सम्मेलन को संबोधित करने वाले स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव कौन हैं?
- A.डॉ. मनदीप भंडारी
- B.श्री टी. के. अनिल कुमार
- C.श्री संजय कुमार
- D.श्री विनीत जोशी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर श्री टी. के. अनिल कुमार हैं, जिन्होंने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के रूप में सम्मेलन में बात की और उसकी चार प्राथमिकताएं सामने रखीं, तथा स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा, कौशल और रोजगार तक निर्बाध संक्रमण की वकालत की, जिससे विद्यार्थी सोच-समझकर चुनाव कर सकें और गरिमा के साथ जी सकें। विकल्प अ यानी डॉ. मनदीप भंडारी सबसे तेज भ्रम है, क्योंकि वे उसी आयोजन में उपस्थित थे, पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, विभाग के सचिव के रूप में नहीं। विकल्प स और विकल्प द में शिक्षा प्रशासन से जुड़े नाम हैं, जो स्मरण परखने के लिए रखे गए हैं। शिक्षण तथा सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों की तैयारी करने वाले उम्मीदवार को दोनों पदों का अंतर साफ रखना चाहिए, क्योंकि विभाग का सचिव और बोर्ड का अध्यक्ष अलग-अलग पद हैं।
पूरा लेख पढ़ें: सीबीएसई का चौथा स्कूल से कार्य संक्रमण शिखर सम्मेलन दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
सीबीएसई द्वारा आयोजित स्कूल से कार्य की ओर संक्रमण पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन कौन सा संस्करण है?
- A.दूसरा
- B.तीसरा
- C.चौथा
- D.पांचवां
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सहोदय स्कूल समूहों के सहयोग से स्कूल से कार्य की ओर संक्रमण को सुगम बनाने पर चौथा राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में दो दिन, यानी छब्बीस और सत्ताईस अक्तूबर 2026 को आयोजित कर रहा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सम्मेलन में बताई गई प्राथमिकता के अनुसार शिक्षा प्रणालियों में कौशल की मान्यता किस ढांचे के जरिये होगी?
- A.राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा
- B.राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा
- C.राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा
- D.राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता ढांचा
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स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव ने सम्मेलन में जो चार प्राथमिकताएं रखीं, उनमें तीसरी विभिन्न शिक्षा प्रणालियों में कौशल की मान्यता है और उसके लिए जिस साधन का नाम लिया गया वह राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी शुरुआती वैधता और प्रवेश शुल्क सुझाया है?
- A.10 वर्ष वैधता और 10 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- B.20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- C.15 वर्ष वैधता और 5 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- D.असीमित वैधता और कोई शुल्क नहीं
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इसके साथ नियामक ने 10,000 रुपये का आवेदन प्रसंस्करण शुल्क, राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र तथा कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा न होने का सुझाव दिया है, जिससे यह व्यवस्था हल्की बनती है और ऐसी सेवा के अनुकूल है जिसे बहुत कम भौतिक ढांचे की जरूरत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी सेवा को टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी किस कानून के तहत बनाने की सिफारिश की है?
- A.ट्राई अधिनियम, 1997
- B.केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
- C.दूरसंचार अधिनियम, 2023
- D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
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ट्राई की सिफारिश है कि एएलटीडी सेवा को इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत बने प्रसारण प्राधिकरण ढांचे में टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाया जाए और विस्तृत शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में अधिसूचित हों।
पूरी व्याख्या पढ़ें →26 अक्टूबर 2026 को जारी ट्राई की सिफारिशों में एएलटीडी का पूरा रूप क्या है?
- A.उन्नत रैखिक टेलीविजन प्रसार
- B.ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण
- C.दर्शक संबद्ध टेलीविजन आंकड़े
- D.संबोधनीय स्थानीय टेलीविजन वितरण
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ट्राई ने यही नाम चुना, क्योंकि जिन सेवाओं की उसने जांच की वे निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क से ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस के जरिए दर्शकों तक पहुंचाती हैं, चाहे ऐप टेलीविजन सेट में पहले से मौजूद हो…
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