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GK24
पर्यावरणमध्यम

पर्यावरण मंत्रालय की स्टार्टअप्स के साथ यह बातचीत किस अभियान विषयवस्तु के अंतर्गत हुई?

  1. A.साफ हवा में हिस्सेदारी, हम सभी की है जिम्मेदारी
  2. B.स्वच्छ वायु, स्वस्थ जीवन
  3. C.मेरा शहर, मेरी हवा
  4. D.हवा बदलो, देश बदलो

सही उत्तर

A. साफ हवा में हिस्सेदारी, हम सभी की है जिम्मेदारी

व्याख्या

सही उत्तर साफ हवा में हिस्सेदारी, हम सभी की है जिम्मेदारी है। 17 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और स्टार्टअप्स के बीच हुई बातचीत इसी अभियान विषयवस्तु के तहत चल रही हितधारक बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी, जो स्वच्छ हवा की जिम्मेदारी हर नागरिक पर डालती है। शेष तीन नारे इस अभियान के नाम नहीं हैं। बैठक का लक्ष्य नवाचारी तकनीकों को ऐसे व्यावहारिक, तैनाती योग्य और सस्ते समाधानों में बदलना था जो स्रोत पर और वास्तविक समय में मापने योग्य असर दिखा सकें, और इसे जन भागीदारी की भावना से आयोजित बताया गया, जिससे सरकार, तकनीकी नवप्रवर्तक तथा जमीनी कार्यान्वयन एक साथ आ सकें। श्री भूपेंद्र यादव ने वायु प्रदूषण प्रबंधन के नौ प्रमुख क्षेत्रों की समस्याएँ रखीं और कहा कि यह प्रयास ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान, स्वच्छ ईंधन, विद्युत गतिशीलता तथा मजबूत वायु गुणवत्ता निगरानी जैसे पहले से चल रहे उपायों का पूरक होगा।

पूरा लेख पढ़ें: वायु प्रदूषण: भूपेंद्र यादव की स्टार्टअप्स से चर्चा

Q1.पर्यावरणआसान

17 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण के सस्ते और व्यापक समाधानों पर स्टार्टअप्स से बातचीत किसने की?

  1. A.श्री कीर्ति वर्धन सिंह
  2. B.श्री भूपेंद्र यादव
  3. C.सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा
  4. D.सीएक्यूएम के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्री भूपेंद्र यादव

उन्होंने वायु प्रदूषण कम करने पर काम कर रहे स्टार्टअप्स तथा नवाचार कंपनियों से बातचीत की और स्वयं नौ प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएँ उनके सामने रखीं।

Q2.पर्यावरणमध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नवप्रवर्तकों के सामने वायु प्रदूषण प्रबंधन के कितने प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएँ रखीं?

  1. A.5
  2. B.7
  3. C.9
  4. D.12
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 9

श्री भूपेंद्र यादव ने वायु प्रदूषण प्रबंधन के नौ प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी विशिष्ट समस्याएँ रखीं और नवप्रवर्तकों से चर्चा की कि उनकी तकनीकों को इन सभी के लिए कैसे ढाला, बड़े पैमाने पर फैलाया और जमीन पर उतारा जा सकता है।

Q3.पर्यावरणकठिन

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के अनुसार औद्योगिक उत्सर्जन में गड़बड़ी पकड़ने के लिए क्या आवश्यक है?

  1. A.ओसीईएमएस आँकड़ों को संयंत्र के संचालन आँकड़ों से जोड़ना
  2. B.पीयूसी प्रमाणपत्र का शुल्क बढ़ाना
  3. C.दिल्ली-एनसीआर में डीजल जनरेटर पूरी तरह बंद करना
  4. D.हर औद्योगिक इकाई का साप्ताहिक मानवीय निरीक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ओसीईएमएस आँकड़ों को संयंत्र के संचालन आँकड़ों से जोड़ना

तकनीक आधारित प्रवर्तन पर बल देते हुए श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली की रीडिंग को इस आँकड़े से जोड़ना आवश्यक है कि संयंत्र वास्तव में कैसे चलाया जा रहा है, तभी गड़बड़ी पकड़ी जा सकेगी, और इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Q4.पर्यावरणमध्यम

सीएक्यूएम की समीक्षा में पराली जलाने की निगरानी के लिए किन दो तकनीकों पर बल दिया गया?

  1. A.उपग्रह और भूमि रडार
  2. B.ड्रोन और कम लागत वाले सेंसर
  3. C.मौसम गुब्बारे और लिडार
  4. D.चल प्रयोगशालाएं और स्मॉग टावर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ड्रोन और कम लागत वाले सेंसर

समीक्षा में इनकी तैनाती पर चर्चा हुई ताकि तकनीक आधारित निगरानी हो सके और खेतों में आग की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया जा सके।

Q5.पर्यावरणआसान

समीक्षा में चर्चा में आई सीआरएम मशीनों का पूरा नाम क्या है?

  1. A.फसल चक्र प्रबंधन मशीनें
  2. B.फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें
  3. C.जलवायु जोखिम न्यूनीकरण मशीनें
  4. D.केंद्रीय ग्रामीण मशीनीकरण उपकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें

ये वही मशीनें हैं जो कटाई के बाद खेत में बची पराली को संभालती हैं, और आयोग ने दोनों जिलों में इनकी उपलब्धता तथा वास्तविक तैनाती दोनों की समीक्षा की।