परमाणु क्रमांक 35 वाले तत्व के लिए, बोर के परमाणु मॉडल के आधार पर उसके संयोजकता कोश में इलेक्ट्रॉनों की सही संख्या निम्नलिखित में से कौन-सी होगी?
- A.1
- B.3
- C.5
- D.7
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 7। परमाणु क्रमांक 35 वाला तत्व ब्रोमीन है, जिसके 35 इलेक्ट्रॉन 2, 8, 18, 7 के क्रम में होते हैं, यानी बाहरी कोश में सात इलेक्ट्रॉन बचते हैं।
बोर मॉडल में K, L, M और N कोशों में अधिकतम 2, 8, 18 और 32 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। क्रम से भरने पर 35 इलेक्ट्रॉनों में से 2 K में, 8 L में, 18 M में और बचे हुए 7 N कोश में जाते हैं। सात संयोजी इलेक्ट्रॉनों के कारण ब्रोमीन समूह 17, यानी हैलोजन, में फ्लोरीन, क्लोरीन और आयोडीन के साथ आता है। अष्टक पूरा करने के लिए इसे केवल एक इलेक्ट्रॉन चाहिए, इसलिए यह आसानी से ब्रोमाइड आयन, Br⁻, बनाता है। यह कमरे के ताप पर द्रव रहने वाली एकमात्र अधातु है।
A गलत है, क्योंकि एक संयोजी इलेक्ट्रॉन पोटैशियम (परमाणु क्रमांक 19) जैसी क्षार धातुओं में होता है।
B गलत है, क्योंकि तीन संयोजी इलेक्ट्रॉन समूह 13 के तत्वों, जैसे एल्युमिनियम और गैलियम (31), में होते हैं।
C गलत है, क्योंकि पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन समूह 15 के तत्वों, जैसे आर्सेनिक (33), में होते हैं।
Exam tip: परमाणु क्रमांक 35 = ब्रोमीन, विन्यास 2, 8, 18, 7, एक हैलोजन और द्रव अधातु।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक कप में स्थिर पड़े तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. तरल के सभी बिंदुओं पर दाब समान होता है 2. दीवारों पर दाब लगता है। 3. तरल में हर जगह दाब होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
स्थिर तरल दीवारों पर दाब डालता है और उसके हर बिंदु पर दाब होता है, पर यह दाब सभी गहराइयों पर बराबर नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परम शून्य ताप 0 केल्विन है। °C मात्रक में निम्नलिखित में से कौन-सा परम शून्य ताप है?
- A.0 °C
- B.-100 °C
- C.-273.15 °C
- D.-173.15 °C
उत्तर देखें
केल्विन पैमाने का शून्य जल के हिमांक से 273.15 डिग्री नीचे होता है। केल्विन और सेल्सियस पैमानों में एक डिग्री का मान बराबर होता है, इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डाइनाइट्रोजन (N₂) और डाइऑक्सीजन (O₂) वायु के मुख्य घटक हैं, फिर भी वे आपस में अभिक्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड नहीं बनाते, क्योंकि
- A.अभिक्रिया को आरंभ करने के लिए उत्प्रेरक चाहिए
- B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड अस्थायी होते हैं
- C.अभिक्रिया ऊष्माशोषी है और इसके लिए बहुत ऊंचा ताप चाहिए
- D.वायु में N₂ और O₂ का स्टॉइकियोमीट्री अनुपात इस अभिक्रिया के लिए आदर्श नहीं है
उत्तर देखें
नाइट्रोजन और ऑक्सीजन तभी मिलते हैं जब बहुत अधिक ऊर्जा दी जाए। नाइट्रोजन अणु बहुत मजबूत त्रिबंध से बंधा होता है, इसलिए उसे तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अभिक्रिया N₂ + O₂ → 2NO ऊष्मा अवशोषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किसका उदाहरण है?
- A.प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
- B.विलोपन अभिक्रिया।
- C.योगात्मक अभिक्रिया।
- D.मुक्त-मूलक बहुलकीकरण।
उत्तर देखें
तेल के कार्बन–कार्बन द्विबंधों पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं: उनकी वसीय अम्ल श्रृंखलाओं में C=C द्विबंध होते हैं, जिनके कारण वे द्रव रहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक धनात्मक आवेश ऐसे स्थान में दक्षिण की ओर गतिमान है जहां चुंबकीय क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर है। गतिमान आवेश अनुभव करेगा :
- A.उत्तर दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- B.पूर्व दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- C.पश्चिम दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- D.कोई विक्षेपक बल नहीं।
उत्तर देखें
आवेश ठीक क्षेत्र की उल्टी दिशा में चल रहा है, और चुंबकीय क्षेत्र अपनी रेखा पर चलते आवेश पर कोई बल नहीं लगाता।
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