प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पर्वतीय राज्यों में शीतजल मत्स्य अवसंरचना पर कितना निवेश हुआ है?
- A.299 करोड़ रुपये से अधिक
- B.1,299 करोड़ रुपये से अधिक
- C.2,299 करोड़ रुपये से अधिक
- D.3,299 करोड़ रुपये से अधिक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2,299 करोड़ रुपये से अधिक है। यही राशि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पर्वतीय राज्यों में रेसवे, हैचरी, फीड व्यवस्था, शीत भंडार और कटाई-पश्चात अवसंरचना को मजबूत करने पर निवेश की गई है। इसमें से उत्तराखंड को बीते छह वर्षों में 317 करोड़ रुपये मिले, जिनसे 1,638 रेसवे, 10 हैचरी और प्रसंस्करण इकाइयां बनीं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि इनमें अंत के अंक वही रखकर आंकड़ा बदल दिया गया है, और ऐसे प्रश्नों का जाल यही होता है। आंकड़े के साथ बड़ी तस्वीर भी याद रखें: इन राज्यों में 5,600 से अधिक रेसवे, 54 हैचरी, 293 शीत भंडार और 260 फीड मिल मंजूर हुए हैं, जबकि उत्पादकता प्रति रेसवे 250 किलोग्राम ही है, संभावना 1,000 किलोग्राम की है, और बीज उत्पादन 40 लाख की मांग के मुकाबले 15 लाख फिंगरलिंग है।
पूरा लेख पढ़ें: शीतजल मत्स्य पालन: पिथौरागढ़ क्लस्टर की समीक्षा, पीएमएमएसवाई
अभ्यास प्रश्न
केंद्र ने पिथौरागढ़, कुल्लू, अनंतनाग के साथ किस स्थान पर शीतजल मत्स्य क्लस्टर अधिसूचित किया है?
- A.लेह
- B.कारगिल
- C.शिमला
- D.गंगटोक
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चार अधिसूचित शीतजल मत्स्य क्लस्टर हैं: उत्तराखंड का पिथौरागढ़, हिमाचल प्रदेश का कुल्लू, जम्मू-कश्मीर का अनंतनाग और लद्दाख का कारगिल।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीते दशक में छह गुना बढ़कर भारत का वार्षिक ट्राउट उत्पादन लगभग कितना हो गया है?
- A.500 मीट्रिक टन
- B.5,000 मीट्रिक टन
- C.15,000 मीट्रिक टन
- D.50,000 मीट्रिक टन
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भारत में ट्राउट उत्पादन बीते एक दशक में छह गुना बढ़ा है और अब लगभग 5,000 मीट्रिक टन वार्षिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जून 2026 में उत्तराखंड ने ट्राउट का पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात किस देश को किया?
- A.भूटान
- B.बांग्लादेश
- C.नेपाल
- D.श्रीलंका
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उत्तराखंड ने जून 2026 में ट्राउट का अपना पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात किया, जब एक खेप नेपाल भेजी गई। आईसीएआर-डीसीएफआर भीमताल को मुनस्यारी में रेनबो ट्राउट की शुरुआत कराने और इस ऐतिहासिक निर्यात में सहयोग देने दोनों का श्रेय मिला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एग्री वेलफेयर पोर्टल के लिए किसानों का विशेष प्रशिक्षण अभियान किन संस्थानों के माध्यम से चलाया जाएगा?
- A.कृषि विज्ञान केंद्र
- B.प्राथमिक कृषि ऋण समितियां
- C.राज्य कृषि विपणन बोर्ड
- D.सामान्य सेवा केंद्र
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मंत्री ने कहा कि किसानों को पोर्टल और अन्य डिजिटल साधनों के उपयोग में माहिर बनाने के लिए देश के कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिये विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा, और यह भी कि भाषा तथा प्रक्रिया इतनी सरल रखी जाए कि कम पढ़े-लिखे छोटे और सीमांत किसान भी इसे…
पूरी व्याख्या पढ़ें →एग्री वेलफेयर पोर्टल किस मंत्रालय के डीबीआईएम 3.0 और जीआईजीडब्ल्यू 3.0 मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है?
- A.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- C.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- D.सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
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डीबीआईएम और जीआईजीडब्ल्यू के 3.0 संस्करण सरकारी वेबसाइटों की बनावट, सुरक्षा और सुगम्यता से जुड़े मानक हैं, और नया पोर्टल इन्हीं के अनुरूप बनाया गया है।
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