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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

पीसीआर और अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए तीन वित्त वर्षों में राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को कितनी केंद्रीय सहायता जारी की गई?

  1. A.1,423.30 करोड़ रुपये
  2. B.1,234.30 करोड़ रुपये
  3. C.2,423.30 करोड़ रुपये
  4. D.923.30 करोड़ रुपये

सही उत्तर

A. 1,423.30 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर है 1,423.30 करोड़ रुपये। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि दोनों अधिनियमों के लिए चल रही केंद्र प्रायोजित योजना के तहत तीन वित्त वर्षों में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यही राशि जारी की गई। वर्षवार ब्यौरा भी इसी आंकड़े तक पहुंचता है — 2022-23 में 392.71 करोड़, 2023-24 में 535.30 करोड़ और 2024-25 में 495.29 करोड़ रुपये। विकल्प B, C और D में दिए अंक आसपास के हैं और परीक्षक ऐसे विकल्प तब रखता है जब केवल एक कुल राशि सामने आई हो; तीनों गलत हैं। एक अच्छी आदत यह है कि जांच लें कि हिस्से जोड़कर कुल बनता है या नहीं, जो यहां बनता है, इसलिए वर्षवार आंकड़े याद रहने पर कुल राशि निकाली जा सकती है। इस धन से संरक्षण प्रकोष्ठ, विशेष पुलिस थाने, न्यायिक तंत्र, पीड़ितों की राहत और अंतरजातीय विवाह का प्रोत्साहन जैसे काम होते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून पर 1,423.30 करोड़ रुपये जारी

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Q1.राष्ट्रीयमध्यम

एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अपराधों के लिए कितने विशिष्ट विशेष न्यायालय स्थापित किए गए हैं?

  1. A.127
  2. B.171
  3. C.217
  4. D.271
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 217

व्याख्या

सही उत्तर है 217। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की रिपोर्ट के अनुसार 1989 के अधिनियम के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए 15 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में 217 विशिष्ट विशेष न्यायालय स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य शीघ्र सुनवाई और मामलों का तेज निपटारा है। विकल्प A, B और D में वही तीन अंक आगे-पीछे कर दिए गए हैं, जो यह जांचने का आम तरीका है कि आंकड़ा ध्यान से पढ़ा गया है या आधा-अधूरा याद है। व्यवस्था का दूसरा हिस्सा भी देखें — जहां जिले में मामलों की संख्या कम है, वहां अधिनियम संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से सत्र न्यायालय को विशेष न्यायालय घोषित करने की अनुमति देता है। ऐसी अदालतों की जरूरत लंबित मामलों से साफ है, क्योंकि 2024 के अंत में 3,92,006 मामले सुनवाई के इंतजार में थे।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

दिसंबर 2021 में शुरू हुई अत्याचार के विरुद्ध राष्ट्रीय हेल्पलाइन का नाम बाद में क्या रखा गया?

  1. A.समर्थ
  2. B.संबल
  3. C.सहायक
  4. D.संकल्प
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संबल

व्याख्या

सही उत्तर है संबल। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने दिसंबर 2021 में अत्याचार के विरुद्ध राष्ट्रीय हेल्पलाइन शुरू की थी और बाद में इसी सेवा को यह नाम दिया गया। इसके जरिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्य अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करा सकते हैं और फिर उस पर हुई कार्रवाई देख सकते हैं; यह टोल-फ्री नंबर 1800-202-1989 तथा शॉर्ट कोड 14566 पर उपलब्ध है। विकल्प A, C और D ऐसे नाम हैं जो सरकार की दूसरी पहलों से मिलते-जुलते लगते हैं और इसी कारण यहां रखे गए हैं। हेल्पलाइन को उसके मूल अधिनियम के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न नाम देकर अधिनियम भी पूछ सकता है। यह भी देखें कि अंतरजातीय विवाह पर प्रोत्साहन पाने वाले जोड़े 2022-23 के 14,225 से बढ़कर 2024-25 में 26,050 हो गए।

Q3.राष्ट्रीयआसान

शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने नागरिक के स्थान को बताने के लिए कौन सा मंत्र दिया?

  1. A.सबका साथ, सबका विकास
  2. B.नागरिक देवो भव
  3. C.श्रमेव जयते
  4. D.अतिथि देवो भव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागरिक देवो भव

व्याख्या

सही उत्तर है नागरिक देवो भव। प्रधानमंत्री ने इसका अर्थ यह बताया कि देश का नागरिक हमारे लिए किसी देवता से कम नहीं है और नागरिक की सेवा सबसे ऊपर है। उन्होंने पुराने माई-बाप वाले रवैये की जगह यही मंत्र रखा। विकल्प A समावेशी विकास से जुड़ा एक प्रचलित नारा है, मगर यहां दिया गया मंत्र नहीं है। विकल्प C श्रम की गरिमा से जुड़ा है और इसका संदर्भ अलग है। विकल्प D यानी अतिथि देवो भव पर्यटन और आतिथ्य से जुड़ी पंक्ति है और रूप में मिलती-जुलती होने के कारण यही सबसे भ्रमित करने वाला विकल्प है, इसलिए शब्दों को ध्यान से पढ़ें। इसके साथ दो कसौटियां राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम तथा नई कार्य-संस्कृति के तीन सिद्धांत जन-हितैषी, सक्रिय और सुशासन भी याद रखें।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

संघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत किस वर्ष मानी जाती है?

  1. A.1919
  2. B.1926
  3. C.1935
  4. D.1950
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1926

व्याख्या

सही उत्तर है 1926। आयोग की शुरुआत इसी वर्ष औपनिवेशिक शासन के दौर में हुई थी, और प्रधानमंत्री ने उसी शुरुआत की तुलना आज़ादी के बाद की यात्रा से की, जिसमें इस व्यवस्था ने स्वतंत्र देश के सपनों को पूरा करने की दिशा पकड़ी। इसी कारण वर्ष 2026 में इसके सौ वर्ष पूरे हुए। विकल्प A यानी 1919 औपनिवेशिक दौर के दूसरे संवैधानिक बदलावों के लिए याद किया जाता है, इस संस्था की स्थापना से इसका संबंध नहीं है। विकल्प C यानी 1935 भी उस दौर के एक अलग अधिनियम से जुड़ा वर्ष है। विकल्प D यानी 1950 गणराज्य की शुरुआत का वर्ष है और यही सबसे भ्रमित करने वाला विकल्प है, क्योंकि आयोग तब पहले से मौजूद था और उसे केवल आज़ाद देश की जरूरतों के अनुसार नए सिरे से ढाला गया। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रशासनिक ढांचा खड़ा करने का श्रेय दिया।

Q5.राष्ट्रीयआसान

संघ लोक सेवा आयोग का शताब्दी समारोह कहां आयोजित हुआ?

  1. A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  2. B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  3. C.राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
  4. D.यशोभूमि, द्वारका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत मंडपम, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है भारत मंडपम, नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने का समारोह यहीं हुआ और इसमें प्रधानमंत्री के साथ राज्यों के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष भी शामिल हुए। विकल्प A यानी विज्ञान भवन राजधानी का एक जाना-पहचाना सम्मेलन स्थल है, मगर यह आयोजन वहां नहीं हुआ। विकल्प C यानी राष्ट्रपति भवन राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है, जहां अलंकरण और शपथ जैसे समारोह होते हैं, यह कार्यक्रम वहां नहीं था। विकल्प D यानी द्वारका का यशोभूमि भी दिल्ली का एक बड़ा सम्मेलन केंद्र है, पर यहां भी यह समारोह नहीं हुआ। परीक्षा की दृष्टि से भारत मंडपम याद रखना जरूरी है, क्योंकि इसी स्थल पर कई राष्ट्रीय आयोजन होते हैं और प्रश्न अक्सर स्थान पर ही पूछा जाता है। स्थान के साथ यह भी याद रखें कि इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट, विशेष सिक्का और 100 महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों का संकलन जारी किया गया था।