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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थाआसानपूछा गया: राजस्थान · 2nd July 2017, Social Science

शुद्ध निवेश से क्या अभिप्राय है?

  1. A.सकल निवेश - पूँजी का अप्रत्याशित विनाश
  2. B.सकल निवेश - प्राकृतिक आपदाओं से पूँजी की हानि
  3. C.सकल निवेश - मूल्यह्रास
  4. D.ये सभी

सही उत्तर

C. सकल निवेश - मूल्यह्रास

व्याख्या

सही उत्तर है C, सकल निवेश - मूल्यह्रास। शुद्ध निवेश का अर्थ है सकल निवेश में से मूल्यह्रास घटाना, अर्थात मौजूदा मशीनों, भवनों और उपकरणों की टूट-फूट की पूर्ति के बाद पूँजी भंडार में हुई वास्तविक वृद्धि। सकल निवेश किसी वर्ष में पूँजीगत वस्तुओं पर किया गया कुल व्यय है, जबकि मूल्यह्रास, जिसे स्थिर पूँजी का उपभोग भी कहते हैं, सामान्य उपयोग और आयु के कारण पूँजी के मूल्य में आई कमी है। राष्ट्रीय लेखा में यही घटाव सकल आँकड़ों को शुद्ध आँकड़ों में बदलता है: सकल घरेलू उत्पाद में से मूल्यह्रास घटाने पर शुद्ध घरेलू उत्पाद मिलता है। शुद्ध निवेश धनात्मक हो तो अर्थव्यवस्था का पूँजी भंडार बढ़ रहा है और ऋणात्मक हो तो घट रहा है। A और B गलत हैं क्योंकि दुर्घटना, बाढ़ या भूकंप से पूँजी का अचानक विनाश पूँजीगत हानि है, उसे मूल्यह्रास में नहीं गिना जाता। D गलत है क्योंकि तीनों कथनों में से केवल एक सही है। परीक्षा टिप: शुद्ध बराबर सकल घटा मूल्यह्रास, यही नियम निवेश, जीडीपी और राष्ट्रीय उत्पाद पर लागू होता है।

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Sanganak (Computor) 2018आसान

यदि आप एक अवधि में गेहूँ की कीमत की तुलना करना चाहते हैं, तो आप किस सूचकांक का उपयोग करेंगे?

  1. A.परिमाण सूचकांक
  2. B.समुच्चय सूचकांक
  3. C.(1) और (2) दोनों
  4. D.मूल्य सूचकांक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मूल्य सूचकांक

व्याख्या

सही उत्तर है D, मूल्य सूचकांक। मूल्य सूचकांक यह मापता है कि किसी वस्तु या वस्तुओं के समूह की कीमत आधार अवधि से चालू अवधि तक कितनी बदली है, इसलिए वर्षों में गेहूँ की कीमत मूल्य सूचकांक से ही पढ़ी जाती है। आधार वर्ष को 100 मान लिया जाता है और उसके बाद की हर कीमत उसी के सापेक्ष दिखाई जाती है, जिससे रुपये का मूल्य बदलने पर भी लंबी श्रेणी की तुलना संभव हो जाती है। भारत में थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सबसे प्रसिद्ध मूल्य सूचकांक हैं, तथा लासपेयर सूत्र में आधार वर्ष की मात्राएँ भार होती हैं और पाशे सूत्र में चालू वर्ष की। A गलत है क्योंकि परिमाण सूचकांक उत्पादन या बिक्री की मात्रा बताता है, कीमत नहीं। B गलत है क्योंकि समुच्चय सूचकांक कई वस्तुओं से सूचकांक बनाने की एक विधि है, किसी एक वस्तु की कीमत के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि इन दोनों उत्तरों में से कोई उपयुक्त नहीं है। परीक्षा टिप: कीमत के लिए मूल्य सूचकांक, उत्पादन के लिए परिमाण सूचकांक और दोनों के लिए मूल्य-मात्रा सूचकांक।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 March, 2023, Shift 1मध्यम

मांग वक्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह मांग फलन का आरेखीय निरूपण है। II. यह प्रत्येक कीमत पर उपभोक्ता द्वारा मांगी गई मात्रा बताता है।

  1. A.I और II दोनों
  2. B.केवल II
  3. C.न I और न II
  4. D.केवल I
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है A, I और II दोनों। मांग वक्र मांग फलन का चित्र है, जो उपभोक्ता द्वारा खरीदी जाने वाली मात्रा को वस्तु की कीमत से जोड़ता है, इसलिए कथन I सही है। दूसरी दिशा से पढ़ें तो यही वक्र बताता है कि प्रत्येक कीमत पर उपभोक्ता कितनी मात्रा खरीदने को तैयार है, जो कथन II है, इसलिए वह भी सही है। कीमत ऊर्ध्व अक्ष पर और मात्रा क्षैतिज अक्ष पर दिखाई जाती है, और मांग के नियम के कारण वक्र नीचे की ओर ढालू होता है। वस्तु की कीमत बदलने पर उपभोक्ता उसी वक्र पर आगे-पीछे चलता है, जबकि आय, रुचि या किसी संबंधित वस्तु की कीमत बदलने पर पूरा वक्र खिसक जाता है। B गलत है क्योंकि कथन I भी सही है। C गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं। D गलत है क्योंकि कथन II भी सही है। परीक्षा टिप: वक्र पर गति केवल कीमत से होती है, और वक्र का खिसकना बाकी सभी कारणों से।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 10 March, 2023, Shift 1आसान

मांग के नियम के अनुसार, किसी वस्तु के लिए उपभोक्ता की मांग ______ होनी चाहिए।

  1. A.वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित
  2. B.वस्तु की पूर्ति से सीधे रूप से संबंधित
  3. C.वस्तु की कीमत से सीधे रूप से संबंधित
  4. D.वस्तु की पूर्ति से विपरीत रूप से संबंधित
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित

व्याख्या

सही उत्तर है A, वस्तु की कीमत से विपरीत रूप से संबंधित। मांग का नियम कहता है कि अन्य बातें समान रहने पर कीमत घटने पर उपभोक्ता वस्तु अधिक खरीदता है और कीमत बढ़ने पर कम, अर्थात कीमत और मांगी गई मात्रा विपरीत दिशाओं में चलती हैं। इसी कारण मांग वक्र बाएँ से दाएँ नीचे की ओर ढालू होता है। इसके दो कारण हैं: आय प्रभाव, क्योंकि कीमत घटने पर हाथ में क्रय शक्ति बढ़ जाती है, और स्थानापन्न प्रभाव, क्योंकि सस्ती वस्तु महँगे विकल्पों की जगह ले लेती है। अन्य बातें समान रहने पर वाली शर्त महत्वपूर्ण है, क्योंकि आय, रुचि, संबंधित वस्तुओं की कीमतें और अपेक्षाएँ स्थिर मानी जाती हैं। B गलत है क्योंकि पूर्ति विक्रेता का पक्ष है और मांग का नियम उससे मांग को नहीं जोड़ता। D इसी कारण गलत है, क्योंकि मांग की तुलना कीमत से होती है, पूर्ति से नहीं। C गलत है क्योंकि कीमत से सीधा संबंध होने पर मांग वक्र ऊपर चढ़ेगा, जो गिफिन वस्तुओं जैसे अपवादों में ही होता है। परीक्षा टिप: कीमत बढ़ी तो मांगी गई मात्रा घटी, इसलिए मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 3मध्यम

एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा की तुलना में, एकाधिकार में मांग वक्र होता है:

  1. A.समान रूप से लोचदार
  2. B.कम लोचदार
  3. C.अनंत रूप से लोचदार
  4. D.अधिक लोचदार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कम लोचदार

व्याख्या

सही उत्तर है B, कम लोचदार। एकाधिकारी किसी वस्तु का एकमात्र विक्रेता होता है और उस वस्तु का निकट स्थानापन्न नहीं होता, इसलिए कीमत बढ़ने पर क्रेता सरलता से हट नहीं पाते और फर्म का मांग वक्र अधिक ढालू यानी कम लोचदार होता है। एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा में बहुत सी फर्में विभेदित पर मिलती-जुलती वस्तुएँ बेचती हैं, इसलिए एक फर्म की कीमत से असंतुष्ट क्रेता निकट स्थानापन्न की ओर जा सकता है और प्रत्येक फर्म का मांग वक्र चपटा तथा अधिक लोचदार होता है। दोनों बाजार रूपों में वक्र नीचे की ओर ढालू होता है, इसी कारण ऐसी फर्म कुछ हद तक कीमत निर्धारक होती है, पर एकाधिकारी की कीमत पर पकड़ अधिक मजबूत रहती है। A गलत है क्योंकि दोनों बाजार रूपों में मांग की लोच समान नहीं होती। C गलत है क्योंकि अनंत लोचदार यानी क्षैतिज मांग वक्र पूर्ण प्रतिस्पर्धा की फर्म का होता है। D गलत है क्योंकि अधिक लोचदार मांग एकाधिकारी प्रतिस्पर्धा का लक्षण है, एकाधिकार का नहीं। परीक्षा टिप: स्थानापन्न कम, तो मांग कम लोचदार और कीमत पर पकड़ अधिक।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 1आसान

भारत का योजना आयोग निम्नलिखित में से किस वर्ष स्थापित किया गया था?

  1. A.1962
  2. B.1945
  3. C.1950
  4. D.1958
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1950

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1950। योजना आयोग मार्च 1950 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से स्थापित हुआ था, इसलिए यह न संवैधानिक निकाय था न सांविधिक। प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता था, और इसलिए जवाहरलाल नेहरू इसके पहले अध्यक्ष बने, तथा गुलजारीलाल नंदा पहले उपाध्यक्ष बने। इसका कार्य देश के संसाधनों का आकलन करना और पंचवर्षीय योजनाएँ बनाना था, जिनमें पहली योजना 1951 से 1956 तक चली और कृषि तथा सिंचाई पर केंद्रित थी। 1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग बना, जो धन आवंटन के बजाय परामर्श देता है। A गलत है क्योंकि 1962 भारत-चीन युद्ध का वर्ष है, आयोग की स्थापना का नहीं। B गलत है क्योंकि 1945 स्वतंत्रता से पहले का वर्ष है; उस समय का योजना एवं विकास विभाग औपनिवेशिक कार्यालय था। D गलत है क्योंकि 1958 दूसरी पंचवर्षीय योजना के बीच का वर्ष है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - मार्च 1950 में योजना आयोग, 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग।