निम्नलिखित में से किसने प्रकाश-विद्युत प्रभाव की परिघटना की व्याख्या की थी?
- A.मैक्स प्लांक
- B.अल्बर्ट आइंस्टीन
- C.नील्स बोर
- D.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अल्बर्ट आइंस्टीन। 1905 में आइंस्टीन ने प्रकाश को ऊर्जा के छोटे पैकेटों (जिन्हें बाद में फोटॉन कहा गया) से बना मानकर प्रकाश-विद्युत प्रभाव समझाया, और इसी कार्य के लिए उन्हें 1921 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।
प्रकाश-विद्युत प्रभाव में धातु की सतह पर पड़ने वाला प्रकाश उसमें से इलेक्ट्रॉन बाहर निकाल देता है। आइंस्टीन ने बताया कि हर फोटॉन की ऊर्जा hν होती है और इलेक्ट्रॉन तभी निकलता है जब यह ऊर्जा धातु के कार्य-फलन से अधिक हो। इसीलिए एक देहली आवृत्ति होती है, जिससे कम आवृत्ति पर प्रकाश कितना भी तेज हो, इलेक्ट्रॉन नहीं निकलते।
A गलत है, क्योंकि मैक्स प्लांक ने 1900 में कृष्णिका विकिरण समझाने के लिए ऊर्जा के क्वांटा का विचार दिया था; आइंस्टीन ने इसे प्रकाश पर लागू किया।
C गलत है, क्योंकि नील्स बोर ने निश्चित कक्षाओं वाला हाइड्रोजन परमाणु मॉडल दिया।
D गलत है, क्योंकि रदरफोर्ड ने स्वर्ण-पत्र प्रयोग से परमाणु नाभिक की खोज की।
Exam tip: आइंस्टीन का नोबेल प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए था, सापेक्षता के लिए नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम क्रमशः किस पर आधारित हैं?
- A.नाभिकीय संलयन और विखंडन
- B.विखंडन और तापनाभिकीय संलयन
- C.भूतापीय विखंडन और संलयन
- D.भूतापीय संलयन और विखंडन
उत्तर देखें
हाइड्रोजन बम हल्के हाइड्रोजन नाभिकों को जोड़ता है, जबकि यूरेनियम बम भारी यूरेनियम-235 नाभिकों को तोड़ता है। नाभिकीय विखंडन में यूरेनियम-235 जैसा भारी नाभिक एक न्यूट्रॉन सोखकर दो हल्के नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा तथा दो-तीन नए न्यूट्रॉन छोड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवृतबीजी पौधों के बीजांड में निम्नलिखित में से कौन-सी अगुणित कोशिका नहीं है?
- A.बीजांडकाय (न्यूसेलस)
- B.सहायक कोशिका
- C.अंड
- D.प्रतिमुखी कोशिका
उत्तर देखें
बीजांडकाय यानी न्यूसेलस बीजांड का अपना द्विगुणित ऊतक है, जबकि सहायक कोशिकाएँ, अंड और प्रतिमुखी कोशिकाएँ भ्रूणकोष की अगुणित कोशिकाएँ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक द्विध्रुवी संधि ट्रांजिस्टर में
- A.तीनों क्षेत्रों (उत्सर्जक, आधार और संग्राहक) में अशुद्धि की सांद्रता बराबर होती है
- B.उत्सर्जक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- C.संग्राहक में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
- D.आधार में अशुद्धि की सांद्रता सबसे कम होती है
उत्तर देखें
आधार को पतला और हल्का अपमिश्रित रखा जाता है ताकि उत्सर्जक से आए अधिकांश आवेश वाहक उसे पार कर संग्राहक तक पहुँच जाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रकाशिक उपकरण बनाने में निम्नलिखित में से किस प्रकार के काँच का प्रयोग होता है?
- A.पाइरेक्स काँच
- B.मृदु काँच
- C.कठोर काँच
- D.फ्लिंट काँच
उत्तर देखें
फ्लिंट काँच में लेड ऑक्साइड होता है, जिससे इसका अपवर्तनांक ऊँचा और पारदर्शिता अच्छी होती है, इसलिए यह प्रकाशिक उपकरणों के लेंस और प्रिज़्म में लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाइसोसोम निम्नलिखित में से किस कोशिकांग से बनता है?
- A.केंद्रक
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका
- C.गॉल्जी काय
- D.राइबोसोम
उत्तर देखें
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण से छोटी झिल्लीदार थैलियों के रूप में अलग होते हैं, जिनमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं। लाइसोसोम के जल-अपघटक एंजाइम पहले खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका से जुड़े राइबोसोम पर बनते हैं।
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