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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

पब्लिक फर्स्ट और गूगल की जेन मीडिया इंडिया रिपोर्ट के अनुसार जनरेटिव मीडिया साधन भारत के सर्जनात्मक कर्मियों की उत्पादकता कितनी बढ़ाते हैं?

  1. A.10 प्रतिशत
  2. B.15 प्रतिशत
  3. C.20 प्रतिशत
  4. D.35 प्रतिशत

सही उत्तर

C. 20 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 20 प्रतिशत है। पब्लिक फर्स्ट और गूगल की तैयार जेन मीडिया इंडिया रिपोर्ट में पाया गया कि जनरेटिव मीडिया साधन भारत के सर्जनात्मक कर्मियों की उत्पादकता में इसी अनुपात में बढ़त देते हैं, जिसका अर्थ है हर वर्ष लगभग 390 घंटे की बचत, यानी लेखन, दुनिया रचने और कला निखारने के लिए करीब दस पूरे सप्ताह वापस मिलना। इसका तर्क यह है कि जनरेटिव साधन निर्माण की अड़चनें हटाते हैं, रचनाकार की जगह नहीं लेते। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि अध्ययन में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं बताया गया है; बढ़त कार्यसमय के पांचवें हिस्से के बराबर है। अभ्यर्थी प्रतिशत और बचे घंटों को जोड़ी के रूप में याद रखें तथा रिपोर्ट तैयार करने वाली दोनों संस्थाओं के नाम भी याद रखें, क्योंकि प्रश्न किसी भी आंकड़े पर बन सकता है और रिपोर्ट का नाम भी पूछा जा सकता है।

पूरा लेख पढ़ें: आईआईसीटी और यूट्यूब ने पहली चार एआई फिल्में जारी कीं

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

क्रिएट विद एआई कार्यक्रम यूट्यूब और किस संस्थान की साझेदारी है?

  1. A.भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान
  2. B.भारतीय सर्जनशील प्रौद्योगिकी संस्थान
  3. C.सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान
  4. D.राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय सर्जनशील प्रौद्योगिकी संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय सर्जनशील प्रौद्योगिकी संस्थान है। क्रिएट विद एआई कार्यक्रम की घोषणा नवंबर 2025 में आईआईसीटी और यूट्यूब ने मिलकर की थी, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनने वाली सर्जनात्मक परियोजनाओं को सहारा देना और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की क्षमता बढ़ाना है। इसी कार्यक्रम की पहली चार एआई आधारित लघु फिल्में मुंबई के आईआईसीटी थिएटर में जारी हुईं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान अलग प्रशिक्षण संस्थान है और इस कार्यक्रम में साझेदार नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोलकाता के उस संस्थान की यहां कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंच प्रशिक्षण का काम करता है। आईआईसीटी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता यानी एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र का भारत का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र है, और इसी क्षेत्र से यह कार्यक्रम जुड़ा है। परीक्षा के लिए संस्थान का पूरा नाम और उसके साझेदार याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एआई आधारित फिल्म चेकावर किस लड़ाई की पृष्ठभूमि पर आधारित है?

  1. A.कोलाचेल की लड़ाई, 1741
  2. B.प्लासी की लड़ाई, 1757
  3. C.तालीकोटा की लड़ाई, 1565
  4. D.वांडीवाश की लड़ाई, 1760
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कोलाचेल की लड़ाई, 1741

व्याख्या

सही उत्तर कोलाचेल की लड़ाई, 1741 है। एवियम स्टूडियोज की बनाई फिल्म चेकावर उसी ऐतिहासिक लड़ाई की पृष्ठभूमि पर रची गई काल्पनिक कथा है और इसमें उस दौर की भूमि, लोगों, शौर्य तथा युद्धकला की परंपराओं से प्रेरणा ली गई है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्लासी की लड़ाई भारतीय इतिहास का प्रसिद्ध मोड़ होने के बावजूद इस फिल्म की पृष्ठभूमि नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि तालीकोटा की लड़ाई दक्षिण भारत के बहुत पहले के दौर से जुड़ी है और यहां उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वांडीवाश की लड़ाई का भी इस फिल्म से कोई संबंध नहीं है। उसी दिन जारी बाकी तीन फिल्मों के नाम चाणक्य, देवी और लायका हैं, जिन्हें उनके स्टूडियो के साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि फिल्म और निर्माता स्टूडियो का मिलान पूछा जा सकता है। चारों फिल्मों के विषय इतिहास, पौराणिक कथा, मानवीय भावना और अंतरिक्ष खोज तक फैले हुए हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

टीटीटी-डीएचटीडी किन संस्थानों के शोधकर्ताओं ने विकसित किया?

  1. A.आईआईटी मद्रास, आईआईएससी बेंगलुरु और सीएसआईआर-एनसीएल पुणे
  2. B.एस. एन. बोस राष्ट्रीय मौलिक विज्ञान केंद्र, नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान तथा एसआरएम विश्वविद्यालय अमरावती
  3. C.टीआईएफआर मुंबई, आईआईएसईआर पुणे और बार्क
  4. D.आईआईटी कानपुर, जेएनसीएएसआर और एआरसीआई हैदराबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एस. एन. बोस राष्ट्रीय मौलिक विज्ञान केंद्र, नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान तथा एसआरएम विश्वविद्यालय अमरावती

व्याख्या

सही उत्तर एस. एन. बोस राष्ट्रीय मौलिक विज्ञान केंद्र कोलकाता, नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान मोहाली तथा एसआरएम विश्वविद्यालय अमरावती है। इनमें पहले दो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संस्थान हैं और दल का नेतृत्व क्रमशः डॉ. प्रदीप पचफुले, प्रो. रमेंद्र सुंदर डे तथा प्रो. रंजीत थापा ने किया, जबकि निष्कर्ष साइंस एडवांसेज पत्रिका में प्रकाशित हुए। विकल्प A, C और D में भारत के प्रसिद्ध शोध संस्थानों, अभियांत्रिकी संस्थानों तथा राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के नाम हैं, परंतु इस विशेष पदार्थ का श्रेय इनमें से किसी समूह को नहीं है। ध्यान रखें कि ऐसी घोषणाओं पर प्रश्न प्रायः प्रमुख संस्थान, मूल विभाग या पत्रिका के बारे में पूछे जाते हैं, इसलिए तीनों याद रखना उचित है: मूल विभाग के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, संस्थानों के स्थान कोलकाता और मोहाली, तथा पत्रिका साइंस एडवांसेज।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

प्रयोगशाला परीक्षण में टीटीटी-डीएचटीडी ने कितने घंटे लगातार संचालन के बाद भी अपना प्रदर्शन बनाए रखा?

  1. A.48 घंटे
  2. B.72 घंटे
  3. C.120 घंटे
  4. D.240 घंटे
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 120 घंटे

व्याख्या

सही उत्तर 120 घंटे है। परीक्षणों में देखा गया कि इतनी लंबी अवधि तक लगातार चलने के बाद भी पदार्थ का प्रदर्शन बना रहा और धातु आधारित उत्प्रेरकों में सामान्यतः होने वाला क्षरण या संदूषण नहीं हुआ। यह टिकाऊपन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सक्रियता का आंकड़ा, क्योंकि जो उत्प्रेरक कुछ समय शानदार काम करके क्षीण हो जाए वह परिवहन या नवीकरणीय बिजली के भंडारण वाली बैटरी में व्यावहारिक रूप से उपयोगी नहीं रहता। विकल्प A और B में परीक्षण अवधि कम बताई गई है, जबकि विकल्प D में यह बहुत अधिक बढ़ाकर दी गई है। परीक्षार्थी इस आंकड़े को उसी अध्ययन के दूसरे प्रमुख आंकड़े के साथ जोड़कर याद रखें, अर्थात व्यावसायिक प्लैटिनम उत्प्रेरकों के प्रदर्शन का लगभग छियानबे प्रतिशत, और यह भी कि अनुकरण में इसका कारण आणविक संरचना के वे स्थान बताए गए जहां ऑक्सीजन सहजता से जुड़ती है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नया धातु-मुक्त उत्प्रेरक टीटीटी-डीएचटीडी स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों में प्रयुक्त किस महंगी धातु का विकल्प बनने के लिए विकसित किया गया है?

  1. A.पैलेडियम
  2. B.प्लैटिनम
  3. C.इरिडियम
  4. D.रुथेनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्लैटिनम

व्याख्या

सही उत्तर प्लैटिनम है। अनेक स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियां, विशेष रूप से हाइड्रोजन ईंधन सेल, ऑक्सीजन अपचयन अभिक्रिया को तेज करने के लिए प्लैटिनम पर निर्भर रहती हैं, और चूंकि यह उपलब्ध सबसे दुर्लभ तथा महंगी धातुओं में से एक है, इसकी कीमत और सीमित आपूर्ति बड़े पैमाने पर उपयोग में बाधा बनती है। नए कार्बनिक पदार्थ ने किसी बहुमूल्य धातु के बिना व्यावसायिक प्लैटिनम उत्प्रेरकों के प्रदर्शन का लगभग छियानबे प्रतिशत प्राप्त किया, इसी कारण यह शोध जिंक-एयर सेल की लागत के लिए महत्वपूर्ण है। विकल्प A, C और D में पैलेडियम, इरिडियम और रुथेनियम हैं, जो विभिन्न उत्प्रेरकीय कार्यों में प्रयुक्त महंगी धातुएं हैं, परंतु इस अध्ययन में मानक और अड़चन के रूप में इनमें से कोई नहीं बताई गई। परीक्षार्थी इस पदार्थ को प्लैटिनम, ऑक्सीजन अपचयन अभिक्रिया और जिंक-एयर बैटरी तीनों से जोड़कर याद रखें।