संगमरमर कैंसर शब्द किसे कहते हैं?
- A.अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण
- B.संगमरमर काटने वाले खदान मजदूरों का रोग
- C.संगमरमर के फर्श पर शैवाल का उगना
- D.तापमान की अति से संगमरमर का चटकना
सही उत्तर
A. अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण
व्याख्या
सही उत्तर A है। संगमरमर कैल्शियम कार्बोनेट है, और प्रदूषित वायु की सल्फर डाइऑक्साइड तथा अम्लीय वर्षा का सल्फ्यूरिक अम्ल उससे अभिक्रिया करके कैल्शियम सल्फेट बनाते हैं, जिससे पत्थर की चमक जाती रहती है, वह पीला पड़ता है और गड्ढेदार तथा परतदार हो जाता है। इसी हानि को संगमरमर कैंसर कहते हैं, और इसकी चर्चा सबसे अधिक आगरा के ताजमहल के संदर्भ में होती है, इसीलिए उसके आसपास के उद्योगों पर नियंत्रण रखा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पत्थर की धूल साँस में जाने से होने वाला फेफड़े का रोग सिलिकोसिस है, जो बिल्कुल अलग विषय है। विकल्प C गलत है क्योंकि शैवाल का उगना जैविक धब्बा है, जिसे साफ किया जा सकता है, और इस शब्द का वह अर्थ नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ताप से चटकना भौतिक अपक्षय की प्रक्रिया है, जो अनेक चट्टानों में होती है और प्रदूषण से उसका संबंध नहीं। याद रखिए कि संगमरमर या चूना पत्थर का हर स्मारक संवेदनशील है, क्योंकि दोनों कैल्शियम कार्बोनेट हैं।
पूरा लेख पढ़ें: ओज़ोन परत और अम्लीय वर्षा: कारण, प्रभाव, संधियाँ
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंओज़ोन के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
- A.सभी विकल्प
- B.ओज़ोन अत्यधिक क्रियाशील है
- C.ओज़ोन हमें सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से बचाती है
- D.ओज़ोन प्रकाश रासायनिक धूम कोहरे का प्रमुख घटक है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सभी विकल्प
व्याख्या
सही उत्तर A, सभी विकल्प है। शेष तीनों कथन अपने आप में सही हैं, और इसी कारण संयुक्त विकल्प ही उत्तर बनता है। विकल्प B उत्तर नहीं बल्कि एक सत्य कथन है: ओज़ोन में ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं, वह अस्थायी है और प्रबल ऑक्सीकारक है, इसीलिए जल के कीटाणुशोधन में प्रयुक्त होती है। विकल्प C भी सत्य है: समतापमंडल की ओज़ोन सूर्य की अधिकांश पराबैंगनी विकिरण सोख लेती है और जीवों को त्वचा कैंसर तथा मोतियाबिंद से बचाती है। विकल्प D भी सत्य है, परंतु धरातल की ओज़ोन के लिए, जो वाहनों तथा उद्योगों से आए नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन पर सूर्य के प्रकाश की क्रिया से द्वितीयक प्रदूषक के रूप में बनती है और प्रकाश रासायनिक धूम कोहरे का मुख्य घटक है। चूँकि B, C और D तीनों सही हैं, इनमें से कोई अकेला उत्तर नहीं हो सकता और विकल्प A चुनना पड़ेगा। ओज़ोन का यही अच्छा और बुरा स्वभाव यहाँ परखा जा रहा है।
निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक प्रदूषक है?
- A.कार्बन मोनोऑक्साइड
- B.धूम कोहरा
- C.कार्बन डाइऑक्साइड
- D.फ्लाई ऐश
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सही उत्तर: B. धूम कोहरा
व्याख्या
सही उत्तर B, धूम कोहरा है। प्राथमिक प्रदूषक सीधे स्रोत से निकलता है, जबकि द्वितीयक प्रदूषक वायुमंडल में प्राथमिक प्रदूषकों की आपसी अभिक्रिया से बनता है। प्रकाश रासायनिक धूम कोहरा तब बनता है जब सूर्य का प्रकाश नाइट्रोजन ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों पर क्रिया करके ओज़ोन तथा अन्य जलनकारी पदार्थ बनाता है, इसलिए वही उत्कृष्ट द्वितीयक प्रदूषक है और धरातलीय ओज़ोन भी उसी के साथ गिनी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड सीधे इंजन या चूल्हे से तब निकलती है जब ईंधन पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना जलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड दहन और श्वसन से सीधे निकलती है। विकल्प D गलत है क्योंकि फ्लाई ऐश तापीय बिजलीघर की चिमनी से निकलने वाला सूक्ष्म कण पदार्थ है, जो जैसा बनता है वैसा ही उत्सर्जित होता है। यही भेद अम्लीय वर्षा पर भी लागू होता है, जहाँ सल्फ्यूरिक तथा नाइट्रिक अम्ल प्राथमिक गैसों से बने द्वितीयक उत्पाद हैं।
निम्नलिखित में से कौन वायुमंडल में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- A.नाइट्रोजन ऑक्साइड
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ओज़ोन
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सही उत्तर: A. नाइट्रोजन ऑक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर A, नाइट्रोजन ऑक्साइड है। नाइट्रिक ऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, जिन्हें मिलाकर नाइट्रोजन ऑक्साइड कहा जाता है, मुख्यतः वाहनों तथा बिजलीघरों के दहन से निकलने वाले वायु प्रदूषक हैं; वे धूम कोहरा और अम्लीय वर्षा बनाने में सहायक हैं, परंतु प्राकृतिक वायुमंडल की ग्रीनहाउस गैसों में नहीं गिने जाते। इस परिवार की जो गैस ग्रीनहाउस गैस है वह नाइट्रस ऑक्साइड है, जो एक भिन्न यौगिक है, इसलिए नाम ध्यान से पढ़िए। विकल्प B उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड श्वसन, अपघटन और ज्वालामुखी से प्राकृतिक रूप से आती है और प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है। विकल्प C गलत है क्योंकि मीथेन आर्द्रभूमियों और पशुओं के पाचन से प्राकृतिक रूप से निकलती है तथा प्रबल ग्रीनहाउस गैस है। विकल्प D गलत है क्योंकि ओज़ोन समतापमंडल में प्राकृतिक रूप से मिलती है, ग्रीनहाउस गैसों में गिनी जाती है और धरातल के पास प्रदूषक के रूप में भी बनती है। यहाँ जाल नाइट्रोजन ऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड की समानता है।
पृथ्वी को पराबैंगनी विकिरण से बचाने वाली ओज़ोन परत वायुमंडल के किस स्तर में है?
- A.क्षोभमंडल
- B.समतापमंडल
- C.मध्यमंडल
- D.तापमंडल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समतापमंडल
व्याख्या
सही उत्तर B, समतापमंडल है। वायुमंडल की लगभग नब्बे प्रतिशत ओज़ोन समतापमंडल में, धरातल से लगभग पंद्रह से पैंतीस किलोमीटर ऊपर रहती है, जहाँ पराबैंगनी किरणें ऑक्सीजन अणुओं को तोड़ती हैं और मुक्त परमाणु दूसरे ऑक्सीजन अणुओं से मिलकर ओज़ोन बनाते हैं। वहाँ पराबैंगनी विकिरण के अवशोषण के कारण ही इस स्तर में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि क्षोभमंडल सबसे निचला स्तर है, जहाँ मौसम की घटनाएँ होती हैं और ओज़ोन केवल धूम कोहरे में प्रदूषक के रूप में मिलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर है, सबसे ठंडा स्तर है और वहीं उल्काएँ जलती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तापमंडल बहुत ऊपर है, उसमें रेडियो तरंगें परावर्तित करने वाला आयनमंडल है और वहाँ वायु इतनी विरल है कि ओज़ोन परत नहीं बन सकती। स्तरों का क्रम तैयार रखिए, क्योंकि प्रश्नपत्र इसके साथ यह भी पूछते हैं कि किस स्तर में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता या घटता है।
वायुमंडल में ओज़ोन स्तंभ की मोटाई किस इकाई में मापी जाती है?
- A.डॉब्सन इकाई
- B.क्यूरी
- C.डेसिबल
- D.एंगस्ट्रॉम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डॉब्सन इकाई
व्याख्या
सही उत्तर A, डॉब्सन इकाई है। वायुमंडलीय ओज़ोन मापने का उपकरण बनाने वाले वैज्ञानिक के नाम पर बनी यह इकाई बताती है कि यदि सारी ओज़ोन को मानक ताप और दाब पर धरातल तक ले आया जाए तो उसकी परत कितनी मोटी होगी; सौ डॉब्सन इकाई एक मिलीमीटर मोटी परत के बराबर होती है। विकल्प B गलत है क्योंकि क्यूरी रेडियोसक्रियता की इकाई है, जो किसी पदार्थ के क्षय की दर बताती है। विकल्प C गलत है क्योंकि डेसिबल ध्वनि की प्रबलता मापता है और ध्वनि प्रदूषण के मानकों में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एंगस्ट्रॉम लंबाई की इकाई है, जो एक मीटर का दस अरबवाँ भाग है और परमाणुओं तथा प्रकाश की तरंगदैर्घ्य के लिए काम आती है, गैस के स्तंभ के लिए नहीं। डॉब्सन इकाई को 1985 के साथ याद रखिए, जब अंटार्कटिका के ऊपर ओज़ोन के क्षय की सूचना दी गई थी।