रक्षा मंत्री के अनुसार आईआईटी तंत्र ने कितने यूनिकॉर्न तैयार किए हैं?
- A.36
- B.46
- C.56
- D.66
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 56 है। यह बताते हुए कि ये संस्थान नवाचार और उद्यम के इंजन बन गए हैं, रक्षा मंत्री ने कहा कि आईआईटी तंत्र ने 6,000 से अधिक स्टार्टअप को सहारा दिया है, 56 यूनिकॉर्न तैयार किए हैं और लगभग 5,000 पेटेंट सृजित किए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने कहा कि आईआईटी केवल ज्ञान देने वाले संस्थान नहीं रह गए हैं, और आईआईटी कानपुर जैसे संस्थान वैज्ञानिक सामर्थ्य बढ़ाकर तथा समाज के काम आने वाले समाधान गढ़कर देश के विकास में भूमिका निभा रहे हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि ये उल्लिखित संख्या से मेल नहीं खाते; स्टार्टअप, यूनिकॉर्न और पेटेंट, तीनों आंकड़े साथ याद रखने चाहिए। मंत्री ने अनुसंधान में निजी निवेश खींचने के लिए स्वीकृत एक लाख करोड़ रुपये की अनुसंधान, विकास एवं नवाचार योजना का भी उल्लेख किया।
पूरा लेख पढ़ें: आईआईटी कानपुर का 'ग्रेटर दैन अस' अभियान शुरू, लक्ष्य 1 अरब डॉलर
अभ्यास प्रश्न
आईआईटी कानपुर के 'ग्रेटर दैन अस' अभियान का धन संग्रह लक्ष्य क्या है?
- A.मार्च 2029 तक 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर
- B.मार्च 2029 तक एक अरब अमेरिकी डॉलर
- C.मार्च 2030 तक दो अरब अमेरिकी डॉलर
- D.मार्च 2028 तक 4,155 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
इस अभियान की शुरुआत रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में की और यह किसी भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा चलाया गया अब तक का सबसे बड़ा धन संग्रह अभियान है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र, जिसकी मंजूरी प्रक्रिया पूरी होने के करीब है, किस संस्थान में स्थापित किया जा रहा है?
- A.आईआईटी मद्रास
- B.आईआईटी दिल्ली
- C.आईआईटी कानपुर
- D.आईआईटी बॉम्बे
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रक्षा मंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के सहयोग से आईआईटी कानपुर में राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव ने अच्छी प्रगति की है और उसकी मंजूरी प्रक्रिया पूरी होने के करीब है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय नौसेना की कमान के दौरान सीटीएफ 154 की गतिविधियों से लगभग कितने प्रशिक्षण घंटे तैयार हुए?
- A.4,800 से अधिक
- B.5,800 से अधिक
- C.6,800 से अधिक
- D.7,800 से अधिक
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भारतीय नौसेना के पूरे कार्यकाल में सीटीएफ 154 की गतिविधियों से 7,800 घंटे से अधिक प्रशिक्षण तैयार हुआ और इसमें 39 देशों के कर्मियों ने हिस्सा लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत संयुक्त समुद्री बल का पूर्ण सदस्य किस वर्ष बना?
- A.2020
- B.2021
- C.2022
- D.2023
उत्तर देखें
संयुक्त समुद्री बल के साथ भारत का जुड़ाव दो चरणों में हुआ, पहले वह 2022 में सहयोगी भागीदार के रूप में शामिल हुआ और इसके बाद 2023 में उसने पूर्ण सदस्यता ली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीटीएफ 154 जिस संयुक्त समुद्री बल साझेदारी के लिए काम करता है, उसमें कितने देश शामिल हैं?
- A.27
- B.37
- C.47
- D.57
उत्तर देखें
संयुक्त समुद्री बल 47 देशों की साझेदारी है और इसके भीतर सीटीएफ 154 वही एक कार्य बल है जो पूरी तरह प्रशिक्षण के लिए समर्पित है।
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