सत्र में उल्लिखित विकसित भारत @2047 की परिकल्पना भारत को किस पड़ाव तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखती है?
- A.संविधान लागू होने की शताब्दी तक
- B.भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक
- C.गणतंत्र के पचहत्तरवें वर्ष तक
- D.भारत की पहली रेल लाइन की द्विशताब्दी तक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत @2047 की परिकल्पना में स्वतंत्रता के सौवें वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है, और सड़क क्षेत्र का यह सत्र आर्थिक वृद्धि, बेहतर संपर्क, मजबूत लॉजिस्टिक्स दक्षता तथा हर क्षेत्र तक अवसरों की पहुँच के लक्ष्यों के माध्यम से उसी से जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि संविधान स्वतंत्रता के बाद लागू हुआ, इसलिए उसकी शताब्दी किसी और वर्ष में पड़ती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि गणतंत्र का पचहत्तरवाँ वर्ष पहले का पड़ाव है और परिकल्पना उसके नाम पर नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहली रेल लाइन की वर्षगाँठ का इस परिकल्पना से कोई संबंध नहीं है, यद्यपि रेल मंत्रालय इस बैठक में शामिल हुआ था।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-जापान सड़क संयुक्त कार्य समूह का 12वाँ सत्र दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
15 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में सड़क एवं सड़क परिवहन क्षेत्र पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह का कौन-सा सत्र हुआ?
- A.9वाँ सत्र
- B.10वाँ सत्र
- C.12वाँ सत्र
- D.14वाँ सत्र
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सही उत्तर है 12वाँ सत्र, जो नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ और जिसका आयोजन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अलावा भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह के इस सत्र में किन दो मंत्रालयों ने सक्रिय भागीदारी की?
- A.रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय
- B.पोत परिवहन मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय
- C.वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय
- D.आवासन मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय
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उनकी उपस्थिति औपचारिक नहीं, तर्कसंगत है, क्योंकि राजमार्ग का संरेखण, रेल गलियारा और विद्युत पारेषण लाइन अक्सर एक ही जमीन तथा एक ही मंजूरियों के लिए आमने-सामने आते हैं, इसलिए एक पर लिया निर्णय दूसरे को प्रभावित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की अगली बैठक कहां होगी?
- A.नई दिल्ली
- B.ब्रुनेई दारुस्सलाम
- C.सिंगापुर
- D.जकार्ता
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तीसरी बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने तय किया कि संयुक्त व्यापार समिति का अगला दौर वहीं होगा, और इस बीच संबंधित नोडल एजेंसियां तथा कार्य समूह नियमित संपर्क में रहकर अनुवर्ती कार्रवाई पर नजर रखेंगे और बैठक में तय व्यापार एवं निवेश लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बैठक में भारत-ब्रुनेई सहयोग के लिए किन क्षेत्रों को प्रमुख बताया गया?
- A.वस्त्र, चमड़ा और रत्न
- B.औषधि, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा
- C.रक्षा, अंतरिक्ष और पोत परिवहन
- D.मत्स्य पालन, खनन और रेलवे
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पहले दो क्षेत्रों पर दोनों पक्षों ने नियामकीय सहयोग, खरीद तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार किया और माना कि इनमें आपसी जुड़ाव बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →द्विपक्षीय व्यापार की समीक्षा के लिए भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति की कौन-सी बैठक हुई?
- A.पहली
- B.दूसरी
- C.तीसरी
- D.पांचवीं
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संयुक्त व्यापार समिति वह स्थायी द्विपक्षीय तंत्र है, जिसके जरिये भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम व्यापार तथा आर्थिक सहयोग की समीक्षा करते हैं, और यह दौर वाणिज्यिक रिश्तों का जायजा लेने तथा उन्हें मजबूत करने के रास्ते तलाशने के लिए बुलाया गया।
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