संगम कविताओं में वर्णित 'वटक्किरुत्तल' प्रथा की व्याख्या निम्नलिखित में से कौन-सा करता है?
- A.राजाओं द्वारा महिला अंगरक्षक रखना
- B.विद्वानों का राजदरबार में एकत्र होकर धार्मिक और दार्शनिक विषयों पर चर्चा करना
- C.युवा लड़कियों द्वारा खेतों की रखवाली करना और पक्षियों तथा पशुओं को भगाना
- D.युद्ध में पराजित राजा द्वारा भूखे रहकर अनुष्ठानिक आत्महत्या करना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D। वटक्किरुत्तल, जिसका शाब्दिक अर्थ है "उत्तर की ओर मुख करके बैठना", संगम युग की वह प्रथा थी जिसमें पराजित या अपमानित राजा उत्तर की ओर मुख करके मृत्यु तक उपवास करता था।
संगम काव्य इसे सम्मान बचाने का मार्ग मानता है। सबसे प्रसिद्ध उदाहरण चेर राजा पेरुंजेरल आदन का है, जो चोल राजा करिकाल के विरुद्ध वेण्णि के युद्ध में पीठ पर घायल हुआ; इस घाव को अपमान मानकर वह उत्तर की ओर मुख करके बैठ गया और भूखा रहकर प्राण त्याग दिए। चोल राजा कोप्पेरुंचोलन ने भी इसी तरह प्राण त्यागे, और कहा जाता है कि उसके मित्र कवि पिसिरांदैयार भी उसके साथ बैठ गए। पुरनानूरु की कविताएँ और वीरगल ऐसी मृत्युओं को दर्ज करते हैं।
A गलत है: इस शब्द का अर्थ राजाओं की महिला अंगरक्षक नहीं है।
B गलत है: विद्वानों की सभा संगम, यानी कवियों की अकादमी, का वर्णन है, इस प्रथा का नहीं।
C गलत है: बाजरे के खेतों की रखवाली करती लड़कियाँ संगम प्रेम काव्य का विषय हैं, वटक्किरुत्तल नहीं।
Exam tip: वटक्किरुत्तल = पराजय के बाद उत्तर की ओर मुख करके आमरण उपवास; करिकाल से वेण्णि युद्ध के बाद पेरुंजेरल आदन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन के बाद सुभाष चंद्र बोस ने
1. जापानी शिविरों में बंद भारतीय युद्धबंदियों में से बड़ी संख्या में सैनिक भर्ती किए
2. झाँसी की रानी के नाम पर एक महिला टुकड़ी बनाई
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
आज़ाद हिंद फ़ौज के अधिकतर सैनिक जापान के पास बंद भारतीय युद्धबंदी थे, और बोस ने महिलाओं के लिए रानी झाँसी रेजिमेंट बनाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्रांस्वा बर्नियर किसके चिकित्सक थे?
- A.शहजादा मुराद
- B.शहजादी जहाँआरा
- C.बादशाह शाहजहाँ
- D.शहजादा दारा शिकोह
उत्तर देखें
फ्रांसीसी चिकित्सक फ्रांस्वा बर्नियर शाहजहाँ के सबसे बड़े पुत्र दारा शिकोह के चिकित्सक रहे। बर्नियर 1658 में भारत पहुँचे, जब शाहजहाँ के पुत्रों के बीच उत्तराधिकार का युद्ध चल रहा था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1919 के रॉलेट अधिनियम के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. इसे इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल ने पारित किया था।
2. इस अधिनियम का विरोध करने के लिए खिलाफ़त समिति बनाई गई थी।
3. गांधीजी की गिरफ़्तारी के दौरान स्थानीय नेताओं को विरोध जारी रखने दिया गया।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही नहीं हैं?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.कोई नहीं
उत्तर देखें
कथन 1 सही है, पर कथन 2 और 3 सही नहीं हैं। मार्च 1919 का रॉलेट अधिनियम न्यायमूर्ति एस. ए. टी. रॉलेट की अध्यक्षता वाली राजद्रोह समिति पर आधारित था और सभी निर्वाचित भारतीय सदस्यों के विरोध के बावजूद इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल ने इसे पारित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कांग्रेस में निम्नलिखित में से कौन समाजवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते थे?
- A.राजेंद्र प्रसाद
- B.नरेंद्र देव
- C.मौलाना आज़ाद
- D.सरदार पटेल
उत्तर देखें
आचार्य नरेंद्र देव कांग्रेस के भीतर समाजवादी समूह, कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी, के संस्थापक और प्रमुख विचारक थे। कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी 1934 में बनी; इसका स्थापना सम्मेलन पटना में हुआ और उसी वर्ष बाद में बंबई में बड़ा अधिवेशन हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रारंभिक भारत के निम्नलिखित संवतों पर विचार कीजिए :
1. शक संवत 2. कलचुरि संवत 3. विक्रम संवत 4. हर्ष संवत 5. गुप्त संवत
सबसे पुराने से आरंभ करते हुए, उपर्युक्त संवतों का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.1 - 2 - 3 - 4 - 5
- B.3 - 1 - 5 - 2 - 4
- C.2 - 3 - 1 - 4 - 5
- D.3 - 1 - 2 - 5 - 4
उत्तर देखें
आरंभ वर्ष के अनुसार क्रम है: विक्रम, शक, कलचुरि, गुप्त और हर्ष संवत। विक्रम संवत 57 ईसा पूर्व से आरंभ होता है और आज भी उत्तर व पश्चिम भारत में प्रचलित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →