फास्ट ट्रैक विशेष अदालत योजना को जारी रखने के लिए कुल कितना परिव्यय मंजूर किया गया है?
- A.2,353.15 करोड़ रुपये
- B.3,788.04 करोड़ रुपये
- C.1,434.89 करोड़ रुपये
- D.4,788.04 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 3,788.04 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष पॉक्सो अदालतों सहित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की केंद्र प्रायोजित योजना को पांच वर्ष और जारी रखने की मंजूरी इसी कुल परिव्यय के साथ दी है। विकल्प A यानी 2,353.15 करोड़ रुपये केवल केंद्र का हिस्सा है, जो निर्भया कोष से आता है, और विकल्प C यानी 1,434.89 करोड़ रुपये केवल राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों का हिस्सा है। दोनों को जोड़ने पर कुल परिव्यय बनता है, इसलिए ये आंकड़े अधूरे हैं, पूरी तरह गलत नहीं, और इसी कारण भ्रम पैदा करते हैं। विकल्प D मंजूरी में कहीं नहीं आता। योजना की अवधि 01.04.2026 से 31.03.2031 तक है और इसमें 850 अदालतों की व्यवस्था होगी, जबकि अभी 779 काम कर रही हैं। इसे न्याय विभाग राज्य सरकारों के साथ लागू करता है।
पूरा लेख पढ़ें: फास्ट ट्रैक विशेष अदालत योजना पांच वर्ष और बढ़ी, 850 अदालतें
अभ्यास प्रश्न
बढ़ाई गई योजना के तहत कितनी फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की व्यवस्था की गई है?
- A.399
- B.779
- C.850
- D.1,000
उत्तर देखें
बढ़ाई गई योजना में भागीदार राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों में कुल 850 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें चलाने की व्यवस्था है, जो अभी काम कर रही 779 अदालतों से अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फास्ट ट्रैक विशेष अदालत योजना में केंद्र का हिस्सा किस कोष से दिया जाता है?
- A.समेकित ऋण शोधन कोष
- B.निर्भया कोष
- C.राष्ट्रीय निवेश कोष
- D.भारत की आपात निधि
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कुल 3,788.04 करोड़ रुपये के परिव्यय में केंद्र का हिस्सा 2,353.15 करोड़ रुपये निर्भया कोष से दिया जाएगा, जबकि राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्तपोषण प्रारूप के अनुसार 1,434.89 करोड़ रुपये देंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1976
- B.1982
- C.1987
- D.1991
उत्तर देखें
संस्थान की स्थापना उसी वर्ष देश की कृषि विस्तार प्रणाली को सशक्त करने के उद्देश्य से हुई थी और तब से यह विस्तार कर्मियों की क्षमता निर्माण, कृषि विस्तार में नवाचारी तरीकों को बढ़ावा देने तथा कृषि में उद्यमिता के विकास में सहयोग करता आया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मैनेज को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र-कौशल का दर्जा किस मंत्रालय ने दिया?
- A.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- B.शिक्षा मंत्रालय
- C.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
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उसकी सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने नई दिल्ली के कौशल भवन में आयोजित समारोह में मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किया और यह मान्यता तीन वर्ष के लिए मान्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र-कौशल की मान्यता पाने वाला मैनेज संस्थान किस नगर में स्थित है?
- A.पुणे
- B.हैदराबाद
- C.भोपाल
- D.लखनऊ
उत्तर देखें
राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान इसी नगर में है और यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संगठन है, जिसकी स्थापना देश की कृषि विस्तार प्रणाली को सशक्त करने के लिए हुई थी।
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