साबुन की सफाई क्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.तेल और मैल मिसेल के केंद्र में एकत्र हो जाते हैं।
- B.साबुन के मिसेल प्रकाश को प्रकीर्णित करते हैं।
- C.साबुन लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के अमोनियम लवण होते हैं।
- D.साबुन कठोर जल के कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील अवक्षेप बनाता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C। साबुन लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक (वसीय) अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं, अमोनियम लवण नहीं।
साबुन के अणु में एक लंबी हाइड्रोकार्बन पूंछ होती है, जो तेल में घुलती है, और एक आयनिक सिर होता है, जो पानी की ओर रहता है। पानी में अणु मिलकर मिसेल बनाते हैं: पूंछें भीतर की ओर रहकर तेल और चिकनाई को फंसा लेती हैं, जबकि सिर बाहर रहते हैं, इसलिए धोने पर मैल बह जाता है। साबुन वसा या तेल को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करके बनता है (साबुनीकरण); पोटैशियम साबुन नरम होते हैं।
A चुनना गलत है, क्योंकि तैलीय मैल सचमुच मिसेल के केंद्र में इकट्ठा होता है।
B चुनना गलत है, क्योंकि मिसेल इतने बड़े होते हैं कि कोलॉइड बनाते हैं और प्रकाश को प्रकीर्णित करते हैं।
D चुनना गलत है, क्योंकि कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन साबुन के साथ अघुलनशील झाग (स्कम) बनाते हैं, इसीलिए कठोर जल में साबुन कम झाग देता है।
Exam tip: साबुन = वसीय अम्ल का Na/K लवण; मिसेल तेल को भीतर फंसाता है; कठोर जल में स्कम बनता है, इसलिए वहां अपमार्जक काम आते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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