पॉडज़ोलीकरण (पॉडसॉलीकरण) की प्रक्रिया मुख्य रूप से कहां पाई जाती है?
- A.विषुवतीय वन
- B.मानसूनी वन
- C.टैगा वन
- D.भूमध्यसागरीय वन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, टैगा वन। पॉडज़ोलीकरण टैगा के ठंडे और नम शंकुधारी वनों के नीचे होने वाली विशिष्ट मृदा निर्माण प्रक्रिया है।
टैगा में ठंडी सर्दियां अपघटन को धीमा कर देती हैं और चीड़, स्प्रूस तथा फर की सुइयां जमीन पर अम्लीय परत बनाती हैं। इस परत से गुजरने वाला वर्षा और पिघली बर्फ का पानी अम्लीय हो जाता है और ऊपरी मिट्टी से लोहा, एल्यूमिनियम और ह्यूमस बहा ले जाता है, जिससे राख जैसी धूसर परत बचती है। ये पदार्थ नीचे जाकर एक गहरी लाल-भूरी परत में जमा होते हैं। इस प्रकार बनी मिट्टी, पॉडज़ोल, जिसका नाम राख जैसी मिट्टी के रूसी शब्द से आया है, अम्लीय और पोषक तत्वों में कम होती है। ऐसी मिट्टियां उत्तरी रूस, स्कैंडिनेविया और कनाडा के बड़े भाग में मिलती हैं।
A गलत है: गर्म और बहुत आर्द्र विषुवतीय वनों में मुख्यतः लैटेराइटीकरण से लैटेराइट मिट्टी बनती है।
B गलत है: मानसूनी वनों से लैटेराइट, लाल और जलोढ़ मिट्टियां जुड़ी हैं, पॉडज़ोल नहीं।
D गलत है: भूमध्यसागरीय वनों में प्रायः टेरा रोसा जैसी लाल-भूरी मिट्टियां मिलती हैं।
परीक्षा टिप: पॉडज़ोलीकरण, टैगा और अम्लीय निक्षालन; लैटेराइटीकरण, गर्म-आर्द्र उष्ण कटिबंध; कैल्सीकरण, घास के मैदान।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजनांकिकीय संक्रमण मॉडल की निम्नलिखित में से किस अवस्था में मोटे तौर पर जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं?
- A.उच्च स्थिर अवस्था
- B.प्रारंभिक विस्तार अवस्था
- C.उत्तर विस्तार अवस्था
- D.निम्न स्थिर अवस्था
उत्तर देखें
इस अंतिम अवस्था में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों कम होती हैं, इसलिए जनसंख्या बहुत धीरे बढ़ती है या लगभग स्थिर रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के पूर्वी तट पर सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और सुरक्षित बंदरगाह है?
- A.चेन्नई
- B.पारादीप
- C.तूतीकोरिन
- D.विशाखापत्तनम
उत्तर देखें
यह भारत के पूर्वी तट का सबसे गहरा, स्थलरुद्ध और अच्छी तरह सुरक्षित बंदरगाह है। आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम बंदरगाह ज़मीन के भीतर कटे एक प्राकृतिक पोताश्रय में है, जिसे डॉल्फ़िन्स नोज़ नामक अंतरीप बंगाल की खाड़ी की लहरों से बचाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक प्रकार की पवन की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. ये वायुमंडल के ऊपरी स्तरों पर चलती हैं 2. इन पर दो बल लगते हैं, दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल 3. जब ये बल संतुलित हो जाते हैं, तो वायु दाब प्रवणता के समकोण पर, समदाब रेखाओं के समानांतर चलती है दी गई विशेषताओं के आधार पर पवन के प्रकार की पहचान कीजिए :
- A.जेट स्ट्रीम
- B.भूविक्षेपी पवन
- C.पछुआ पवनें
- D.पुरवा पवनें
उत्तर देखें
भूविक्षेपी (जियोस्ट्रॉफ़िक) पवन सतह से काफ़ी ऊपर चलती है, जहां दाब प्रवणता बल और कोरिऑलिस बल संतुलित हो जाते हैं और वायु समदाब रेखाओं के समानांतर बहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी पारगम्य चट्टान है जो अपने भीतर से पानी को गुज़रने देती है?
- A.ग्रेनाइट
- B.चूना पत्थर
- C.क्वार्टज़ाइट
- D.सिल
उत्तर देखें
पानी चूना पत्थर की संधियों और संस्तरण तलों से होकर गुज़रता है और साथ-साथ चट्टान को धीरे-धीरे घोलता जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की निम्नलिखित प्रमुख नदी द्रोणियों में से कौन-सी लंबाई में सबसे छोटी और जलग्रहण क्षेत्र में सबसे कम है?
- A.कावेरी
- B.माही
- C.पेन्नार
- D.साबरमती
उत्तर देखें
चारों में साबरमती सबसे छोटी नदी है और उसकी द्रोणी भी सबसे कम क्षेत्र की है। साबरमती राजस्थान की अरावली पहाड़ियों से निकलती है और गुजरात में अहमदाबाद और गांधीनगर से होकर लगभग 370 km दक्षिण-पश्चिम बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती है।
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