पीएमकेवीवाई में समाहित पीएम-दक्ष किस मंत्रालय की योजना थी?
- A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- B.सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
- C.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- D.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय है। पीएम-दक्ष इसी मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की योजना थी और इसका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग इसे तीन निगमों एनएसएफडीसी, एनबीसीएफडीसी तथा एनएसकेएफडीसी के जरिये चलाता था, जो संस्थानों को प्रशिक्षण लागत लौटाते थे। विकल्प A ध्यान देने लायक जाल है — कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के पास पीएमकेवीवाई है, जिसके पैनल में प्रशिक्षण संस्थान शामिल थे और जिसमें बाद में पीएम-दक्ष मिला दी गई, लेकिन पीएम-दक्ष उसकी योजना नहीं थी। विकल्प C यानी ग्रामीण विकास मंत्रालय अपनी आजीविका योजनाएं चलाता है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D यानी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय रोजगार कार्यालयों और श्रम कल्याण से जुड़ा है। मंत्रालय का सूत्र लक्षित वर्गों से मिलता है — अनुसूचित जाति, ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विमुक्त जनजातियां और सफाई कर्मचारी।
पूरा लेख पढ़ें: पीएम-दक्ष योजना 2024-25 से पीएमकेवीवाई में समाहित
अभ्यास प्रश्न
2020-21 से 2023-24 के बीच पीएम-दक्ष में कितने उम्मीदवारों को प्रशिक्षण मिला?
- A.96,162
- B.1,87,305
- C.2,76,470
- D.3,09,500
उत्तर देखें
2020-21 से 2023-24 तक पीएम-दक्ष में इतने उम्मीदवारों को प्रशिक्षण मिला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएम-दक्ष में संस्थान को कम से कम कितने प्रशिक्षितों को रोजगार दिलाना जरूरी था, वरना तीसरी किस्त जब्त हो जाती थी?
- A.50 प्रतिशत
- B.60 प्रतिशत
- C.70 प्रतिशत
- D.80 प्रतिशत
उत्तर देखें
पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद प्रशिक्षण संस्थान को अपने इतने प्रशिक्षित उम्मीदवारों को नौकरी या स्वरोजगार दिलाना जरूरी था। ऐसा न करने पर तीसरी किस्त, जो प्रशिक्षण लागत के 30 प्रतिशत के बराबर थी, जब्त हो जाती थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएम-दक्ष को 2024-25 से पीएमकेवीवाई में क्यों समाहित किया गया?
- A.इसकी आवंटित राशि समाप्त हो गई थी
- B.स्किल इंडिया डिजिटल हब से लिए गए इसके जॉब रोल पीएमकेवीवाई में भी शामिल थे
- C.तीनों कार्यान्वयन निगम बंद कर दिए गए
- D.इसके लक्षित वर्ग राज्य सरकारों को सौंप दिए गए
उत्तर देखें
पीएम-दक्ष पीएमकेवीवाई के ऊपर एक अतिरिक्त व्यवस्था थी और कौशल प्रशिक्षण के लिए इसके सभी जॉब रोल स्किल इंडिया डिजिटल हब पोर्टल से लिए जाते थे, जहां से पीएमकेवीवाई भी लेती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यह सामाजिक सहायता कार्यक्रम संविधान के किस अनुच्छेद को मूर्त रूप देता है?
- A.अनुच्छेद 21
- B.अनुच्छेद 39
- C.अनुच्छेद 41
- D.अनुच्छेद 47
उत्तर देखें
15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ और अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाने वाला यह कार्यक्रम अनुच्छेद 41 को मूर्त रूप देता है, जो राज्य को बेरोजगारी, वृद्धावस्था, बीमारी और दिव्यांगता की दशा में सार्वजनिक सहायता देने का निर्देश देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित दिव्यांगता पेंशन में पात्रता अब किस दिव्यांगता मानक से तय होती है?
- A.दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता
- B.राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की 80 प्रतिशत गंभीर दिव्यांगता
- C.दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की 50 प्रतिशत दिव्यांगता
- D.राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की 60 प्रतिशत दिव्यांगता
उत्तर देखें
उस अधिनियम की धारा 2(r) बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्ति को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित करती है जिसमें प्रमाणन प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किसी विनिर्दिष्ट दिव्यांगता का 40 प्रतिशत से कम न हो, और 14 अक्टूबर 2026 के मंत्रिमंडल निर्णय ने पेंशन को इसी मानक पर ला दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →