मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
अंतरराष्ट्रीयआसान

निवेश पर भारत-यूएई उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक किस शहर में हुई?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.अबू धाबी
  3. C.मुंबई
  4. D.दुबई

सही उत्तर

C. मुंबई

व्याख्या

सही उत्तर मुंबई है, जहां इस कार्यबल की चौदहवीं बैठक हुई और जिसकी सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक ने की। नई दिल्ली विकल्प गलत है, क्योंकि यद्यपि वहां अनेक द्विपक्षीय बैठकें होती हैं, यह दौर देश की वित्तीय राजधानी में रखा गया, जो निवेश से जुड़े मंच के लिए स्वाभाविक स्थान है। अबू धाबी विकल्प गलत है, क्योंकि वह उस निवेश प्राधिकरण का मुख्यालय है जिसके प्रबंध निदेशक सह-अध्यक्ष थे, बैठक का स्थल नहीं। दुबई विकल्प भी गलत है, क्योंकि यूएई की भागीदारी सह-अध्यक्ष और अधिकारियों के जरिये रही, जबकि बैठक भारत में हुई, जहां गुजरात की फूड पार्क परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में व्यापार और निवेश की प्राथमिकताओं के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार हुआ, जिनमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल हैं। दोनों पक्षों ने केंद्रीय बैंकों की स्थानीय मुद्रा में निपटान से जुड़ी प्रगति की भी समीक्षा की।

पूरा लेख पढ़ें: भारत-यूएई निवेश संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक मुंबई में हुई

Read in English
Q1.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत और यूएई 2032 तक कितने द्विपक्षीय व्यापार के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं?

  1. A.100 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.150 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.200 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.250 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 200 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 200 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार के लिए साझा लक्ष्य के रूप में तय किया है। सौ अरब डॉलर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि व्यापार इस स्तर को पहले ही पार कर चुका है और वित्त वर्ष 2025-26 में यह 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, इसलिए उतना लक्ष्य निरर्थक होगा। डेढ़ सौ अरब डॉलर वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि ऐसा कोई बीच का लक्ष्य बैठक में घोषित नहीं हुआ। ढाई सौ अरब डॉलर वाला विकल्प भी सही नहीं है, क्योंकि वह तय आंकड़े से अधिक है। गैर-तेल व्यापार एक अलग माप है, जो 2025 में 76.2 अरब डॉलर रहा। इस वृद्धि का श्रेय व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते, द्विपक्षीय निवेश संधि तथा कराधान और पारस्परिक विधिक सहायता से जुड़े समझौतों को दिया गया। दोनों पक्षों ने समझौते की उपसमितियों के कामकाज की समीक्षा भी की और कठिन वैश्विक परिस्थितियों में व्यापार को अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।

Q2.अंतरराष्ट्रीयकठिन

बैठक में दर्ज 11.5 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश का इरादा किस राज्य के एकीकृत एल्युमिनियम परिसर से जुड़ा है?

  1. A.गुजरात
  2. B.ओडिशा
  3. C.झारखंड
  4. D.छत्तीसगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर ओडिशा है, जहां एकीकृत एल्युमिनियम परिसर के लिए 11.5 अरब डॉलर के संयुक्त निवेश का इरादा दर्ज किया गया। गुजरात विकल्प गलत है, हालांकि यह राज्य बैठक में दो अन्य रूपों में आया: वहां फूड पार्क परियोजना की समीक्षा हुई और धोलेरा में विमानन एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र की संभावना पर बात हुई, साथ ही मशरेक बैंक, फर्स्ट अबू धाबी बैंक और अबू धाबी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने गिफ्ट सिटी में कार्यालय खोले हैं। झारखंड विकल्प गलत है, क्योंकि उस राज्य की कोई परियोजना समीक्षा में शामिल नहीं थी। छत्तीसगढ़ विकल्प भी इसी कारण सही नहीं है। बैठक में यह भी बताया गया कि दोनों देशों के केंद्रीय बैंक स्थानीय मुद्रा में निपटान, भुगतान एवं संदेश प्रणालियों को जोड़ने तथा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा अबू धाबी और भारत के बीच नागरिक उड्डयन संपर्क बढ़ाने तथा ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अंतरिक्ष और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार हुआ।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

बैठक में बताए अनुसार कोविड-19 के दौरान भारत ने कितनी टीका खुराकें उपलब्ध कराई थीं?

  1. A.लगभग 60 देशों को 15 करोड़ खुराकें
  2. B.लगभग 100 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं को 30 करोड़ खुराकें
  3. C.लगभग 120 देशों को 50 करोड़ खुराकें
  4. D.लगभग 90 देशों को 70 करोड़ खुराकें
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लगभग 100 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं को 30 करोड़ खुराकें

व्याख्या

सही उत्तर है लगभग 100 देशों और दो संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं को 30 करोड़ खुराकें। भारत ने इस आपूर्ति के साथ 150 से अधिक देशों को दी गई चिकित्सा सहायता का भी उल्लेख किया और इसे एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के सिद्धांत तथा ग्लोबल साउथ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। विकल्प क खुराकों की संख्या को आधा कर देता है और प्राप्तकर्ता देशों की सूची भी छोटी कर देता है। विकल्प ग और विकल्प घ आपूर्ति को बैठक में कही गई बात से कहीं अधिक बढ़ा देते हैं। परीक्षा में यह आंकड़ा जोड़े के रूप में पूछा जाता है, इसलिए खुराकों की संख्या और देशों की संख्या साथ-साथ याद रखें तथा दो संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं वाला अंश भी न भूलें।

Q4.अंतरराष्ट्रीयआसान

महामारी पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?

  1. A.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
  2. B.केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव
  3. C.संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि
  4. D.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव

व्याख्या

सही उत्तर है केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, जिन्होंने 25 सितंबर को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत का पक्ष रखा और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता दोहराई। विकल्प क गलत है, क्योंकि यह वक्तव्य मंत्रालय की शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ने दिया, न कि मंत्री ने। विकल्प ग उस राजदूत की ओर संकेत करता है जो संयुक्त राष्ट्र में भारत के मिशन का नेतृत्व करते हैं, पर इस बैठक में स्वास्थ्य से जुड़ा हस्तक्षेप मंत्रालय की ओर से आया। विकल्प घ उस संस्था के प्रमुख का नाम है जिसकी महामारी के दौरान बड़ी भूमिका रही, फिर भी इस बैठक में उन्होंने भाषण नहीं दिया। ऐसे प्रश्नों में पद को ध्यान से पढ़ना चाहिए, इसलिए बैठक, स्थान और वक्ता का पद तीनों साथ याद रखें।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

डब्ल्यूएचओ महामारी समझौते के संदर्भ में पीएबीएस का आशय क्या है?

  1. A.महामारी चेतावनी और जैवसुरक्षा प्रणाली
  2. B.जैविक नमूनों तक सार्वजनिक पहुंच
  3. C.रोगजनक पहुंच और लाभ साझाकरण
  4. D.तैयारी और बुनियादी निगरानी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रोगजनक पहुंच और लाभ साझाकरण

व्याख्या

सही उत्तर है रोगजनक पहुंच और लाभ साझाकरण। भारत का तर्क था कि समझौते की परख इसी बात से होगी कि यह प्रणाली कितनी निष्पक्ष है, अर्थात रोगजनक या जैविक संसाधन साझा करने वाले देश को बदले में टीके, निदान साधन, उपचार और अन्य प्रौद्योगिकियां समय पर मिलें और उसकी संप्रभुता बनी रहे। विकल्प क, विकल्प ख और विकल्प घ गढ़े हुए विस्तार हैं, जो स्वास्थ्य आपात स्थितियों की शब्दावली से एक-एक शब्द उठाकर भ्रम पैदा करते हैं, पर समझौते में प्रयुक्त शब्द यही नहीं हैं। यह भी याद रखें कि इस प्रणाली का अनुबंध अब भी वार्ता में है, भारत ने घोषणा-पत्र से उस वार्ता का परिणाम पहले से तय न करने को कहा, और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने वार्ता जल्द पूरी करने पर बल दिया।