निम्नलिखित में से किसे सीटेन कहा जाता है?
- A.हेक्साडेकेन
- B.हेप्टाडेकेन
- C.ऑक्टाडेकेन
- D.नोनाडेकेन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, हेक्साडेकेन। सीटेन n-हेक्साडेकेन, C16H34, का प्रचलित नाम है, जो सोलह कार्बन परमाणुओं वाला सीधी शृंखला का ऐल्केन है।
संपीडित करने पर सीटेन बहुत आसानी से जल उठता है और डीज़ल इंजन को ठीक यही चाहिए, क्योंकि डीज़ल ईंधन चिंगारी से नहीं, संपीडित हवा की गर्मी से जलता है। किसी ईंधन की सीटेन संख्या उसकी प्रज्वलन क्षमता की तुलना इसी मानक से करती है: शुद्ध सीटेन को 100 माना जाता है, जबकि पैमाने के निचले सिरे के लिए अल्फ़ा-मेथिलनैफ़थलीन या हेप्टामेथिलनोनेन लिया जाता है। ऊँची सीटेन संख्या का अर्थ है इंजेक्शन और प्रज्वलन के बीच कम देरी, इंजन का सुचारु और शांत चलना तथा ठंड में आसानी से चालू होना। डीज़ल के लिए यह वही काम करती है जो पेट्रोल के लिए ऑक्टेन संख्या।
विकल्प B गलत है, क्योंकि हेप्टाडेकेन में सत्रह कार्बन होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऑक्टाडेकेन में अठारह कार्बन होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि नोनाडेकेन में उन्नीस कार्बन होते हैं; इनमें से कोई मानक ईंधन नहीं है।
Exam tip: सीटेन (हेक्साडेकेन, 100) से डीज़ल की रेटिंग; आइसो-ऑक्टेन (100) और n-हेप्टेन (0) से पेट्रोल की।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक विद्युत तापन उपकरण के सिरों के बीच विभवांतर 40 V होता है, जब वह स्रोत से 2 A धारा लेता है। यदि विभव बढ़ाकर 140 V कर दिया जाए, तो तापन उपकरण द्वारा ली गई धारा का सही मान निम्नलिखित में से कौन-सा होगा?
- A.7 A
- B.5 A
- C.4 A
- D.2 A
उत्तर देखें
ओम के नियम से हीटर का प्रतिरोध 40 V को 2 A से भाग देने पर 20 ओम है, इसलिए 140 V पर यह 140 ÷ 20 यानी 7 A धारा लेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईंधनों की ऑक्टेन संख्या और सीटेन संख्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सीटेन संख्या गैसोलीन के लिए और ऑक्टेन संख्या डीज़ल के लिए प्रयुक्त होती है। 2. n-हेक्साडेकेन की ऑक्टेन संख्या 100 है और आइसोऑक्टेन की सीटेन संख्या 100 है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
दोनों कथन दोनों पैमानों को उलट देते हैं: ऑक्टेन संख्या पेट्रोल को और सीटेन संख्या डीज़ल को आँकती है, और इनके संदर्भ ईंधन भी उल्टे दिए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानव नेत्र से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.निकट-दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति के लिए दूर की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे फोकस होता है।
- B.निकट-दृष्टि दोष को अभिसारी चश्मे के लेंस से ठीक किया जा सकता है।
- C.दूर-दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति के लिए पास की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे फोकस होता है।
- D.दूर-दृष्टि दोष को अपसारी चश्मे के लेंस से ठीक किया जा सकता है।
उत्तर देखें
दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) में आँख पास की वस्तुओं को साफ़ नहीं देख पाती क्योंकि उनका प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब सूर्य का प्रकाश (श्वेत प्रकाश) त्रिभुजाकार काँच के प्रिज़्म पर पड़ता है, तो रंगों की एक पट्टी प्राप्त होती है जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। निम्नलिखित में से कौन इस प्रभाव को उचित रूप से दर्शाता है?
- A.परावर्तन
- B.विवर्तन
- C.अपवर्तन
- D.वर्ण-विक्षेपण
उत्तर देखें
प्रिज़्म द्वारा श्वेत प्रकाश का उसके सात घटक रंगों में बँट जाना वर्ण-विक्षेपण कहलाता है। श्वेत प्रकाश कई रंगों का मिश्रण है, और काँच हर रंग को अलग-अलग मात्रा में मोड़ता है क्योंकि उसका अपवर्तनांक तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अल्फा कण में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2 होती है।
- B.EDTA की उपसहसंयोजन संख्या 6 है।
- C.बीटा (β) कण का आवेश +2 होता है।
- D.कार्बन और सिलिकॉन दोनों आयनिक यौगिक बनाते हैं।
उत्तर देखें
EDTA एक षट्दंतुक (हेक्साडेंटेट) लिगैंड है: एक EDTA आयन छह दाता परमाणुओं से धातु आयन से जुड़ता है, इसलिए इसके संकुलों की उपसहसंयोजन संख्या 6 होती है।
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