सकल फसल क्षेत्र और निवल बोए गए क्षेत्र के अनुपात को क्या कहा जाता है?
- A.फसल गहनता
- B.फसल चक्र की गहनता
- C.फसल उत्पादकता
- D.फसल विविधता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, फसल गहनता। फसल गहनता सकल फसल क्षेत्र को निवल बोए गए क्षेत्र से भाग देकर निकलती है, आमतौर पर प्रतिशत में, और बताती है कि एक वर्ष में उसी भूमि पर कितनी बार फसल ली गई।
निवल बोया गया क्षेत्र वह भूमि है जिस पर वर्ष में कम से कम एक बार फसल बोई गई हो, और इसे एक ही बार गिना जाता है। सकल फसल क्षेत्र में किसी खेत को उस वर्ष उगाई गई हर फसल के लिए एक बार गिना जाता है, इसलिए दो बार बोया गया खेत दो बार गिना जाता है। यदि पूरा निवल बोया गया क्षेत्र एक ही बार बोया जाए तो गहनता 100 प्रतिशत होगी; हर जगह दो फसलें होने पर 200 प्रतिशत। भारत की फसल गहनता लगभग 140 से 155 प्रतिशत है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों में सिंचाई से दो-तीन फसलें होने के कारण यह ऊँची है।
B गलत है क्योंकि फसल चक्र का अर्थ मौसमों के साथ खेत में फसलें बदलना है, यह अनुपात नहीं। C गलत है क्योंकि उत्पादकता प्रति हेक्टेयर उपज है। D गलत है क्योंकि फसल विविधता किसी क्षेत्र में उगाई जाने वाली फसलों की विविधता है।
Exam tip: फसल गहनता = (सकल फसल क्षेत्र ÷ निवल बोया गया क्षेत्र) × 100; सिंचाई इसे बढ़ाती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी नदी पहले "वितस्ता" के नाम से जानी जाती थी?
- A.तीस्ता
- B.झेलम
- C.तुंगभद्रा
- D.भरतपुझा
उत्तर देखें
ऋग्वेद और बाद के संस्कृत ग्रंथों में झेलम को वितस्ता कहा गया है। पंजाब क्षेत्र की नदियों के वैदिक नाम थे: झेलम के लिए वितस्ता, चिनाब के लिए असिक्नी, रावी के लिए परुष्णी, ब्यास के लिए विपाशा और सतलुज के लिए शुतुद्री।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहने वाली नहीं है?
- A.पेरियार
- B.भरतपुझा
- C.पंबा
- D.ताम्रपर्णी
उत्तर देखें
ताम्रपर्णी पश्चिमी घाट की अगस्त्यमलै पहाड़ियों से निकलकर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली और तूतुकुडी ज़िलों से पूर्व की ओर बहती हुई मन्नार की खाड़ी में गिरती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी शून्य हो जाती है। 2. देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी भूमध्य रेखा पर अधिकतम होती है। 3. देशांतर रेखाओं की संख्या अक्षांश रेखाओं की संख्या से अधिक है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन सही हैं। देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाने वाले अर्धवृत्त हैं, इसलिए भूमध्य रेखा पर वे सबसे दूर होती हैं, लगभग 111 किमी प्रति अंश, और ध्रुवों की ओर पास आते-आते वहाँ मिल जाती हैं, जहाँ दूरी शून्य हो जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी ठंडी महासागरीय धारा/धाराएँ है/हैं? 1. अलास्का धारा 2. उत्तर अटलांटिक प्रवाह 3. पछुआ पवन प्रवाह नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
तीनों में केवल पछुआ पवन प्रवाह ठंडी धारा है; अलास्का धारा और उत्तर अटलांटिक प्रवाह गर्म धाराएँ हैं। पछुआ पवन प्रवाह, जिसे अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा भी कहते हैं, पछुआ पवनों के नीचे अंटार्कटिका के चारों ओर पूर्व दिशा में बहता है और उप-अंटार्कटिक ठंडा जल लाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे क्षेत्र जहाँ वर्षा 250 सेमी से अधिक होती है 2. वार्षिक तापमान 25°C - 27°C 3. औसत आर्द्रता 75% से अधिक 4. वृक्ष अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते उपर्युक्त विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस प्रकार की वनस्पति को दर्शाती हैं?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार
- B.उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार
- C.उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती
- D.उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार
उत्तर देखें
बहुत भारी वर्षा, ऊँचा और स्थिर तापमान, 75 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता और साल भर हरे रहने वाले वृक्ष उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की पहचान हैं।
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