एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में किस वर्ष कमीशन हुए थे?
- A.1985
- B.1989
- C.1993
- D.1997
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 1989 है। वे उस वर्ष चौदह जून को भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में कमीशन हुए, अर्थात कमान संभालने से पहले उनका सेवाकाल साढ़े तीन दशक से अधिक रहा। इन वर्षों में उन्होंने कई प्रकार के लड़ाकू विमानों पर तीन हजार दो सौ घंटे से अधिक उड़ान भरी, आक्रमणकारी विमानों के संचालन तथा वायु रक्षा में विशेषज्ञता प्राप्त की और पायलट आक्रमण प्रशिक्षक की योग्यता हासिल की। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि नियुक्ति की घोषणा में इनमें से कोई वर्ष कमीशन के वर्ष के रूप में नहीं दिया गया। परीक्षा के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रश्न अक्सर कमीशन के वर्ष को शाखा और भूमिका के साथ जोड़कर पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: मेहताब सिंह देसवाल पूर्वी वायु कमान के प्रमुख बने
अभ्यास प्रश्न
1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार किसने संभाला?
- A.एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल
- B.एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित
- C.एयर मार्शल परितोष अहमद
- D.एयर मार्शल दिनेश गणवीर
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उन्होंने भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला और इससे पहले वे दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्वी वायु कमान संभालने से तुरंत पहले एयर मार्शल देसवाल किस पद पर थे?
- A.वायुसेना के उप प्रमुख
- B.दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी
- C.पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में वायुसेना अताशे
- D.वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (हथियार प्रणाली)
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पूर्वी वायु कमान का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बनने से ठीक पहले वे इसी पद पर कार्यरत थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के कार्यकाल में कितनी भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और ज्ञापन सौंपे गए?
- A.259 रिपोर्ट और 277 ज्ञापन
- B.359 रिपोर्ट और 377 ज्ञापन
- C.459 रिपोर्ट और 477 ज्ञापन
- D.202 रिपोर्ट और 56 ज्ञापन
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राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-दो के रूप में गनवीर ने बहुविषयक क्षेत्रीय कार्यक्रमों तथा देशव्यापी खनिज अन्वेषण की योजना और निगरानी की, और मंत्रालय इस अवधि का श्रेय 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट तथा 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे जाने के साथ महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में पांच गुना वृद्धि को देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में किसने कार्यभार संभाला है?
- A.दिनेश विट्ठलराव गनवीर
- B.प्रजीत कुमार एम. वी.
- C.चंद्र भूषण कुमार
- D.रमेश कृष्णमूर्ति
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उन्होंने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक का कार्यभार संभाला है, जो खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है। भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खनिज खोज, इंजीनियरिंग भूविज्ञान और संस्थागत नेतृत्व में उनके पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किस केन्द्रीय मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है?
- A.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- B.कोयला मंत्रालय
- C.खान मंत्रालय
- D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को भारत सरकार के खान मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय बताया गया है और नए महानिदेशक ने अपनी प्राथमिकताएं भी इसी दायरे में रखीं: एकीकृत भूवैज्ञानिक अध्ययन, उन्नत खनिज संभाव्यता मानचित्रण तथा नीलामी के लिए तैयार खनिज ब्लॉक तैयार करना।
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