पंचायत भूमि पर ईवी चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने किस संस्था से समझौता किया?
- A.एनटीपीसी लिमिटेड
- B.कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड
- C.इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड
- D.ग्रामीण विद्युतीकरण निगम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड यानी CESL है, जो विद्युत मंत्रालय के अधीन एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी है। इस समझौते से राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में पंचायत की भूमि पर, तथा राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के उपयुक्त स्थलों पर भी, दो, तीन और चार पहिया तथा मध्यम और भारी वाहनों के लिए चार्जिंग तथा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बन सकेंगे। स्थल चुनने और निगरानी में मंत्रालय राज्यों के पंचायती राज विभागों से समन्वय करेगा, जबकि आकलन, मांग एकत्रीकरण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, चालू करना तथा संचालन और रखरखाव CESL देखेगी। शेष विकल्पों में बिजली और पेट्रोलियम क्षेत्र के जाने-माने सार्वजनिक उपक्रमों के नाम हैं, पर इस समझौते में वे पक्ष नहीं थे। उद्देश्य दो हैं — पंचायतों के लिए स्वयं के स्रोत से राजस्व और गाँवों तक स्वच्छ परिवहन की सुविधा।
पूरा लेख पढ़ें: आत्मनिर्भर पंचायत पर कार्यशाला, CESL से समझौता हुआ
अभ्यास प्रश्न
पंचायती राज मंत्रालय वर्ष 2018 से जन योजना अभियान किस विषयवस्तु पर चला रहा है?
- A.सबका साथ, सबका विकास
- B.सबकी योजना, सबका विकास
- C.मेरा गाँव, मेरा गौरव
- D.गाँव चलो, योजना बनाओ
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कार्यशाला में मंत्रालय के सचिव ने बताया कि वर्ष 2018 से यह अभियान इसी विषयवस्तु पर चलाया जा रहा है और अब यह ग्राम, ब्लॉक तथा जिला पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण तथा योजनाओं और संसाधनों के अभिसरण का मजबूत ढाँचा बन गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोलहवें वित्त आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कितने अनुदान की सिफारिश की है?
- A.2,36,805 करोड़ रुपये
- B.3,80,000 करोड़ रुपये
- C.4,35,236 करोड़ रुपये
- D.5,12,400 करोड़ रुपये
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मंत्रालय के सचिव ने कार्यशाला में बताया कि सोलहवें वित्त आयोग ने अपनी अवधि 2026-31 के लिए सभी 28 राज्यों की विधिवत गठित पंचायती राज संस्थाओं तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कुल इतनी राशि के अनुदान की सिफारिश की है, और इतनी बड़ी राशि के कारण धन के सर्वोत्तम…
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्यशाला में गाँवों के विकेंद्रीकृत नियोजन का आधार बताई गई, मंत्रिमंडल से मंजूर योजना कौन सी है?
- A.प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना
- B.प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
- C.राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
- D.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
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केंद्रीय मंत्री ने मंत्रिमंडल द्वारा इसकी मंजूरी को ऐतिहासिक निर्णय और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ी अगली पीढ़ी की शासन पहल बताया, तथा सचिव ने कहा कि यह निर्णय विकेंद्रीकृत और प्रमाण आधारित नियोजन का मजबूत आधार देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मिजोरम में पीएमजीएसवाई-IV के तहत नई सड़क परियोजनाओं को किस केंद्रीय मंत्रालय ने मंजूरी दी?
- A.सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
- B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- C.पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
- D.पंचायती राज मंत्रालय
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सही उत्तर ग्रामीण विकास मंत्रालय है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को चलाता है और जिसने योजना के चौथे चरण के तहत मिजोरम का प्रस्ताव स्वीकृत किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नई पीएमजीएसवाई-IV मंजूरी से मिजोरम की कितनी बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क मिलेगा?
- A.28
- B.38
- C.48
- D.58
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मिजोरम के लिए स्वीकृत 45 सड़क कार्यों, जिनकी कुल लंबाई 509.54 किलोमीटर है, का उद्देश्य उन 48 बसावटों तक बारहमासी सड़क संपर्क पहुंचाना है जिन्हें अब तक ऐसी सुविधा नहीं मिली थी।
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