमरे और नवंबर के आरंभ में अनुपालन रिपोर्ट। यह आदेश सर्दियों के महीनों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है, जब औद्योगिक उत्सर्जन का असर क्षेत्र की हवा पर सबसे अधिक पड़ता है।
पूरा लेख पढ़ें: सीएक्यूएम ने एनसीआर उद्योगों में और पीटीजेड कैमरे अनिवार्य किए
अभ्यास प्रश्न
सीएक्यूएम के आदेश के तहत पीटीजेड कैमरों को औद्योगिक इकाइयों में क्या कवर करना होगा?
- A.केवल कारखाने के प्रवेश द्वार
- B.ईंधन भंडारण स्थल और ईंधन डालने के बिंदु
- C.श्रमिकों के उपस्थिति रजिस्टर
- D.केवल अपशिष्ट जल निकासी नाले
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सही उत्तर: B. ईंधन भंडारण स्थल और ईंधन डालने के बिंदु
व्याख्या
सही उत्तर ईंधन भंडारण स्थल और ईंधन डालने के बिंदु है। आदेश की मानक संचालन प्रक्रिया कहती है कि कैमरे इस तरह लगाए जाएं कि ईंधन भंडारण के सभी स्थान और ईंधन डालने के सभी बिंदु उनकी पकड़ में आ जाएं, और जहां गैस आधारित ईंधन काम में हो वहां गैस का गेज या मीटर भी दिखे। इसका उद्देश्य यह जानना है कि कोई इकाई वास्तव में कौन सा ईंधन जला रही है। विकल्प A, C और D उन चीजों की बात करते हैं जिनसे इस आदेश का सरोकार नहीं है - प्रवेश द्वार, उपस्थिति रजिस्टर और अपशिष्ट जल के नाले इस ईंधन निगरानी उपाय का विषय नहीं हैं, इसलिए तीनों गलत हैं। यह भी याद रखें कि इकाइयों को कैमरों और कनेक्टिविटी के लिए पर्याप्त बिजली बैकअप देना होगा।
ईंधन उपयोग की वास्तविक समय निगरानी का आदेश सीएक्यूएम की किस जांच के बाद आया?
- A.फ्लाइंग स्क्वॉड को उद्योगों में गैर-स्वीकृत ईंधन का उपयोग मिला
- B.उद्योगों ने वार्षिक विवरणी देना बंद कर दिया था
- C.पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना बढ़ गया था
- D.निर्माण धूल स्वीकृत स्तर से ऊपर चली गई थी
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सही उत्तर: A. फ्लाइंग स्क्वॉड को उद्योगों में गैर-स्वीकृत ईंधन का उपयोग मिला
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड को उद्योगों में गैर-स्वीकृत ईंधन का उपयोग मिला। आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में औद्योगिक उपयोग सहित विभिन्न कामों के लिए स्वीकृत ईंधनों की मानक सूची पहले ही तय कर दी थी, पर उसके फ्लाइंग स्क्वॉड ने क्षेत्र भर के उद्योगों के गुप्त निरीक्षण में कई बार गैर-स्वीकृत ईंधन जलाए जाने की जानकारी दी। यह उपयोग लगातार जारी रहने के कारण आयोग ने ईंधन खपत की वास्तविक समय निगरानी आवश्यक मानी और कैमरों से कवर किए जाने वाले क्षेत्र का दायरा बढ़ाया। विकल्प C यानी पराली जलाना और विकल्प D यानी निर्माण धूल क्षेत्र में सर्दियों के प्रदूषण के वास्तविक स्रोत हैं, पर यह आदेश उनसे जुड़ा नहीं है। विकल्प B का उल्लेख कहीं नहीं है।
पीटीजेड कैमरों की वास्तविक समय वीडियो फीड किसके सर्वरों पर उपलब्ध करानी होगी?
- A.उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री
- B.सीपीसीबी और राज्य बोर्ड या डीपीसीसी
- C.गृह मंत्रालय
- D.केवल स्थानीय नगर निगम
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सही उत्तर: B. सीपीसीबी और राज्य बोर्ड या डीपीसीसी
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति है। आदेश कहता है कि वीडियो फीड की वास्तविक समय स्ट्रीमिंग इनके सर्वरों पर उपलब्ध करानी होगी, और इन्हीं एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इन फीड को प्राप्त करने के लिए पोर्टल तथा अन्य आवश्यक ढांचा तैयार करें। इसी व्यवस्था से उद्योगों में ईंधन के उपयोग की दूर से निगरानी संभव होगी और आयोग के वैधानिक निर्देशों का पालन कराया जा सकेगा। विकल्प A, C और D ऐसी संस्थाओं के नाम हैं जिनकी इस आदेश के तहत फीड पाने में कोई भूमिका नहीं है, इसलिए तीनों गलत हैं। यह भी याद रखें कि कार्यान्वयन की स्थिति 1 नवंबर 2026 तक आयोग को बतानी है।
इस वर्ष का वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप31 कहां आयोजित होगा?
- A.सुवा, फिजी
- B.अंताल्या, तुर्किये
- C.बेलेम, ब्राजील
- D.बाकू, अजरबैजान
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सही उत्तर: B. अंताल्या, तुर्किये
व्याख्या
सही उत्तर अंताल्या, तुर्किये है, जहां यह सम्मेलन नवंबर में होगा। प्री-कॉप, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपना पक्ष रखा, उसी वार्षिक सम्मेलन से कुछ सप्ताह पहले होने वाली तैयारी बैठक है और इस बार उसकी सह-मेजबानी ऑस्ट्रेलिया, फिजी तथा तुवालू ने की। विकल्प A भ्रामक है, पर गलत है: भारतीय मंत्री ने नेताओं की जिस पूर्ण बैठक को संबोधित किया वह फिजी में हुई, किंतु फिजी तैयारी बैठक का स्थान है, सम्मेलन का नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्राजील का यह शहर इस सम्मेलन का स्थान नहीं बताया गया। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। दोनों स्थानों को अलग-अलग याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर यही परखते हैं कि तैयारी बैठक का मेजबान और सम्मेलन का मेजबान पहचाना जा सकता है या नहीं।
भारत द्वारा प्री-कॉप31 में रेखांकित सिद्धांत सीबीडीआर-आरसी का अर्थ क्या है?
- A.जलवायु भार वितरण और संसाधन मुआवजा
- B.साझा किंतु विभेदित जिम्मेदारी और संबंधित क्षमता
- C.तटीय आधाररेखा विकास और जोखिम नियंत्रण
- D.कार्बन बजट विभाजन और क्षेत्रीय सहयोग
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सही उत्तर: B. साझा किंतु विभेदित जिम्मेदारी और संबंधित क्षमता
व्याख्या
सही उत्तर साझा किंतु विभेदित जिम्मेदारी और संबंधित क्षमता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समानता के साथ इस सिद्धांत का पालन अक्षरशः होना चाहिए, तभी विभिन्न देशों में जलवायु कार्रवाई सार्थक और टिकाऊ बन सकेगी, और उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु कार्रवाई का कोई एक रास्ता सब पर लागू नहीं हो सकता। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि ये इस संक्षिप्त नाम के बनाए हुए विस्तार हैं और जलवायु वार्ताओं में प्रयुक्त शब्दावली नहीं हैं। इस सिद्धांत का भाव यह है कि जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी सभी देशों की है, किंतु उनके दायित्व उनके ऐतिहासिक योगदान और वर्तमान क्षमता के अनुसार भिन्न होते हैं। भारत ने अनुकूलन, शमन और कार्यान्वयन के साधनों पर समान ध्यान देने की मांग भी रखी।