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GK24
कला और संस्कृतिमध्यम

पाटन की रानी की वाव किस रानी ने बनवाई थी?

  1. A.रूदाबाई
  2. B.उदयमती
  3. C.नाथावती
  4. D.अहिल्याबाई होल्कर

सही उत्तर

B. उदयमती

व्याख्या

सही उत्तर है B, उदयमती। रानी उदयमती ने ग्यारहवीं शताब्दी में गुजरात के सोलंकी या चालुक्य वंश के अपने पति भीमदेव प्रथम की स्मृति में यह बावड़ी बनवाई, इसीलिए इसे उलटे मंदिर के रूप में बना स्मारक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि रूदाबाई या रूदादेवी का नाम 1499 में पूर्ण अडालज की वाव से जुड़ा है। विकल्प C गलत है क्योंकि रानी नाथावती ने 1699 में बूंदी की रानी जी की बावड़ी बनवाई। विकल्प D गलत है क्योंकि इंदौर की अहिल्याबाई होल्कर काशी और गया जैसे तीर्थों में मंदिर, घाट तथा धर्मशालाएं बनवाने के लिए स्मरण की जाती हैं, इस वाव के लिए नहीं। बावड़ियों का बड़ा भाग स्त्रियों ने बनवाया, इसलिए रानी और बावड़ी का मिलान मानक प्रश्न है। इसी वाव को 2014 में यूनेस्को विश्व विरासत सूची में रखा गया और यह सौ रुपये के नोट पर भी अंकित है।

पूरा लेख पढ़ें: भारत की बावड़ियां: वाव, बावड़ी, कुंड और तालाब

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Q1.कला और संस्कृतिआसान

यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल बावड़ी रानी की वाव कहां स्थित है?

  1. A.पाटन, गुजरात
  2. B.अडालज, गुजरात
  3. C.आभानेरी, राजस्थान
  4. D.बूंदी, राजस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पाटन, गुजरात

रानी की वाव सरस्वती नदी के तट पर पाटन में है, जो सोलंकी काल की पुरानी राजधानी अन्हिलवाड़ पाटन थी, और सात तलों की मारू-गुर्जर शैली की मूर्तिकला के कारण इसे 2014 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।

Q2.कला और संस्कृतिमध्यम

भारतीय सौ रुपये के नोट पर कौन-सी बावड़ी अंकित है?

  1. A.चांद बावड़ी
  2. B.रानी की वाव
  3. C.अडालज की वाव
  4. D.अग्रसेन की बावली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रानी की वाव

महात्मा गांधी नई श्रृंखला के सौ रुपये के नोट के पृष्ठ भाग पर पाटन की रानी की वाव का चित्र है, जिसे इसलिए चुना गया कि वह विश्व विरासत स्थल है और भारतीय जल स्थापत्य का प्रतीक है।

Q3.कला और संस्कृतिआसान

लगभग तीन हजार पांच सौ संकरी सीढ़ियों और तेरह मंजिलों के लिए प्रसिद्ध चांद बावड़ी किस राज्य में है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.मध्य प्रदेश
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान

चांद बावड़ी राजस्थान के दौसा जिले में आभानेरी में, हर्षत माता मंदिर के सामने स्थित है और इसका श्रेय लगभग नौवीं शताब्दी के निकुंभ वंशी राजा चांद को दिया जाता है; तेरह मंजिल नीचे उतरती आड़ी-तिरछी सीढ़ियां इसे भारत की सबसे गहरी बावड़ियों में रखती हैं।

Q4.कला और संस्कृतिकठिन

कर्नाटक और दक्कन में मंदिर से जुड़े सीढ़ीदार जलकुंड को क्या कहा जाता है?

  1. A.झालरा
  2. B.खड़ीन
  3. C.कल्याणी या पुष्करणी
  4. D.आहर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कल्याणी या पुष्करणी

कर्नाटक और दक्कन में मंदिर के पास धार्मिक स्नान के लिए बने सीढ़ीदार कुंड को कल्याणी या पुष्करणी कहा जाता है, और जोड़कर रखे पत्थर के खंडों से बना हम्पी का सीढ़ीदार कुंड इसका सर्वाधिक प्रसिद्ध उदाहरण है।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

चट्टान काटकर बनाए जलाशयों की श्रृंखला तथा मौसमी नालों पर बांधों के लिए कौन-सा हड़प्पा स्थल प्रसिद्ध है?

  1. A.मोहनजोदड़ो
  2. B.धोलावीरा
  3. C.लोथल
  4. D.कालीबंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. धोलावीरा

कच्छ के रण में खादिर द्वीप पर स्थित धोलावीरा के पास कोई बारहमासी नदी नहीं थी, इसलिए उसके निर्माताओं ने मनहर और मनसर नालों पर बांध बनाए और परकोटे वाले नगर के भीतर बड़े जलाशयों की श्रृंखला काटी, जो हड़प्पा सभ्यता की ज्ञात सर्वाधिक विकसित जल अभियांत्रिकी है।