रिलीफ के घटक दो के लाभ में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?
- A.फुल कंटेनर लोड कार्गो
- B.लेस दैन कंटेनर लोड कार्गो
- C.रीफर कंटेनर
- D.ऊर्जा से जुड़ी खेपें
सही उत्तर
D. ऊर्जा से जुड़ी खेपें
व्याख्या
सही उत्तर ऊर्जा से जुड़ी खेपें है, जिन्हें स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है। जो कार्गो लाभ पाता है वह तीन तरह का है: फुल कंटेनर लोड, जिसमें एक ही भेजने वाला पूरा कंटेनर भरता है, लेस दैन कंटेनर लोड, जिसमें खेप दूसरों के साथ कंटेनर की जगह बांटती है, और रीफर कंटेनर, वह ठंडा डिब्बा जिसमें फल, मछली और दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान जाते हैं। इसलिए विकल्प A, B और C सभी योजना के भीतर हैं और उत्तर नहीं हो सकते। ऊर्जा कार्गो को बाहर रखना सोचा-समझा निर्णय है, क्योंकि यह उपाय उन वस्तु निर्यातकों के लिए है जिनकी ढुलाई और बीमा लागत पश्चिम एशिया के व्यवधान से उछल गई, ऊर्जा व्यापार के लिए नहीं। परीक्षा यह भी पूछ सकती है कि पॉलिसी किस तिथि से ली गई हो, और वह तिथि 16 मार्च 2026 है।
पूरा लेख पढ़ें: पश्चिम एशिया मार्ग के निर्यातकों के लिए रिलीफ अवधि बढ़ी
अभ्यास प्रश्न
जिस निर्यात पहल के घटक दो की समय सीमा बढ़ाई गई, उस रिलीफ का पूरा नाम क्या है?
- A.रेजीलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फेसिलिटेशन
- B.रेमिशन ऑफ लेवीज एंड इंश्योरेंस फॉर एक्सपोर्ट फाइनेंस
- C.रीइंबर्समेंट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड इंश्योरेंस फॉर एक्सपोर्टर्स एंड फार्मर्स
- D.रेजीलिएंट एक्सपोर्ट लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपैंशन फंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रेजीलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फेसिलिटेशन
व्याख्या
सही उत्तर रेजीलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फेसिलिटेशन है। रिलीफ निर्यात संवर्धन मिशन के तहत एक समयबद्ध पहल है और इसे 19 मार्च 2026 को उन निर्यातकों के लिए शुरू किया गया था जिन्हें असाधारण रूप से बढ़ी माल ढुलाई लागत, ऊंचे बीमा प्रीमियम और खाड़ी तथा व्यापक पश्चिम एशियाई समुद्री गलियारे पर युद्ध संबंधी निर्यात जोखिमों ने चोट पहुंचाई थी। विकल्प B इस योजना को निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की वापसी जैसे उपायों से मिला देता है, जो बिलकुल दूसरे सिद्धांत पर चलते हैं। विकल्प C किसानों के लिए ऐसी प्रतिपूर्ति गढ़ता है जो इस उपाय में नहीं है। विकल्प D किसी अवसंरचना कोष जैसा लगता है, जबकि रिलीफ पूंजीगत व्यय कार्यक्रम नहीं, बल्कि बीमा और लॉजिस्टिक्स का सहारा है। परीक्षार्थी पूरे नाम के साथ मूल मिशन भी याद रखें।
रिलीफ का घटक दो निर्यातकों को किस संस्था से कवर लेने के लिए प्रोत्साहित करता है और जोखिम कवरेज कितना है?
- A.एक्जिम बैंक, 80 प्रतिशत जोखिम कवरेज
- B.ईसीजीसी, 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज
- C.डीजीएफटी, 90 प्रतिशत जोखिम कवरेज
- D.सिडबी, 75 प्रतिशत जोखिम कवरेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ईसीजीसी, 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज
व्याख्या
सही उत्तर ईसीजीसी, 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज है। घटक दो निर्यातक को इस बात के लिए प्रेरित करता है कि वह निर्दिष्ट क्षेत्रों की आगामी खेपों पर निर्यात ऋण गारंटी निगम का कवर ले, और इस कवर में पंचानबे प्रतिशत जोखिम कवरेज मिलता है, जो 16 मार्च 2026 को या उसके बाद ली गई स्टैंडअलोन अथवा संपूर्ण टर्नओवर पॉलिसी पर उपलब्ध है। विकल्प A में दिया भारतीय निर्यात-आयात बैंक निर्यात वित्त के लिए ऋण और गारंटी देता है, पर इस घटक का ऋण बीमाकर्ता नहीं है। विकल्प C में दिया विदेश व्यापार महानिदेशालय व्यापार नीति बनाता और अधिसूचित करता है, बीमा कवर नहीं बेचता। विकल्प D का लघु उद्योग ऋणदाता यहां कोई भूमिका नहीं निभाता। घटक दो की दूसरी सुरक्षा भी परीक्षा योग्य है: पात्र अवधि में प्रीमियम व्यवधान से पहले के स्तर से ऊपर नहीं जाएगा।
फ्रोजन फूड की खेप रवाना करते समय एपीडा के चेयरमैन के रूप में किसका नाम लिया गया?
- A.अभिषेक देव
- B.पीयूष गोयल
- C.सुधांशु पांडेय
- D.राजेश अग्रवाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अभिषेक देव
व्याख्या
सही उत्तर अभिषेक देव है। खेप रवाना करने के अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए एपीडा के चेयरमैन ने निर्यातक और हितधारकों को बधाई दी, कहा कि किसान उत्पादक संगठन के सीधे निर्यात से उत्पादकों को मिलने वाला मूल्य काफी बढ़ेगा, एनआईएफटीईएम के योगदान की सराहना की और कनाडा के बाजार में निर्यात बढ़ाने की आशा जताई। विकल्प B में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री का नाम है, जो उस मंत्रालय के प्रमुख हैं जिसके अधीन एपीडा काम करता है, पर वे इसके चेयरमैन नहीं हैं, और मंत्री तथा किसी वैधानिक संस्था के प्रमुख के बीच यही अंतर परीक्षा का पसंदीदा जाल है। विकल्प C और D अधिकारियों के नाम हैं, जो संभावित विकल्प के रूप में रखे गए हैं और इस पद पर नहीं हैं। दोहराते समय पद और संस्था साथ रखें, एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन, चेयरमैन अभिषेक देव।
हरियाणा से कनाडा भेजी गई फ्रोजन फूड की खेप का कुल मूल्य कितना था?
- A.सीएडी 25,140
- B.सीएडी 35,140
- C.सीएडी 45,295
- D.सीएडी 55,295
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सीएडी 35,140
व्याख्या
सही उत्तर सीएडी 35,140 है। कुल 24 एमटी वजन वाले फ्रोजन फूड उत्पादों के डिब्बों की इस खेप का घोषित मूल्य इतना ही था, और मुद्रा कनाडाई डॉलर है, क्योंकि खरीदार कनाडा में है। विकल्प A उसी आकार का कम आंकड़ा है, जिसे इसलिए रखा जाता है कि जिस परीक्षार्थी को अंत के अंक याद रहते हैं पर पहला अंक नहीं, वह चूक जाए। विकल्प C और D मूल्य के आंकड़े को डिब्बों की संख्या के साथ मिला देते हैं, जबकि डिब्बों की गिनती खेप में रखे पैकेटों की है, धन की नहीं। दोहराते समय इस कहानी के तीनों आंकड़े अलग-अलग रखें, वजन 24 एमटी है, डिब्बों की एक अलग संख्या है और मूल्य कनाडाई डॉलर में है। निर्यात की खेपों पर प्रश्न आमतौर पर इसी अंतर पर बनाए जाते हैं।
एपीडा की मदद से हरियाणा के सोनीपत से 24 एमटी फ्रोजन फूड की खेप किस देश को भेजी गई?
- A.यूनान
- B.कनाडा
- C.ऑस्ट्रेलिया
- D.संयुक्त अरब अमीरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कनाडा
व्याख्या
सही उत्तर कनाडा है। फ्रोजन फूड उत्पादों की यह खेप हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के बाजार के लिए रवाना की गई, इसका निर्यात अटेर्ना फूड्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने किया और एपीडा के चेयरमैन ने इस अवसर पर कनाडा को निर्यात और बढ़ने की आशा जताई। विकल्प A यानी यूनान भारत की एक दूसरी कृषि खेप का गंतव्य है और यही वह भ्रम है जिसमें वह परीक्षार्थी फंसता है जिसे उत्पाद याद रहता है पर बाजार नहीं। विकल्प C यानी ऑस्ट्रेलिया और विकल्प D यानी संयुक्त अरब अमीरात, दोनों भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य के बड़े खरीदार हैं, लेकिन इस खेप से उनका कोई संबंध नहीं है। परीक्षा के लिए यह जोड़ी सीधी है, फ्रोजन सब्जियां और नाश्ते की वस्तुएं, सोनीपत यानी हरियाणा, और गंतव्य कनाडा, जिसमें एपीडा ने अपनी सहायता योजना के तहत मदद की।