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GK24
सरकारी योजनाएंकठिन

सैनिटरी तथा जैव चिकित्सा कचरे का पूरा पृथक्करण एवं प्रसंस्करण करने वाला कराड किस जिले में है?

  1. A.सांगली, महाराष्ट्र
  2. B.सतारा, महाराष्ट्र
  3. C.कोल्हापुर, महाराष्ट्र
  4. D.सोलापुर, महाराष्ट्र

सही उत्तर

B. सतारा, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर महाराष्ट्र का सतारा जिला है। वहां की नगर परिषद अस्पतालों, क्लीनिकों, घरों तथा अन्य परिसरों से रोज 300 से 350 किलोग्राम सैनिटरी कचरा जुटाती है, उसने सार्वजनिक शौचालयों में लाल डिब्बे रखे, और महिलाओं के साथ मिलकर जागरूकता समूह बनाए जिन्होंने यह संदेश रिहायशी इलाकों तक पहुंचाया। परिषद ने रोज 600 किलोग्राम क्षमता वाली साझा जैव चिकित्सा कचरा उपचार सुविधा के लिए जमीन दी, जिसे कराड हॉस्पिटल एसोसिएशन चलाता तथा संभालता है, और परिषद अपने जुटाए कचरे के उपचार का कोई शुल्क नहीं देती। केंद्रीय भस्मक 1,200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पर पहुंचता है, गैसें छानी जाती हैं, और उत्सर्जन पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रणाली से जुड़कर वास्तविक समय में नजर रखी जाती है। बाकी तीन विकल्प पश्चिमी महाराष्ट्र के पड़ोसी जिले हैं।

पूरा लेख पढ़ें: स्वच्छ भारत मिशन के बारह साल, बदले सार्वजनिक शौचालय

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Q1.सरकारी योजनाएंआसान

स्वच्छ भारत मिशन किस तिथि को शुरू किया गया था?

  1. A.15 अगस्त 2014
  2. B.2 अक्टूबर 2014
  3. C.2 अक्टूबर 2015
  4. D.26 जनवरी 2015
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर 2014

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर 2014 है, वही तिथि जिससे मिशन अपने पूरे हो रहे बारह वर्ष गिनता है। विकल्प A उसी वर्ष का स्वतंत्रता दिवस है, वह तिथि जिससे राष्ट्रीय कार्यक्रमों की घोषणा अक्सर जोड़ी जाती है, और इसीलिए यह सबसे आकर्षक गलत विकल्प है। विकल्प C और D वर्ष आगे खिसका देते हैं और वर्षगांठ को पूरे बारह महीने गलत कर देंगे। मिशन की शुरुआत शहरों से शौचालय बनवाने, जागरूकता फैलाने तथा खुले में शौच से मुक्त दर्जे की दिशा में काम कराने से हुई, जिसके बाद कई शहर आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस और ओडीएफ डबल प्लस दर्जे तक पहुंचे। शहरी शाखा ने बाद में टॉयलेट्स दो दशमलव शून्य पहल से गुणवत्ता का लक्ष्य जोड़ा, और नागरिक अब स्वच्छता ऐप के शौचालय लोकेटर से निकटतम सुविधा खोज सकता है। इसे उस वर्ष की गांधी जयंती से जोड़कर याद रखना सबसे आसान है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

महिला यात्रियों के लिए कबाड़ बस से बना स्त्री टॉयलेट किस शहर के बस टर्मिनल पर है?

  1. A.बेंगलुरु
  2. B.भोपाल
  3. C.नवी मुंबई
  4. D.तिरुपति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर बेंगलुरु है, कर्नाटक में, जहां कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम के मैजेस्टिक टर्मिनल पर एक पुराने वाहन को केवल महिलाओं की सुविधा में बदल दिया गया। इसमें तीन भारतीय शैली तथा दो पश्चिमी शैली के कमोड, मासिक धर्म स्वच्छता के लिए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और भस्मक, तथा वह अलग जगह है जहां माताएं शिशुओं को दूध पिला सकें और डायपर बदल सकें, जबकि इसकी सेंसर बत्तियां उसी परिसर में बनी सौर ऊर्जा से चलती हैं। तीनों गलत विकल्प उसी विवरण के दूसरे शहर हैं, हर एक अपने नवाचार के साथ: भोपाल बाजार में फ्रेशरूम स्मार्ट लाउंज चलाता है, नवी मुंबई ने कोपरखैरणे में पुनर्चक्रित प्लास्टिक से शौचालय बनाए, और तिरुपति तीर्थयात्रियों के लिए बड़े परिसर संभालता है। हर शहर को उसके नवाचार से जोड़कर याद रखना सबसे पक्का तरीका है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

नवी मुंबई के कोपरखैरणे स्थित एस्पिरेशनल टॉयलेट बनाने में कितनी प्लास्टिक बोतलें और ढक्कन लगे?

  1. A.9,500 बोतलें और 28,400 ढक्कन
  2. B.11,700 बोतलें और 35,200 ढक्कन
  3. C.14,200 बोतलें और 41,000 ढक्कन
  4. D.7,600 बोतलें और 19,800 ढक्कन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 11,700 बोतलें और 35,200 ढक्कन

व्याख्या

सही उत्तर 11,700 बोतलें और 35,200 ढक्कन है। नवी मुंबई महानगरपालिका ने सेक्टर 14, कोपरखैरणे में जो ढांचा बनाया उसमें 426 वर्ग मीटर पुनर्चक्रित प्लास्टिक शीट लगी है, जिसमें 5.3 मीट्रिक टन एकल उपयोग प्लास्टिक शामिल है, और निर्माताओं ने 85 पुन: उपयोग किए कंप्यूटर कीबोर्ड तथा 284 किलोग्राम कबाड़ धातु का भी उपयोग किया। उपचारित सीवेज जल से चलने वाला फव्वारा इस डिजाइन को पूरा करता है, और यह स्थल निसर्गउद्यान शहरी बगीचे के पास है जहां रोज 8,000 से 9,000 लोग आते हैं। बाकी विकल्पों में गढ़ी हुई गिनती है, जैसी परीक्षक यह देखने के लिए रखता है कि परीक्षार्थी ने बोतल तथा ढक्कन के आंकड़े साथ याद किए हैं या नहीं। इस शौचालय में पुरुषों और महिलाओं के अलग हिस्से, बच्चों तथा दिव्यांगजनों के लिए इकाइयां, शिशु देखभाल केंद्र और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें भी हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत इस्पात मंत्रालय और उसके उपक्रमों ने कितनी भौतिक फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा है?

  1. A.9,056
  2. B.12,234
  3. C.14,164
  4. D.20,763
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 20,763

व्याख्या

सही उत्तर 20,763 है। इस्पात मंत्रालय और उसके केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों ने महीने भर में इतनी भौतिक फाइलों के निपटान का लक्ष्य रखा है, साथ ही 9,056 ई-फाइलों का, और अपने कार्यालयों तथा स्थानों पर 301 सफाई गतिविधियां भी नियोजित की हैं। विकल्प A इसी घोषणा का आंकड़ा है, पर वह ई-फाइलों का लक्ष्य है, भौतिक फाइलों का नहीं, इसलिए गलत स्तंभ से आता है। विकल्प B वह संख्या है जो पर्यावरण मंत्रालय ने समीक्षा के लिए भौतिक फाइलों के रूप में चिन्हित की, और विकल्प C उसी मंत्रालय की ई-फाइलों की संख्या है, इसलिए दोनों दूसरे मंत्रालय की सूची से हैं। इस्पात मंत्रालय ने 37 लंबित जन शिकायतें भी अलग से चुनी हैं और उस लंबन को शून्य पर लाना चाहता है, इसके अलावा वह संसद सदस्यों, प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ भी निपटाएगा।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान किस विभाग के दिशानिर्देशों पर चलाया जा रहा है और प्रगति किसके पोर्टल पर दर्ज होती है?

  1. A.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  2. B.व्यय विभाग
  3. C.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
  4. D.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग

व्याख्या

सही उत्तर प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग है, जिसे संक्षेप में डीएआरपीजी कहा जाता है। अभियान उसके दिशानिर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है, इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान की मानक संचालन प्रक्रिया भी उसी ने अंतिम रूप दी है, और मंत्रालय अपनी प्रगति उसके लंबित मामलों के निपटान संबंधी पोर्टल पर दर्ज करते हैं, जो महीने भर अद्यतन होता रहता है। विकल्प A कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग सेवा संबंधी मामलों तथा भर्ती नीति से जुड़ा है, इस अभियान का स्वामी नहीं। विकल्प B व्यय विभाग सार्वजनिक वित्त देखता है और यहां उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिकी से जुड़ी नीति बनाता है, पर इस अभियान की ई-कचरा प्रक्रिया डीएआरपीजी से आई है। हर मंत्रालय में नोडल अधिकारी इस काम का समन्वय करते हैं।