पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के अनुसार 2026-27 के लिए राज्य का रेल बजट आवंटन कितना है?
- A.4,380 करोड़ रुपये
- B.7,500 करोड़ रुपये
- C.14,205 करोड़ रुपये
- D.75,000 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 14,205 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 2009 से 2014 के वर्षों में पश्चिम बंगाल का वार्षिक औसत रेल आवंटन 4,380 करोड़ रुपये था, जो अब विकल्प C में दी गई राशि तक पहुंच गया है। उन्होंने जोड़ा कि यह बड़ा निवेश राज्य में रेल अवसंरचना के विकास और संपर्क में सुधार में सहायक होगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह पश्चिम बंगाल का पुराना वार्षिक औसत है, वर्तमान आवंटन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह आंकड़ा झारखंड का रेल आवंटन है, जो 450 करोड़ रुपये से बढ़ा है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि वह झारखंड में चल रही रेल परियोजनाओं का अनुमानित मूल्य है, पश्चिम बंगाल का वार्षिक आवंटन नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: जयपुर-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी
अभ्यास प्रश्न
26 अक्टूबर 2026 को रवाना हुई नई एक्सप्रेस ट्रेन जयपुर (खातीपुरा), टाटानगर और किस स्टेशन के बीच चलेगी?
- A.हावड़ा
- B.सांतरागाछी
- C.खड़गपुर
- D.जलपाईगुड़ी रोड
उत्तर देखें
इस सेवा का नाम जयपुर (खातीपुरा)-टाटानगर-सांतरागाछी एक्सप्रेस है और इसे केंद्रीय रेल मंत्री, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे, तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के कितने स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है?
- A.47
- B.52
- C.57
- D.67
उत्तर देखें
नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाते समय रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत झारखंड के इतने स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है और उनमें से गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर तथा मुरी सहित कई स्टेशनों पर कार्य पूरा हो चुका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी शुरुआती वैधता और प्रवेश शुल्क सुझाया है?
- A.10 वर्ष वैधता और 10 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- B.20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- C.15 वर्ष वैधता और 5 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
- D.असीमित वैधता और कोई शुल्क नहीं
उत्तर देखें
इसके साथ नियामक ने 10,000 रुपये का आवेदन प्रसंस्करण शुल्क, राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र तथा कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा न होने का सुझाव दिया है, जिससे यह व्यवस्था हल्की बनती है और ऐसी सेवा के अनुकूल है जिसे बहुत कम भौतिक ढांचे की जरूरत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ट्राई ने एएलटीडी सेवा को टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी किस कानून के तहत बनाने की सिफारिश की है?
- A.ट्राई अधिनियम, 1997
- B.केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
- C.दूरसंचार अधिनियम, 2023
- D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
उत्तर देखें
ट्राई की सिफारिश है कि एएलटीडी सेवा को इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत बने प्रसारण प्राधिकरण ढांचे में टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाया जाए और विस्तृत शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में अधिसूचित हों।
पूरी व्याख्या पढ़ें →26 अक्टूबर 2026 को जारी ट्राई की सिफारिशों में एएलटीडी का पूरा रूप क्या है?
- A.उन्नत रैखिक टेलीविजन प्रसार
- B.ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण
- C.दर्शक संबद्ध टेलीविजन आंकड़े
- D.संबोधनीय स्थानीय टेलीविजन वितरण
उत्तर देखें
ट्राई ने यही नाम चुना, क्योंकि जिन सेवाओं की उसने जांच की वे निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क से ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस के जरिए दर्शकों तक पहुंचाती हैं, चाहे ऐप टेलीविजन सेट में पहले से मौजूद हो…
पूरी व्याख्या पढ़ें →