सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अलावा भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह के इस सत्र में किन दो मंत्रालयों ने सक्रिय भागीदारी की?
- A.रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय
- B.पोत परिवहन मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय
- C.वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय
- D.आवासन मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय, जो समग्र सरकार के दृष्टिकोण के अंतर्गत इस सत्र में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति औपचारिक नहीं, तर्कसंगत है, क्योंकि राजमार्ग का संरेखण, रेल गलियारा और विद्युत पारेषण लाइन अक्सर एक ही जमीन तथा एक ही मंजूरियों के लिए आमने-सामने आते हैं, इसलिए एक पर लिया निर्णय दूसरे को प्रभावित करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पोत परिवहन और नागर विमानन का नाम इस बैठक के लिए नहीं आया, भले ही दोनों परिवहन से जुड़े हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वित्त और वाणिज्य अवसंरचना के वित्तपोषण तथा व्यापार पक्ष के लिए महत्वपूर्ण होने पर भी भागीदार के रूप में सूचीबद्ध नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि आवासन और पर्यावरण का भी उल्लेख नहीं था।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-जापान सड़क संयुक्त कार्य समूह का 12वाँ सत्र दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
15 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में सड़क एवं सड़क परिवहन क्षेत्र पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह का कौन-सा सत्र हुआ?
- A.9वाँ सत्र
- B.10वाँ सत्र
- C.12वाँ सत्र
- D.14वाँ सत्र
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सही उत्तर है 12वाँ सत्र, जो नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ और जिसका आयोजन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सत्र में उल्लिखित विकसित भारत @2047 की परिकल्पना भारत को किस पड़ाव तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखती है?
- A.संविधान लागू होने की शताब्दी तक
- B.भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक
- C.गणतंत्र के पचहत्तरवें वर्ष तक
- D.भारत की पहली रेल लाइन की द्विशताब्दी तक
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत @2047 की परिकल्पना में स्वतंत्रता के सौवें वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है, और सड़क क्षेत्र का यह सत्र आर्थिक वृद्धि, बेहतर संपर्क, मजबूत लॉजिस्टिक्स दक्षता तथा हर क्षेत्र तक अवसरों की पहुँच के लक्ष्यों के माध्यम से उसी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस बैठक में भारत ने विश्व बैंक समूह के किन तीन संस्थानों के बीच अधिक तालमेल की बात कही?
- A.आईबीआरडी, आईएफसी और मीगा
- B.आईबीआरडी, आईडीए और आईएमएफ
- C.आईएफसी, आईसीएसआईडी और एडीबी
- D.मीगा, आईडीए और एआईआईबी
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अपने वक्तव्य में वित्त मंत्री ने इन तीनों अंगों के बीच अधिक तालमेल का आग्रह किया और विश्व बैंक समूह के गारंटी मंच को जल्दी चालू करने पर जोर दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विकास समिति की 114वीं पूर्ण बैठक का विषय क्या था, जिस पर भारत ने अपना पक्ष रखा?
- A.ऋण स्थिरता और जलवायु वित्त
- B.निजी पूंजी जुटाव और रोजगार
- C.खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण ऋण
- D.डिजिटल सार्वजनिक ढांचा और व्यापार
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यही इस पूर्ण बैठक का घोषित विषय था और भारत का वक्तव्य ठीक इसी विषय पर दिया गया, जिसमें कहा गया कि उत्पादक तथा बेहतर वेतन वाला रोजगार गरीबी घटाने और समृद्धि बांटने का सबसे कारगर रास्ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विश्व बैंक की विकास समिति की 114वीं पूर्ण बैठक किस शहर में हुई?
- A.जकार्ता
- B.बैंकॉक
- C.मनीला
- D.सिंगापुर
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विकास समिति की यह पूर्ण बैठक थाईलैंड के बैंकॉक में हुई और केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वहीं भारत की ओर से विश्व बैंक की गवर्नर के रूप में इसमें भाग लिया।
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