मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सेंटॉरस X-3 में द्वितीयक उत्सर्जन रेखाओं में बदलाव का कारण किस संरचना को बताया गया?

  1. A.साथी तारे की तारकीय पवन
  2. B.न्यूट्रॉन तारे की सतह
  3. C.अभिवृद्धि प्रवाह
  4. D.द्वितारा प्रणाली के चारों ओर धूल का छल्ला

सही उत्तर

C. अभिवृद्धि प्रवाह

व्याख्या

सही उत्तर अभिवृद्धि प्रवाह है, जो डिस्क से पदार्थ को पल्सर के चुंबकीय ध्रुवों की ओर पहुंचाने वाली संरचना है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिम्मेदार संरचना को पल्सर के साथ ही घूमना चाहिए, और यह प्रवाह इसी शर्त पर खरा उतरता है। जब यह प्रवाह घूमते हुए उपग्रह और पल्सर के बीच आ जाता है, तो पल्सर से सीधे आने वाला विकिरण घट जाता है और प्रवाह से दोबारा उत्सर्जित विकिरण बढ़ जाता है, जिससे उत्सर्जन रेखाओं में बदलाव दिखाई देता है। विकल्प A में साथी तारे की पवन है, जो ऐसी प्रणालियों में विकिरण बिखेरती तो है, किंतु पल्सर के साथ उस तरह नहीं घूमती। विकल्प B में न्यूट्रॉन तारे की सतह है, जो द्वितीयक विकिरण का स्रोत तो है, पर यहां चिह्नित बदलती संरचना नहीं है। विकल्प D में धूल के छल्ले की बात है, जिसका इस अध्ययन से कोई संबंध नहीं। याद रखने योग्य कड़ी यह है कि प्रवाह तभी संभव है जब डिस्क हो, इसलिए प्रवाह की पहचान ने डिस्क की मौजूदगी सिद्ध की।

पूरा लेख पढ़ें: सेंटॉरस X-3 के पास अभिवृद्धि डिस्क की खोज, आरआरआई का अध्ययन

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

किस संस्थान के वैज्ञानिकों ने पाया कि एक्स-रे पल्सर सेंटॉरस X-3 अभिवृद्धि डिस्क के माध्यम से पदार्थ का संचय कर रहा है?

  1. A.भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान
  2. B.रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट
  3. C.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला
  4. D.अंतर-विश्वविद्यालय खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी केंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट

दल ने प्रणाली की चार द्वितीयक उत्सर्जन रेखाओं का विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि इन रेखाओं में बदलाव लाने वाली संरचना पल्सर के साथ घूम रही है, जिससे वे अभिवृद्धि प्रवाह तक और फिर उसे पदार्थ देने वाली डिस्क तक पहुंचे।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

सेंटॉरस X-3 से जुड़ा यह निष्कर्ष असामान्य क्यों माना जा रहा है?

  1. A.उच्च-द्रव्यमान वाली प्रणालियों में पदार्थ प्राय: तारकीय पवन से सीधे पकड़ा जाता है, डिस्क नहीं बनती
  2. B.पल्सर में कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं पाया गया
  3. C.साथी तारा सूर्य से छोटा पाया गया
  4. D.यह प्रणाली हमारी आकाशगंगा के बाहर पाई गई
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. उच्च-द्रव्यमान वाली प्रणालियों में पदार्थ प्राय: तारकीय पवन से सीधे पकड़ा जाता है, डिस्क नहीं बनती

ऐसी जोड़ियों में साथी तारा भारी होता है और उससे तेज पवन निकलती है, जिसे पल्सर सीधे खींच लेता है, इसलिए व्यवस्थित डिस्क बनने की अपेक्षा नहीं की जाती।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एपीएसी 23 में गतिशीलता क्षेत्र के स्टार्टअप के लिए विशेष रूप से कौन सा मंच बनाया गया है?

  1. A.टेक्नोलॉजी थिएटर
  2. B.प्रदर्शनी
  3. C.टेकहाइव
  4. D.डिजिटल ट्विन पवेलियन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टेकहाइव

यहां नई कंपनियां अपने नवाचार दिखा सकेंगी और उद्योग के अग्रणी लोगों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, निवेशकों, संभावित ग्राहकों तथा सहयोगियों से मिल सकेंगी।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

एपीएसी सम्मेलन श्रृंखला की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय प्रशांत सम्मेलन के नाम से किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1971
  2. B.1981
  3. C.1991
  4. D.2001
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1981

इसी वर्ष यह श्रृंखला अंतर्राष्ट्रीय प्रशांत सम्मेलन के नाम से शुरू हुई और आगे चलकर एशिया प्रशांत क्षेत्र के 11 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला सहयोगी ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग मंच बन गई।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एपीएसी 23 कहां और कब आयोजित होगा?

  1. A.भारत मंडपम, नई दिल्ली, 13-14 नवंबर 2026
  2. B.यशोभूमि सम्मेलन केंद्र, नई दिल्ली, 13-14 नवंबर 2026
  3. C.प्रगति मैदान, नई दिल्ली, 3-4 दिसंबर 2026
  4. D.चेन्नई व्यापार केंद्र, 13-14 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यशोभूमि सम्मेलन केंद्र, नई दिल्ली, 13-14 नवंबर 2026

दो दिन का यह सम्मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र के गतिशीलता इंजीनियरिंग समुदाय को इसी स्थान पर एक साथ लाएगा।