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GK24
कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन का कार्यान्वयन किन दो एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से होता है?

  1. A.इसरो और डीआरडीओ
  2. B.बार्क और एनआईसी
  3. C.सी-डैक और आईआईएससी बेंगलुरु
  4. D.एनआईसी और अर्नेट इंडिया

सही उत्तर

C. सी-डैक और आईआईएससी बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर C, सी-डैक और आईआईएससी बेंगलुरु है। 2015 में स्वीकृत राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग संयुक्त रूप से करते हैं, और उसका कार्यान्वयन पुणे का प्रगत संगणन विकास केंद्र तथा बेंगलुरु का भारतीय विज्ञान संस्थान मिलकर करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इसरो और डीआरडीओ अपनी अंतरिक्ष तथा रक्षा आवश्यकताओं के लिए कंप्यूटर बनाते हैं, जैसे सागा-220 और पेस। विकल्प B गलत है क्योंकि बार्क की अनुपम श्रेणी परमाणु ऊर्जा के लिए है और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सरकारी नेटवर्क चलाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एनआईसी तथा अर्नेट इंडिया नेटवर्क और ई-शासन के निकाय हैं, सुपर कंप्यूटर बनाने वाले नहीं। मिशन के उद्देश्य हैं प्रणालियां लगाना, हार्डवेयर भारत में बनाना और उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षित करना। मिशन के अंतर्गत 2024 में परम रुद्र नाम की तीन प्रणालियां भी राष्ट्र को समर्पित की गईं।

पूरा लेख पढ़ें: भारत में कंप्यूटर का इतिहास: टिफ्रैक से परम तक

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Q1.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

भारत में डिज़ाइन और निर्मित पहला डिजिटल कंप्यूटर कौन था?

  1. A.एचईसी-2एम
  2. B.टिफ्रैक
  3. C.परम 8000
  4. D.टीडीसी-12
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. टिफ्रैक

व्याख्या

सही उत्तर B, टिफ्रैक है। टीआईएफआर ऑटोमैटिक कैलकुलेटर मुंबई के टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान में 1960 में पूरा हुआ और उसे भारत में डिज़ाइन तथा निर्मित पहला डिजिटल कंप्यूटर माना जाता है; टिफ्रैक नाम जवाहरलाल नेहरू ने दिया था। विकल्प A गलत है क्योंकि एचईसी-2एम ब्रिटेन से लाकर 1955 में कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में लगाया गया था, इसलिए वह भारत में काम करने वाला पहला कंप्यूटर था, यहां बना पहला नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1991 का परम 8000 भारत का पहला सुपर कंप्यूटर था, जो तीन दशक बाद आया। विकल्प D गलत है क्योंकि टीडीसी-12, अर्थात एक ट्रॉम्बे डिजिटल कंप्यूटर, 1967 में स्थापित भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निगम लिमिटेड ने बनाया था। दोनों प्रथम अलग रखें: भारत में पहला कंप्यूटर एचईसी-2एम, भारत में बना पहला टिफ्रैक। भारतीय रेल ने भी साठ के दशक में आरक्षण और लेखा कार्य के लिए आईबीएम 1401 जैसी मशीनें लगाई थीं।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानआसान

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम 8000 वर्ष 1991 में किस संस्था ने विकसित किया?

  1. A.इसरो
  2. B.बार्क
  3. C.सी-डैक
  4. D.डीआरडीओ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सी-डैक

व्याख्या

सही उत्तर C, सी-डैक है। प्रगत संगणन विकास केंद्र की स्थापना 1988 में पुणे में इसी विशेष दायित्व के साथ हुई थी कि अमेरिकी क्रे मशीन देने से इनकार के बाद स्वदेशी सुपर कंप्यूटर बनाया जाए, और 1991 में उसके दल ने परम 8000 पूरा किया, जो ट्रांसप्यूटर प्रोसेसरों से बनी समानांतर मशीन थी। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 2011 में ग्राफिक्स प्रोसेसरों से सागा-220 प्रणाली बनाई, जो परम से बहुत बाद की है। विकल्प B गलत है क्योंकि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने समानांतर कंप्यूटरों की अनुपम श्रेणी विकसित की, जो परमाणु ऊर्जा के लिए अलग कार्य-धारा थी। विकल्प D गलत है क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के भीतर हैदराबाद के अनुराग ने पेस बनाया, जो वायुगतिकीय संगणन और मूल्यांकन का प्रोसेसर था। सी-डैक ने कृत्रिम बुद्धि के कार्य के लिए पुणे में ऐरावत भी बनाया, जो उसकी सबसे नई प्रसिद्ध प्रणाली है।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

भारत में परम श्रेणी के सुपर कंप्यूटरों के विकास का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.होमी जहांगीर भाभा
  2. B.सतीश धवन
  3. C.राज रेड्डी
  4. D.विजय भाटकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. विजय भाटकर

व्याख्या

सही उत्तर D, विजय भाटकर है। विजय भाटकर ने सी-डैक में उस दल का नेतृत्व किया जिसने 1991 में परम 8000 बनाया, और इसी कारण उन्हें भारत की परम श्रेणी के सुपर कंप्यूटरों का शिल्पी कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि होमी जहांगीर भाभा भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम तथा टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के संस्थापक थे, जहां टिफ्रैक बना, परंतु उनका निधन 1966 में हो गया, परम परियोजना से बहुत पहले। विकल्प B गलत है क्योंकि सतीश धवन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के नेता तथा इसरो के अध्यक्ष थे, जिनका नाम श्रीहरिकोटा के प्रक्षेपण केंद्र से जुड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि राज रेड्डी भारत में जन्मे वे कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं जिन्होंने अमेरिका में कृत्रिम बुद्धि तथा वाक् पहचान पर कार्य किया और वे परम परियोजना का अंग नहीं थे।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

प्रगत संगणन विकास केंद्र, अर्थात सी-डैक, की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1976
  2. B.1988
  3. C.1991
  4. D.1998
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1988

व्याख्या

सही उत्तर B, 1988 है। सी-डैक की स्थापना 1988 में पुणे में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधीन इस उद्देश्य से हुई कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भारत को क्रे मशीन देने से इनकार के बाद स्वदेशी सुपर कंप्यूटर की अभिकल्पना और निर्माण किया जाए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1976 में सरकार के लिए कंप्यूटिंग खड़ी करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र स्थापित हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि 1991 में उस अभियान का पहला उत्पाद परम 8000 पूरा हुआ, और इस प्रश्न में यही सामान्य भ्रम है; 1991 सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया योजना का भी वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1998 भारतीय विज्ञान की अन्य घटनाओं का वर्ष है और यहां उसका कोई संबंध नहीं। याद रखने योग्य जोड़ी है सी-डैक 1988 और परम 8000 उसके तीन वर्ष बाद 1991।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

भारत में 1955 में स्थापित और प्रयोग में आया पहला कंप्यूटर कहां था?

  1. A.भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता
  2. B.टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, मुंबई
  3. C.भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  4. D.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्रॉम्बे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता

व्याख्या

सही उत्तर A, भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता है। ब्रिटेन से लाया गया एचईसी-2एम 1955 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान में लगाया गया और उसे भारत में काम करने वाला पहला कंप्यूटर माना जाता है; आगे उसी संस्थान में सोवियत यूराल मशीन जुड़ी और 1966 में उसने जादवपुर विश्वविद्यालय के साथ आईएसआईजेयू बनाया। विकल्प B गलत है क्योंकि टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान ने टिफ्रैक बनाया, जो 1960 में पूरा हुआ और भारत में डिज़ाइन तथा निर्मित पहला कंप्यूटर है, यहां लगाया गया पहला नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय विज्ञान संस्थान आज बड़ा संगणन केंद्र और राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन की कार्यान्वयन एजेंसी होने पर भी पहली मशीन का स्थान नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि ट्रॉम्बे का कार्य बाद में ईसीआईएल तथा टीडीसी श्रेणी के माध्यम से आया। उसी संस्थान में आगे आई सोवियत यूराल मशीन को भी कभी-कभी इस प्रश्न में जाल के रूप में रखा जाता है।