शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने नागरिक के स्थान को बताने के लिए कौन सा मंत्र दिया?
- A.सबका साथ, सबका विकास
- B.नागरिक देवो भव
- C.श्रमेव जयते
- D.अतिथि देवो भव
सही उत्तर
B. नागरिक देवो भव
व्याख्या
सही उत्तर है नागरिक देवो भव। प्रधानमंत्री ने इसका अर्थ यह बताया कि देश का नागरिक हमारे लिए किसी देवता से कम नहीं है और नागरिक की सेवा सबसे ऊपर है। उन्होंने पुराने माई-बाप वाले रवैये की जगह यही मंत्र रखा। विकल्प A समावेशी विकास से जुड़ा एक प्रचलित नारा है, मगर यहां दिया गया मंत्र नहीं है। विकल्प C श्रम की गरिमा से जुड़ा है और इसका संदर्भ अलग है। विकल्प D यानी अतिथि देवो भव पर्यटन और आतिथ्य से जुड़ी पंक्ति है और रूप में मिलती-जुलती होने के कारण यही सबसे भ्रमित करने वाला विकल्प है, इसलिए शब्दों को ध्यान से पढ़ें। इसके साथ दो कसौटियां राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम तथा नई कार्य-संस्कृति के तीन सिद्धांत जन-हितैषी, सक्रिय और सुशासन भी याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: यूपीएससी शताब्दी समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी
अभ्यास प्रश्न
संघ लोक सेवा आयोग का शताब्दी समारोह कहां आयोजित हुआ?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- C.राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
- D.यशोभूमि, द्वारका
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत मंडपम, नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर है भारत मंडपम, नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने का समारोह यहीं हुआ और इसमें प्रधानमंत्री के साथ राज्यों के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष भी शामिल हुए। विकल्प A यानी विज्ञान भवन राजधानी का एक जाना-पहचाना सम्मेलन स्थल है, मगर यह आयोजन वहां नहीं हुआ। विकल्प C यानी राष्ट्रपति भवन राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है, जहां अलंकरण और शपथ जैसे समारोह होते हैं, यह कार्यक्रम वहां नहीं था। विकल्प D यानी द्वारका का यशोभूमि भी दिल्ली का एक बड़ा सम्मेलन केंद्र है, पर यहां भी यह समारोह नहीं हुआ। परीक्षा की दृष्टि से भारत मंडपम याद रखना जरूरी है, क्योंकि इसी स्थल पर कई राष्ट्रीय आयोजन होते हैं और प्रश्न अक्सर स्थान पर ही पूछा जाता है। स्थान के साथ यह भी याद रखें कि इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट, विशेष सिक्का और 100 महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का संकलन जारी किया गया था।
संघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत किस वर्ष मानी जाती है?
- A.1919
- B.1926
- C.1935
- D.1950
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1926
व्याख्या
सही उत्तर है 1926। आयोग की शुरुआत इसी वर्ष औपनिवेशिक शासन के दौर में हुई थी, और प्रधानमंत्री ने उसी शुरुआत की तुलना आज़ादी के बाद की यात्रा से की, जिसमें इस व्यवस्था ने स्वतंत्र देश के सपनों को पूरा करने की दिशा पकड़ी। इसी कारण वर्ष 2026 में इसके सौ वर्ष पूरे हुए। विकल्प A यानी 1919 औपनिवेशिक दौर के दूसरे संवैधानिक बदलावों के लिए याद किया जाता है, इस संस्था की स्थापना से इसका संबंध नहीं है। विकल्प C यानी 1935 भी उस दौर के एक अलग अधिनियम से जुड़ा वर्ष है। विकल्प D यानी 1950 गणराज्य की शुरुआत का वर्ष है और यही सबसे भ्रमित करने वाला विकल्प है, क्योंकि आयोग तब पहले से मौजूद था और उसे केवल आज़ाद देश की जरूरतों के अनुसार नए सिरे से ढाला गया। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रशासनिक ढांचा खड़ा करने का श्रेय दिया।
ग्राम सभाओं के सामने रखी जाने वाली वीबी-जी राम जी योजना में कितने दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी है?
- A.100 दिन
- B.125 दिन
- C.150 दिन
- D.180 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 125 दिन
व्याख्या
सही उत्तर 125 दिन है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से विशेष ग्राम सभाओं के सामने रखी जाने वाली ग्रामीण रोजगार और आजीविका की विकसित भारत गारंटी में इतने दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी है और इसके साथ स्थानीय स्तर पर तय कामों तथा आजीविका के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना की भी चर्चा होती है। विकल्प A गलत है और यही सबसे मजबूत भ्रमकारी विकल्प है, क्योंकि सौ दिन का आंकड़ा ग्रामीण मजदूरी रोजगार के साथ अभ्यर्थियों के मन में पहले की पढ़ाई से जुड़ा रहता है। विकल्प C और D में बड़े आंकड़े हैं, जो किसी गारंटी में नहीं आते, ये केवल इसलिए संभव लगते हैं कि राज्य सूखा प्रभावित या अनुसूचित क्षेत्रों में कभी अतिरिक्त दिन जोड़ते हैं, जो प्रशासनिक बढ़ोतरी है, यहां पूछी जा रही वैधानिक गारंटी नहीं। परीक्षा के लिए एक सौ पच्चीस दिन का वैधानिक आंकड़ा पक्का कर लें।
इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतें किस वित्त वर्ष के लिए अपनी विकास योजनाएं तैयार करेंगी?
- A.2025-26
- B.2026-27
- C.2027-28
- D.2028-29
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2027-28
व्याख्या
सही उत्तर 2027-28 है। अभियान का नाम चालू दौर पर रखा गया है, लेकिन उसमें ग्राम पंचायत जो योजना बनाती है वह आगे आने वाले वित्त वर्ष की होती है। गांव का नियोजन इसी तरह काम करता है, सभा उस वर्ष का पैसा तय होने से काफी पहले प्राथमिकताएं तय कर देती है। विकल्प B इसी कारण गलत है और यही सबसे आम जाल है, क्योंकि अभियान का नाम चालू वर्ष पर है और जल्दबाजी करने वाला अभ्यर्थी दोनों को एक मान लेता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह वर्ष अभियान के पिछले दौर का है और बीत चुका है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस कवायद में नियोजन दो वर्ष आगे नहीं जाता। जो योजना बनती है उसे ग्राम पंचायत विकास योजना कहते हैं और ढाई लाख से अधिक पंचायतें अपनी योजना ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड करती हैं।
विशेष ग्राम सभाओं में शुरू हो रहे जन योजना अभियान का नाम क्या है?
- A.सबका साथ, सबका विकास
- B.सबकी योजना, सबका विकास
- C.मेरा गांव, मेरी योजना
- D.ग्राम स्वराज, ग्राम विकास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सबकी योजना, सबका विकास
व्याख्या
सही उत्तर सबकी योजना, सबका विकास है। दो अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाएं जुटने पर इसी नाम से इस वर्ष का जन योजना अभियान शुरू किया जाता है और इसके तहत हर ग्राम पंचायत सहभागी तथा साक्ष्य आधारित नियोजन से अगले वित्त वर्ष की अपनी विकास योजना बनाती है। विकल्प A गलत है, यह सरकार के एक जाने-पहचाने नारे से मिलता-जुलता है, जिसमें सबके साथ विकास की बात है, इसी कारण यह भ्रमित करता है, मगर इस अभियान का नाम यह नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अभियान को ऐसा कोई नाम नहीं दिया गया है, हालांकि यह गांव के नियोजन से जुड़े किसी कार्यक्रम के नाम जैसा लगता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्राम स्वराज पंचायतों की क्षमता बढ़ाने वाले एक अलग कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, के नाम का हिस्सा है, जो सभाओं में चर्चा की जाने वाली योजनाओं में है, स्वयं अभियान नहीं।